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Kaithal News: बात्ता की गलियों में पानी बना सिरदर्द
Thu, 07 Aug 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 07 Aug 2025 01:07 AM IST
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44 कलायत: गंदे पानी से लबालब गांव बात्ता की गली में विरोध प्रदर्शन करते लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। उपमंडल के गांव बात्ता लोहड़ी आल पट्टी की एक मुख्य गली में पिछले तीन वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह गली गांव को सजूमा रोड और श्मशान घाट से जोड़ती है, लेकिन लगातार जलभराव के कारण यह गली अब तालाब जैसी दिखाई देने लगी है। यहां से गुजरने वाले लोगों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ता है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
श्यामलाल, जोगीराम, पप्पू राणा, कर्मपाल, रामनिवास, ओमप्रकाश, मांगा, राजू, ईश्वर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय पंचायत को अवगत करा
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चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गली में पानी का स्तर इतना बढ़ जाता है कि न तो पैदल चलना संभव होता है और न ही वाहन निकल पाते हैं। वहीं, गंदे पानी में पनप रहे मच्छर-मक्खियां संक्रामक बीमारियों को जन्म दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो वे भारी संख्या में कैथल डीसी कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए वे स्थानीय विभागीय अधिकारियों को पूर्ण रूप से जिम्मेदार ठहराएंगे।
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कलायत। उपमंडल के गांव बात्ता लोहड़ी आल पट्टी की एक मुख्य गली में पिछले तीन वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह गली गांव को सजूमा रोड और श्मशान घाट से जोड़ती है, लेकिन लगातार जलभराव के कारण यह गली अब तालाब जैसी दिखाई देने लगी है। यहां से गुजरने वाले लोगों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ता है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
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श्यामलाल, जोगीराम, पप्पू राणा, कर्मपाल, रामनिवास, ओमप्रकाश, मांगा, राजू, ईश्वर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय पंचायत को अवगत करा
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चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गली में पानी का स्तर इतना बढ़ जाता है कि न तो पैदल चलना संभव होता है और न ही वाहन निकल पाते हैं। वहीं, गंदे पानी में पनप रहे मच्छर-मक्खियां संक्रामक बीमारियों को जन्म दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो वे भारी संख्या में कैथल डीसी कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए वे स्थानीय विभागीय अधिकारियों को पूर्ण रूप से जिम्मेदार ठहराएंगे।