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Kaithal News: शिक्षक थे, शरीर दान सिखा गए
Wed, 04 Dec 2024 12:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 04 Dec 2024 12:54 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरकेएसडी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर प्रो. सूरज नारायण का निधन हो गया। बाद में उनके परिजनों ने उनकी इच्छानुसार उनका शरीर पीजीआई को दान कर दिया। वह शिक्षक थे, लोगों को शरीर दान कर सिखा गए।
सेवा संघ के सदस्यों ने मंगलवार सुबह डॉ. शाह अस्पताल में स्व. प्रो. सूरज नारायण मंगला के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। मौके पर उनके सपुत्र राजेश मंगला व तीन बेटियां ओर उनके दामाद, पौते व परिवार अन्य भी मौजूद रहे।
सेवासंघ के संस्थापक एवं प्रधान डॉ. पाहवा ने बताया कि सोमवार को उनका निधन हो गया था। परिवार की सहमति से स्व. मंगला के पार्थिव देह को सेवा संघ द्वारा एमबुलेंस में कैथल से पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया जहां उनके सपुत्र राजेश मंगला के नेतृत्व में उनके पारिवारिक सदस्यों व सेवा संघ के संस्थापक एवं प्रधान डॉ. शिव शंकर पाहवा ने विधिवत विभाग को सौपा। इससे पूर्व सेवा संघ नेत्र बैंक द्वारा नेत्र दान की प्रक्रिया को पूरा किया गया। डॉ. दीपक गर्ग, सचिन धमीजा, मदन खुराना ने यह सेवा निभाई।
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वहीं आरकेएसडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय गोयल ने बताया कि स्व. प्रो. सूरज नारायण मंगला का जन्म सन 1938 को हुआ था ओर 1969 से लकेर 1995 तक वे
आरकेएसडी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर रहे। 1995 में वह सेवानिवृत हुए। सेवानिवृत के लगभग 30 वर्ष तक व जीवित रहे। ओर सेवानिवृत के बाद भी उन्होने टीचिंग व शिक्षा के प्रति कार्य करने में लगाया। सेवानिवृत के बाद भी कैथल में ही रहना पसंद किया था। संजय गोयल ने बताया कि
कैथल में आने से पहले शायद वे संपादक भी रहे। उनके पुत्र
राजेश मंगला एक रिटार्यड अधिकारी व तीन बेटियां हैं। एक बेटी आरकेएसडी कॉलेज में प्रो.
डॉ. गीता बिंदल हैं। सभी दिल्ली में रहते हैं।
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कैथल। आरकेएसडी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर प्रो. सूरज नारायण का निधन हो गया। बाद में उनके परिजनों ने उनकी इच्छानुसार उनका शरीर पीजीआई को दान कर दिया। वह शिक्षक थे, लोगों को शरीर दान कर सिखा गए।
सेवा संघ के सदस्यों ने मंगलवार सुबह डॉ. शाह अस्पताल में स्व. प्रो. सूरज नारायण मंगला के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। मौके पर उनके सपुत्र राजेश मंगला व तीन बेटियां ओर उनके दामाद, पौते व परिवार अन्य भी मौजूद रहे।
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सेवासंघ के संस्थापक एवं प्रधान डॉ. पाहवा ने बताया कि सोमवार को उनका निधन हो गया था। परिवार की सहमति से स्व. मंगला के पार्थिव देह को सेवा संघ द्वारा एमबुलेंस में कैथल से पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया जहां उनके सपुत्र राजेश मंगला के नेतृत्व में उनके पारिवारिक सदस्यों व सेवा संघ के संस्थापक एवं प्रधान डॉ. शिव शंकर पाहवा ने विधिवत विभाग को सौपा। इससे पूर्व सेवा संघ नेत्र बैंक द्वारा नेत्र दान की प्रक्रिया को पूरा किया गया। डॉ. दीपक गर्ग, सचिन धमीजा, मदन खुराना ने यह सेवा निभाई।
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वहीं आरकेएसडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय गोयल ने बताया कि स्व. प्रो. सूरज नारायण मंगला का जन्म सन 1938 को हुआ था ओर 1969 से लकेर 1995 तक वे
आरकेएसडी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर रहे। 1995 में वह सेवानिवृत हुए। सेवानिवृत के लगभग 30 वर्ष तक व जीवित रहे। ओर सेवानिवृत के बाद भी उन्होने टीचिंग व शिक्षा के प्रति कार्य करने में लगाया। सेवानिवृत के बाद भी कैथल में ही रहना पसंद किया था। संजय गोयल ने बताया कि
कैथल में आने से पहले शायद वे संपादक भी रहे। उनके पुत्र
राजेश मंगला एक रिटार्यड अधिकारी व तीन बेटियां हैं। एक बेटी आरकेएसडी कॉलेज में प्रो.
डॉ. गीता बिंदल हैं। सभी दिल्ली में रहते हैं।