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Kaithal News: गांव भूना के ग्रामीणों ने डीसी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
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उपायुक्त से मुलाकात के बाद मामले की जानकारी देते ग्रामीण। सोशल मीडिया
गुहला-चीका। भूना गांव की पंचायती जमीन के लिए विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त अपराजिता से मिला और पंचायती जमीन पर कथित कब्जे व फर्जीवाड़े की शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों ने पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर और उनके परिवार पर पंचायत की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितता और गलत तरीके से रसीद कटवाने के आरोप लगाए। ग्रामीणों सुरेंद्र सिंह, सोनूराम, परमेश्वरी देवी, रोहताश, सुनील और ओमप्रकाश का कहना है कि जिस दिन की बोली का हवाला दिया जा रहा है, उस दिन गांव में कोई बोली नहीं हुई थी।
उनका दावा है कि उस समय न तो पूर्व विधायक की माता और न ही परिवार का कोई सदस्य मौके पर मौजूद था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व विधायक की माता के दस्तावेज गांव कल्लर माजरा के हैं, इसके बावजूद उनके नाम से सरपंच पर दबाव बनाकर रसीद कटवाई गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में 24 जुलाई को उनकी शिकायत पर एडीसी कैथल पहले ही जांच के आदेश दे चुके हैं। इसके बाद 29 जुलाई को ग्रामीण चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिलकर शिकायत सौंप चुके हैं। अब न्याय की उम्मीद में उन्होंने उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं उपायुक्त अपराजिता ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
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सभी आरोप निराधार हैं। कुछ लोग राजनीतिक कारणों से उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। किसी भी जमीन पर अवैध कब्जा नहीं किया और पंचायत की बोली नियमानुसार हुई है।
- कुलवंत बाजीगर, पूर्व विधायक, गुहला।
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ग्रामीणों ने पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर और उनके परिवार पर पंचायत की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितता और गलत तरीके से रसीद कटवाने के आरोप लगाए। ग्रामीणों सुरेंद्र सिंह, सोनूराम, परमेश्वरी देवी, रोहताश, सुनील और ओमप्रकाश का कहना है कि जिस दिन की बोली का हवाला दिया जा रहा है, उस दिन गांव में कोई बोली नहीं हुई थी।
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उनका दावा है कि उस समय न तो पूर्व विधायक की माता और न ही परिवार का कोई सदस्य मौके पर मौजूद था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व विधायक की माता के दस्तावेज गांव कल्लर माजरा के हैं, इसके बावजूद उनके नाम से सरपंच पर दबाव बनाकर रसीद कटवाई गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में 24 जुलाई को उनकी शिकायत पर एडीसी कैथल पहले ही जांच के आदेश दे चुके हैं। इसके बाद 29 जुलाई को ग्रामीण चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिलकर शिकायत सौंप चुके हैं। अब न्याय की उम्मीद में उन्होंने उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं उपायुक्त अपराजिता ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
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सभी आरोप निराधार हैं। कुछ लोग राजनीतिक कारणों से उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। किसी भी जमीन पर अवैध कब्जा नहीं किया और पंचायत की बोली नियमानुसार हुई है।
- कुलवंत बाजीगर, पूर्व विधायक, गुहला।

उपायुक्त से मुलाकात के बाद मामले की जानकारी देते ग्रामीण। सोशल मीडिया