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किशोरावस्था में सतर्कता-सावधानी जरूरी : अनिल
Sat, 24 May 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 24 May 2025 12:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्य स्तरीय परियोजना बाल सलाह, परामर्श व कल्याण केंद्र के आह्वान पर शुक्रवार को पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कांगथली में किशोर सशक्तीकरण एवं सामाजिक परिवेश की समझ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की।
उन्होंने कहा कि किशोर सशक्तिकरण एक व्यक्तिगत यात्रा है, जिसके दौरान शिक्षा, आलोचनात्मक जागरूकता, उपलब्ध संसाधन व अन्य ऐसेट्स के माध्यम से एक किशोर अपने अधिकारों और अपने सामाजिक परिवेश में उपलब्ध अवसरों के बारे में स्पष्ट समझ रखता है। एक किशोर सही मायने में सशक्त तब होगा, जब वह उम्र के इस दौर में सुरक्षित, सुदृढ़, आत्मसम्मान से परिपूर्ण होगा। बाल यौन शोषण की घटनाएं न हों इसके लिए जागरूकता के साथ सतर्कता और सावधानी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर मानसिक स्वास्थ्य खराब है, तो वर्तमान व भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य जरूरी है।
कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता करते हुए जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान व प्राचार्य डॉ. प्रद्युम्न भल्ला ने कहा कि किशोर मन स्थिति को संभालना तथा उचित मार्गदर्शन करना जरूरी है। कार्यक्रम में विशेष रूप से परामर्शदाता व आजीवन सदस्यों में ज्ञानचंद भल्ला, शिव शंकर पाहवा, नीरज कुमार, अंग्रेजी प्रवक्ता सतबीर कश्यप, ऋषि, मनीष आदि मौजूद रहे।
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सीवन। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्य स्तरीय परियोजना बाल सलाह, परामर्श व कल्याण केंद्र के आह्वान पर शुक्रवार को पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कांगथली में किशोर सशक्तीकरण एवं सामाजिक परिवेश की समझ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की।
उन्होंने कहा कि किशोर सशक्तिकरण एक व्यक्तिगत यात्रा है, जिसके दौरान शिक्षा, आलोचनात्मक जागरूकता, उपलब्ध संसाधन व अन्य ऐसेट्स के माध्यम से एक किशोर अपने अधिकारों और अपने सामाजिक परिवेश में उपलब्ध अवसरों के बारे में स्पष्ट समझ रखता है। एक किशोर सही मायने में सशक्त तब होगा, जब वह उम्र के इस दौर में सुरक्षित, सुदृढ़, आत्मसम्मान से परिपूर्ण होगा। बाल यौन शोषण की घटनाएं न हों इसके लिए जागरूकता के साथ सतर्कता और सावधानी जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि अगर मानसिक स्वास्थ्य खराब है, तो वर्तमान व भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य जरूरी है।
कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता करते हुए जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान व प्राचार्य डॉ. प्रद्युम्न भल्ला ने कहा कि किशोर मन स्थिति को संभालना तथा उचित मार्गदर्शन करना जरूरी है। कार्यक्रम में विशेष रूप से परामर्शदाता व आजीवन सदस्यों में ज्ञानचंद भल्ला, शिव शंकर पाहवा, नीरज कुमार, अंग्रेजी प्रवक्ता सतबीर कश्यप, ऋषि, मनीष आदि मौजूद रहे।
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