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तितरम मोड़ से राजौंद तक सड़क पर हिचकोले खा रहे वाहन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 01:00 AM IST
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Vehicles hesitating on the road from Titram Mor to Rajound
03-कैथल। सड़क की उखड़ी पड़ी बजरी। - फोटो : Kaithal
कैथल। कैथल के तितरम मोड़ से राजौंद तक खस्ताहाल सड़क दुरुस्त करने के राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के निर्देश के बावजूद सड़क पर वाहन हिचकोले खा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि 20 किलोमीटर की स्पीड से भी गाड़ी नहीं चला सकते। फिलहाल पैचवर्क से सड़क दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है लेकिन लोग इससे संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि गड्ढों में बजरी इस तरह से डाली जा रही हैं कि यह दो-चार दिन में उखड़ जाएगी। दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि सड़क को हफ्ते भर में दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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राजौंद से तितरम मोड़ तक सड़क को करीब तीन साल पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया था। जिस एजेंसी ने इसे बनाया था, उसकी जिम्मेदारी की अवधि अभी पूरी नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि सड़क खराब होने पर कामचलाऊ पैचवर्क कर पल्ला झाड़ दिया जाता है। कुछ दिनों के बाद सड़क की हालत फिर खराब हो जाती है। यहां से रोजाना गुजरने वाले बलवान सिंह कोटड़ा ने बताया कि खराब सड़क की वजह से गाड़ी की हालत खस्ता हो गई है। जो टांकियां (पैचवर्क) लगाई जाती है, वह जल्द उखड़ जाती है। महज दो दिन से टांकियां लगाने का काम शुरू किया है लेकिन यह कारगर नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले की तरह से गड्डों में बजरी डाली जा रही है। बिना किसी रोड रोलर व दबाव के। यह दो-चार दिन में फिर उखड़ जाएगी।
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इसी प्रकार से आस-पास के गांवों के लोगों मनोज किच्छाना, बब्लू किच्छाना, बहादुर राविश, कर्ण सिंह जाखौली, फूल सिंह कादियान, मनोज चहल, राजा जाखौली ने बताया कि यह सड़क कैथल से दिल्ली के लिए शॉर्ट कट है। इस कारण पटियाला सहित कैथल जिले से बहुत से लोग यहीं से दिल्ली जाते हैं। इसके अलावा राजौंद व कई दर्जन गांवों को यह सड़क जिला मुख्यालय से जोड़ती है। किच्छाना, नरवल, कोटड़ा, नीमवाला, सेरहधा, जाखौली, देवबन आदि गांवों के लोगों का यहां से आना-जाना रहता है। सड़क की खस्ताहालत का खामियाजा सभी लोगों को भुगतना पड़ता है। लोगों को समय व वाहनों में होने वाली टूट-फूट का नुकसान हो रहा है। बार-बार लोग मांग करते हैं, बार-बार टांकियां लगाई जाती हैं। वह फिर उखड़ जाती हैं। यदि एक बार में सड़क को ठीक से बनाया जाए, तो ज्यादा बेहतर रहेगा।
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सड़क की हालत
तितरम मोड़ से देवबन कैंची चौक तक, उससे आगे जाखौली व किच्छाना कूई तक सड़क की हालत ज्यादा खस्ता है। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे गुजरने वाले राहगीर और वाहन सवार सफर से परेशान हो जाते हैं।
क्या हुआ था...
राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने राजौंद में आयोजित एक कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर हफ्ते भर में कैथल के तितरम मोड़ से राजौंद तक खस्ताहाल सड़क को दुरस्त करने के निर्देश दिए थे। इस बात को लगभग 15 दिन बीत चुके हैं लेकिन सड़क पर वाहन हिचकोले खा रहे हैं। शिकायत पर अधिकारी एक सप्ताह में इन गड्ढों को भरने की बात कह रहे हैं।

राजौंद से तितरम मोड तक सड़क में जगह-जगह गड्ढे होने पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को इन्हें भरने के निर्देश दिए गए थे। इस पर राजौंद की आरे से काम शुरू हो गया है। एक सप्ताह में सभी पैच लगा दिए जाएंगे। काम की गुणवत्ता की कोई शिकायत है तो उसे भी दूर किया जाएगा।
कमलेश ढांडा, राज्यमंत्री
अधिकारियों से सीधी बातचीत
तितरम मोड से राजौंद सडक़ की खस्ताहालत में कब सुधार आएगा?
मेरे पास तितरम मोड से देवबन कैंची चौक तक का टुकड़ा है। उसमें टांकिंया लगवा दी गई हैं। -केसी पठानिया, एक्सईएन
एक्सईएन वरुण कंसल
तितरम मोड से देवबन तक सडक़ को राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने एक सप्ताह में ठीक करवाने के निर्देश दिए थे। अब तक सडक़ खराब है?
उत्तर-सड़क पर टांकियां लगाई जा रही हैं। एक सप्ताह में सड़क की हालत ठीक कर दी जाएगी।
प्रश्र-करोड़ों रुपये की लागत से यह सड़क बनाई गई थी। क्या कारण है कि यह बार-बार टूट रही है? करोड़ों रुपये लगाए जाने का क्या फायदा?
उत्तर-संभावना यह है कि इस सड़क के आस-पास के एरिया में भू-जलस्तर ऊंचा है। यह पता लगाया जाएगा। फिल्हाल सड़क को ठीक करवाया जा रहा है।
प्रश्र-जिस एजेंसी ने सड़क बनाई थी, उसकी जिम्मेदारी रिपेयर की बनती है। फिर बार-बार सड़क क्यों टूट रही है?
उत्तर-एजेंसी से ही यह काम करवाया जा रहा है। जब तक एजेंसी की जिम्मेदारी की अवधि है, तब तक उसे ही इसे ठीक करना होगा।
प्रश्र-लोगों का आरोप है कि गड्ढों में बजरी ऐसे डाल दी जाती है कि वह फिर निकल जाती है। किसी रोड रोलर या बिना दबाव के टांकिंया कैसे टिकेंगी?
उत्तर-ऐसा नहीं है, काम पूरा होने के बाद देखिएगा। सड़क पूरी तरह से ठीक करवा दी जाएगी।
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