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Kaithal News: बेकाबू काला पीलिया, बढ़ी चिंता
Sat, 07 Dec 2024 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 07 Dec 2024 01:16 AM IST
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कमल बहल
कैथल। जिले में अब काला पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बेकाबू हो रहे इस रोग के चलते पिछले दो माह में हेपेटाइटिस बी व सी के 250 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। केस बढ़ने के बाद कि जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या भी 400 के करीब बताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सर्दी के मौसम में बीमारियों के बढ़ने और इस दौरान सिरिंज का अधिक प्रयोग होने की स्थिति में नवंबर से लेकर जनवरी माह तक काला पीलिया के सैंपलों की संख्या बढ़ जाती है।
वहीं, अब जिले में ही सैंपलों की जांच होने के बाद समय पर रिपोर्ट आने से भी मरीजों को फायदा हो रहा है, क्योंकि उन्हें सैंपल देने के बाद बीमारी का सही ढंग से पता चल पाता है।
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प्रदेश में काला पीलिया के मरीजों की संख्या है सबसे अधिक ः प्रदेश में फतेहाबाद इस बीमारी के मरीजों के संदर्भ में अव्वल नंबर पर है। वहीं, जिले का दूसरा स्थान है। जिले में काला पीलिया के सबसे अधिक मामले में राजौंद व गुहला क्षेत्र में है। अब स्थानीय स्तर पर ही सैंपल लेने की प्रकिया शुरू होने के बाद मरीजों को इसकी रिपोर्ट जल्द मिल पा रही है। सैंपल लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, वीरवार और शुक्रवार तय किए हैं। हालांकि पहले दिल्ली और पंचकूला में सैंपलों को भेजा जाता था। इसके बाद करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में सैंपल भेजे जाते थे।
गौरतलब है कि काला पीलिया के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच से लेकर दवाएं निशुल्क दी जाती हैं। ओपीडी में रोजाना सात से आठ नए मरीज सामने आ रहे हैं। लक्षण नजर आने के बाद कूपन देकर सैंपल लिया जाता है। रिपोर्ट में काला पीलिया की पुष्टि होने के बाद इलाज शुरू किया जाता है।
सैंपल किट न मिलने के कारण पहले दिल्ली और पंचकूला व करनाल से ही काला पीलिया के मरीजों की जांच करवाई जाती थी। अब सरकार ने कैथल में भी सैंपल किट दे दी है। इसके बाद अब कलायत स्थित लैब से काला पीलिया की जांच हो रही है। इस समय सैंपल की संख्या अधिक होने के चलते मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लोगों को काला पीलिया को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है।
- डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल
ये हैं काला पीलिया के लक्षण
n
लगातार बुखार होना।
n
लगातार त्वचा, आंखों में पीलापन रहना।
n
थकान रहना और भूख नहीं लगना।
n
ज्यादा उल्टी आना।
n
वजन कम होना और पेट में दर्द रहना।
पंजीकृत मरीजों की संख्या करीब 14 हजार
इस समय पूरे जिले में काला पीलिया के पंजीकृत मरीजों की संख्या करीब 14 हजार है। इस समय जिले में करीब 400 सक्रिय मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बीमारी के संदर्भ में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन मशक्कत के बावजूद इसके केस लगातार बढ़ रहे हैं।
ये बरतें सावधानी
यदि किसी परिवार का सदस्य हेपेटाइटिस संक्रमित है तो उन्हें सावधान रहने की आवश्यकता है। संक्रमित व्यक्ति के सामान का इस्तेमाल करने से परहेज करें। साथ ही उसका झूठा खाना भी नहीं खाना चाहिए।
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कैथल। जिले में अब काला पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बेकाबू हो रहे इस रोग के चलते पिछले दो माह में हेपेटाइटिस बी व सी के 250 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। केस बढ़ने के बाद कि जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या भी 400 के करीब बताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सर्दी के मौसम में बीमारियों के बढ़ने और इस दौरान सिरिंज का अधिक प्रयोग होने की स्थिति में नवंबर से लेकर जनवरी माह तक काला पीलिया के सैंपलों की संख्या बढ़ जाती है।
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वहीं, अब जिले में ही सैंपलों की जांच होने के बाद समय पर रिपोर्ट आने से भी मरीजों को फायदा हो रहा है, क्योंकि उन्हें सैंपल देने के बाद बीमारी का सही ढंग से पता चल पाता है।
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प्रदेश में काला पीलिया के मरीजों की संख्या है सबसे अधिक ः प्रदेश में फतेहाबाद इस बीमारी के मरीजों के संदर्भ में अव्वल नंबर पर है। वहीं, जिले का दूसरा स्थान है। जिले में काला पीलिया के सबसे अधिक मामले में राजौंद व गुहला क्षेत्र में है। अब स्थानीय स्तर पर ही सैंपल लेने की प्रकिया शुरू होने के बाद मरीजों को इसकी रिपोर्ट जल्द मिल पा रही है। सैंपल लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, वीरवार और शुक्रवार तय किए हैं। हालांकि पहले दिल्ली और पंचकूला में सैंपलों को भेजा जाता था। इसके बाद करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में सैंपल भेजे जाते थे।
गौरतलब है कि काला पीलिया के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच से लेकर दवाएं निशुल्क दी जाती हैं। ओपीडी में रोजाना सात से आठ नए मरीज सामने आ रहे हैं। लक्षण नजर आने के बाद कूपन देकर सैंपल लिया जाता है। रिपोर्ट में काला पीलिया की पुष्टि होने के बाद इलाज शुरू किया जाता है।
सैंपल किट न मिलने के कारण पहले दिल्ली और पंचकूला व करनाल से ही काला पीलिया के मरीजों की जांच करवाई जाती थी। अब सरकार ने कैथल में भी सैंपल किट दे दी है। इसके बाद अब कलायत स्थित लैब से काला पीलिया की जांच हो रही है। इस समय सैंपल की संख्या अधिक होने के चलते मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लोगों को काला पीलिया को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है।
- डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल
ये हैं काला पीलिया के लक्षण
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लगातार बुखार होना।
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लगातार त्वचा, आंखों में पीलापन रहना।
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थकान रहना और भूख नहीं लगना।
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ज्यादा उल्टी आना।
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वजन कम होना और पेट में दर्द रहना।
पंजीकृत मरीजों की संख्या करीब 14 हजार
इस समय पूरे जिले में काला पीलिया के पंजीकृत मरीजों की संख्या करीब 14 हजार है। इस समय जिले में करीब 400 सक्रिय मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बीमारी के संदर्भ में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन मशक्कत के बावजूद इसके केस लगातार बढ़ रहे हैं।
ये बरतें सावधानी
यदि किसी परिवार का सदस्य हेपेटाइटिस संक्रमित है तो उन्हें सावधान रहने की आवश्यकता है। संक्रमित व्यक्ति के सामान का इस्तेमाल करने से परहेज करें। साथ ही उसका झूठा खाना भी नहीं खाना चाहिए।