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Kaithal News: स्योंसर जंगल में बनाए जाएंगे दो सरस्वती सरोवर
Fri, 01 Aug 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 01 Aug 2025 01:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। सरस्वती धारा को पुनर्जीवित करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरस्वती बोर्ड स्योंसर जंगल में लगभग 70 एकड़ क्षेत्र में दो सरस्वती सरोवर बनाएगा। इस परियोजना को वन विभाग और वाइल्ड लाइफ विभाग के सहयोग से अंजाम दिया जाएगा।
वीरवार को सरस्वती बोर्ड, वन विभाग और वाइल्ड लाइफ टीम ने संयुक्त रूप से चिह्नित स्थलों का सर्वेक्षण किया। सरस्वती बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि सरोवर निर्माण के साथ-साथ जंगल सफारी के लिए मार्ग भी चिह्नित किए गए हैं, ताकि आम लोग जंगल के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ यहां रहने वाले पशु-पक्षियों और प्रवासी पक्षियों को भी नजदीक से देख सकें।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल वन्य जीवों को जल स्रोत उपलब्ध होंगे, बल्कि जंगल की हरियाली भी बनी रहेगी। सरोवर बनने के बाद प्रवासी पक्षियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूक करने का अवसर मिलेगा। धुम्मन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के तहत राज्य में अधिक से अधिक जलाशयों (वाटर बॉडी) का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार हो और पशु-पक्षियों को प्राकृतिक रूप से जल स्रोत मिल सकें। अभी तक सरस्वती बोर्ड द्वारा लगभग 15 वाटर बॉडी विकसित की जा चुकी हैं।
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इस अवसर पर वाइल्ड लाइफ निदेशक मुकेश वर्मा, इंस्पेक्टर बीएस मेहरा, वन विभाग के जिला अधिकारी सुख प्रसाद तथा सरस्वती बोर्ड के एसई अरविंद कौशिक भी मौजूद रहे।
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सीवन। सरस्वती धारा को पुनर्जीवित करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरस्वती बोर्ड स्योंसर जंगल में लगभग 70 एकड़ क्षेत्र में दो सरस्वती सरोवर बनाएगा। इस परियोजना को वन विभाग और वाइल्ड लाइफ विभाग के सहयोग से अंजाम दिया जाएगा।
वीरवार को सरस्वती बोर्ड, वन विभाग और वाइल्ड लाइफ टीम ने संयुक्त रूप से चिह्नित स्थलों का सर्वेक्षण किया। सरस्वती बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि सरोवर निर्माण के साथ-साथ जंगल सफारी के लिए मार्ग भी चिह्नित किए गए हैं, ताकि आम लोग जंगल के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ यहां रहने वाले पशु-पक्षियों और प्रवासी पक्षियों को भी नजदीक से देख सकें।
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उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल वन्य जीवों को जल स्रोत उपलब्ध होंगे, बल्कि जंगल की हरियाली भी बनी रहेगी। सरोवर बनने के बाद प्रवासी पक्षियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूक करने का अवसर मिलेगा। धुम्मन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के तहत राज्य में अधिक से अधिक जलाशयों (वाटर बॉडी) का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार हो और पशु-पक्षियों को प्राकृतिक रूप से जल स्रोत मिल सकें। अभी तक सरस्वती बोर्ड द्वारा लगभग 15 वाटर बॉडी विकसित की जा चुकी हैं।
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इस अवसर पर वाइल्ड लाइफ निदेशक मुकेश वर्मा, इंस्पेक्टर बीएस मेहरा, वन विभाग के जिला अधिकारी सुख प्रसाद तथा सरस्वती बोर्ड के एसई अरविंद कौशिक भी मौजूद रहे।