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Kaithal News: कैलरम व चूहड़माजरा में तैनात किए दो ड्रोन
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खेतों में ड्रोन उड़ान के समय मौजूद कृषि विभाग व कंपनी के अधिकारी। संवाद
कैथल। धान की कटाई के साथ फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। अब खेतों पर सैटेलाइट के साथ ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी। जिले के रेड जोन में शामिल कलायत के गांव कैलरम और येलो जोन के ढांड ब्लॉक के गांव चूहड़माजरा में दो ड्रोन तैनात किए गए हैं।
ड्रोन की मदद से उन स्थानों पर भी आग लगने की घटनाओं का पता लगाने का प्रयास होगा, जहां सैटेलाइट से तत्काल लोकेशन नहीं मिल पाती। विभाग का उद्देश्य किसानों पर कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि आग लगाने से पहले ही उन्हें रोकना है। पिछले सीजन में जिले में फसल अवशेष जलाने की कुल 72 घटनाएं सामने आई थीं।
इन घटनाओं के आधार पर गांवों को ग्रीन, येलो और रेड जोन में बांटा गया है। शून्य से दो लोकेशन वाले गांव ग्रीन, दो से पांच वाले येलो और पांच से अधिक लोकेशन वाले गांव रेड जोन में रखे गए हैं। पिछले सीजन में जिले के 16 गांव येलो जोन में थे जबकि कैलरम रेड जोन में रहा। कैलरम में आठ और चूहड़ माजरा में पांच आग लगाने की घटनाओं की लोकेशन मिली थीं। इसी आधार पर दोनों गांवों को विशेष निगरानी के लिए चुना गया है।
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दिन में दो बार खेतों के ऊपर से गुजरेगा ड्रोन : दोनों ड्रोन रोजाना दो उड़ान भरेंगे। पहली उड़ान दोपहर करीब एक बजे और दूसरी शाम चार बजे होगी। प्रत्येक उड़ान करीब एक घंटे की रहेगी। एक ड्रोन एक उड़ान में लगभग दो वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा। इस तरह दोनों ड्रोन मिलकर रोज करीब चार वर्ग किमी क्षेत्र की निगरानी करेंगे। संवाद
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ड्रोन की मदद से उन स्थानों पर भी आग लगने की घटनाओं का पता लगाने का प्रयास होगा, जहां सैटेलाइट से तत्काल लोकेशन नहीं मिल पाती। विभाग का उद्देश्य किसानों पर कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि आग लगाने से पहले ही उन्हें रोकना है। पिछले सीजन में जिले में फसल अवशेष जलाने की कुल 72 घटनाएं सामने आई थीं।
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इन घटनाओं के आधार पर गांवों को ग्रीन, येलो और रेड जोन में बांटा गया है। शून्य से दो लोकेशन वाले गांव ग्रीन, दो से पांच वाले येलो और पांच से अधिक लोकेशन वाले गांव रेड जोन में रखे गए हैं। पिछले सीजन में जिले के 16 गांव येलो जोन में थे जबकि कैलरम रेड जोन में रहा। कैलरम में आठ और चूहड़ माजरा में पांच आग लगाने की घटनाओं की लोकेशन मिली थीं। इसी आधार पर दोनों गांवों को विशेष निगरानी के लिए चुना गया है।
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दिन में दो बार खेतों के ऊपर से गुजरेगा ड्रोन : दोनों ड्रोन रोजाना दो उड़ान भरेंगे। पहली उड़ान दोपहर करीब एक बजे और दूसरी शाम चार बजे होगी। प्रत्येक उड़ान करीब एक घंटे की रहेगी। एक ड्रोन एक उड़ान में लगभग दो वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा। इस तरह दोनों ड्रोन मिलकर रोज करीब चार वर्ग किमी क्षेत्र की निगरानी करेंगे। संवाद