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Kaithal News: लाखों ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार
Sun, 09 Mar 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 09 Mar 2025 01:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अमेरिका भेजने के नाम पर लाखों रुपये ठगी मामले में इकनॉमिक सैल ने दो आरोपी काबू किए हैं। दोनों को अदालत में पेश कर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। इनमें असंध जिला करनाल निवासी आरोपी हर्ष प्रताप व वेस्ट दिल्ली निवासी अजीत सिंह उर्फ बोबी शामिल हैं। दोनों को इकनॉमिक सेल के एएसआई सुरेंद्र सिंह की टीम ने दबोचा।
कुराड़ निवासी राकेश ने शिकायत दी थी कि वह एक साल पहले वह किसी शादी समारोह में असंध गया था। वहां उसकी पहचान असंध निवासी हर्ष प्रताप से हो गई। इसके बाद उनकी फोन से भी बातचीत होती रहती थी।
हर्ष ने बताया कि वह विदेश भेजने का कार्य करता है। उसने मुझे सलाह दी कि अमेरिका जाने के लिए वैध तरीके से ऑफर आया हुआ है। उसके बाद उसने बताया कि वह यहां से उसको गुयाना देश का वीजा दिलाएगा और गुयाना से मेक्सिको का वीजा लगावाएगा। आगे मेक्सिको से अमेरिका के मेन गेट से अंदर प्रवेश करवाएगा। उसने कहा कि इसके लिए 40 लाख खर्च आएगा। कुछ दिन बाद उसने परिवार से सलाह कर हर्ष को घर बुलाया। तब 40 लाख में वैध तरीके से अमेरिका भेजने की बात हुई।
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उसने पासपोर्ट और दो लाख रुपये अगस्त 2024 में हर्ष प्रताप को दिए। चार सितंबर 2024 को उसका गुयाना देश का वीजा आया। फिर आरोपी ने उससे दो लाख रुपये अजीत सिंह उर्फ बोबी के खाते में डलवा लिए। अजीत भी हर्ष प्रताप के साथ मिलकर विदेश भेजने का कार्य करता है। नौ सितंबर को 2 लाख 64 हजार रुपये हर्ष प्रताप ने डालर एक्चेंज के लिए। 10 सितंबर को उसे दिल्ली भेज दिया तथा आगे मुंबई भेज दिया।
इसके बाद चार लाख रुपये और आरोपी ने ले लिए व 18 सितंबर को उसे मुंबई से गुयाना देश भेज दिया गया। गुयाना पहुंचते ही एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही डांकरों ने पासपोर्ट व डॉलर छीन लिए गए। वहां कभी खाना देते थे, कभी नहीं।
इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उनके परिवार से 37 लाख 39 हजार रुपये ले लिए। आरोपियों ने उसे गुयाना से मैक्सिको भेजने की बात कही थी, लेकिन वह झूठ निकली। उसके बाद उसे गुआना से ब्राजील, वहां से बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया बसों से व पैदल भेजा गया। कोलंबिया में उसे डोंकर ने दो माह तक कैद करके रखा गया। कोलंबिया से पनामा देश पैदल जंगल के रास्ते भेजा गया और जंगल के अंदर 10 दिन तक कैद करके रखा। वहां खाना व पानी तक नहीं मिला। वहां डोंकर उसे रुपये की मांग कर टॉर्चर करते थे।
उसके बाद पनामा से कोस्टारिका, कोस्टारिका से निकाराग्वा, निकारा गोवा से होंडरस, होंडरस से ग्वाटेमाला ले जाया गया। ग्वाटेमाला 10 दिन तक रखा गया। वहां से उसको मेक्सिको ले जाया गया और वहां पांच दिन रखा गया। मैक्सिको देश के शहर थापाचुहला में उससे फोन व बैग आदि छीन लिए गए।
थापाचुहला से मेक्सिको सिटी के लिए 12 घंटे समुद्र के रास्ते से कश्ती से ले जाया गया और तिजवाना बॉर्डर क्रॉस करवाया। क्रॉस करते समय उसका पासपोर्ट वापस दे दिया और एक फरवरी को वहां उसे अमेरिकन पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसको 14 दिन तक जेल में रखा गया। 15 फरवरी को उसे वापस भारत भेज दिया। थाना कलायत में यह मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने दोनों को दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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कैथल। अमेरिका भेजने के नाम पर लाखों रुपये ठगी मामले में इकनॉमिक सैल ने दो आरोपी काबू किए हैं। दोनों को अदालत में पेश कर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। इनमें असंध जिला करनाल निवासी आरोपी हर्ष प्रताप व वेस्ट दिल्ली निवासी अजीत सिंह उर्फ बोबी शामिल हैं। दोनों को इकनॉमिक सेल के एएसआई सुरेंद्र सिंह की टीम ने दबोचा।
कुराड़ निवासी राकेश ने शिकायत दी थी कि वह एक साल पहले वह किसी शादी समारोह में असंध गया था। वहां उसकी पहचान असंध निवासी हर्ष प्रताप से हो गई। इसके बाद उनकी फोन से भी बातचीत होती रहती थी।
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हर्ष ने बताया कि वह विदेश भेजने का कार्य करता है। उसने मुझे सलाह दी कि अमेरिका जाने के लिए वैध तरीके से ऑफर आया हुआ है। उसके बाद उसने बताया कि वह यहां से उसको गुयाना देश का वीजा दिलाएगा और गुयाना से मेक्सिको का वीजा लगावाएगा। आगे मेक्सिको से अमेरिका के मेन गेट से अंदर प्रवेश करवाएगा। उसने कहा कि इसके लिए 40 लाख खर्च आएगा। कुछ दिन बाद उसने परिवार से सलाह कर हर्ष को घर बुलाया। तब 40 लाख में वैध तरीके से अमेरिका भेजने की बात हुई।
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उसने पासपोर्ट और दो लाख रुपये अगस्त 2024 में हर्ष प्रताप को दिए। चार सितंबर 2024 को उसका गुयाना देश का वीजा आया। फिर आरोपी ने उससे दो लाख रुपये अजीत सिंह उर्फ बोबी के खाते में डलवा लिए। अजीत भी हर्ष प्रताप के साथ मिलकर विदेश भेजने का कार्य करता है। नौ सितंबर को 2 लाख 64 हजार रुपये हर्ष प्रताप ने डालर एक्चेंज के लिए। 10 सितंबर को उसे दिल्ली भेज दिया तथा आगे मुंबई भेज दिया।
इसके बाद चार लाख रुपये और आरोपी ने ले लिए व 18 सितंबर को उसे मुंबई से गुयाना देश भेज दिया गया। गुयाना पहुंचते ही एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही डांकरों ने पासपोर्ट व डॉलर छीन लिए गए। वहां कभी खाना देते थे, कभी नहीं।
इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उनके परिवार से 37 लाख 39 हजार रुपये ले लिए। आरोपियों ने उसे गुयाना से मैक्सिको भेजने की बात कही थी, लेकिन वह झूठ निकली। उसके बाद उसे गुआना से ब्राजील, वहां से बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया बसों से व पैदल भेजा गया। कोलंबिया में उसे डोंकर ने दो माह तक कैद करके रखा गया। कोलंबिया से पनामा देश पैदल जंगल के रास्ते भेजा गया और जंगल के अंदर 10 दिन तक कैद करके रखा। वहां खाना व पानी तक नहीं मिला। वहां डोंकर उसे रुपये की मांग कर टॉर्चर करते थे।
उसके बाद पनामा से कोस्टारिका, कोस्टारिका से निकाराग्वा, निकारा गोवा से होंडरस, होंडरस से ग्वाटेमाला ले जाया गया। ग्वाटेमाला 10 दिन तक रखा गया। वहां से उसको मेक्सिको ले जाया गया और वहां पांच दिन रखा गया। मैक्सिको देश के शहर थापाचुहला में उससे फोन व बैग आदि छीन लिए गए।
थापाचुहला से मेक्सिको सिटी के लिए 12 घंटे समुद्र के रास्ते से कश्ती से ले जाया गया और तिजवाना बॉर्डर क्रॉस करवाया। क्रॉस करते समय उसका पासपोर्ट वापस दे दिया और एक फरवरी को वहां उसे अमेरिकन पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसको 14 दिन तक जेल में रखा गया। 15 फरवरी को उसे वापस भारत भेज दिया। थाना कलायत में यह मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने दोनों को दो दिन के रिमांड पर लिया है।