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Kaithal News: हैफेड के गोदाम में गेहूं का वजन बढ़ाने के लिए कट्टों पर डाला पानी
Mon, 04 Sep 2023 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 04 Sep 2023 02:43 AM IST
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कैथल। शहर के जींद रोड स्थित हैफेड के गोदाम में राशन डिपो और स्कूलों के मिड डे मील में भेजे जाने वाले गेहूं पर पानी डालने का मामला आने आया है। इस संबंध में हैफेड के जिला प्रबंधक ने चेयरमैन कैलाश भगत के आदेशों पर जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बना दी है। इस गोदाम में करीब दो लाख से अधिक गेहूं के कट्टे रखे गए हैं। मामला उजागर होने के बाद अब गोदाम के मैनेजर और इंस्पेक्टर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर जिला प्रबंधक की ओर से पुलिस में भी शिकायत देने की तैयारी है।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह के समय जिला प्रबंधक सुरेश कुमार किसी काम से कार्यालय के पास से गुजर रहे थे। इस दौरान वे कार्यालय के सामने बनाए गए गोदाम का दौरा करने पहुंचे तो वहां पर गेहूं के कट्टों पर पानी डाला गया था। इसके बाद प्रबंधक ने तुरंत ही हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत को इसकी जानकारी दी। उनके आदेश पर जांच के लिए पांच सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया। इस टीम ने दोपहर के समय गोदाम में मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल भी की। प्राथमिक जांच में गेहूं के कट्टों पर पानी डालने की बात सामने आई है। विदित हो कि पानी डालने से गेहूं का भार बढ़ जाता है। साथ ही इसकी गुणवत्ता भी गिर जाती है, जिससे जल्दी खराब होने के साथ ही इसमें कीड़े भी लग जाते हैं। फिर यही राशन मिड-डे मील और राशन डिपो को सप्लाई होता है, जिसका हर्जाना आम लोगों को उठाना पड़ता है।
पहले भी 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं हुआ था खराब, अभी तक मामला ठंडे बस्ते में
विदित हो कि वर्ष-2022 में भी कैथल और पूंडरी के गोदामों में गेहूं पर पानी डालकर उसे भिगोने का मामला सामने आया था। इस दौरान 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं के स्टाक को भिगोया गया था। इसके बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कैथल दौरे के दौरान मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। माना जा रहा है कि अगर पहले मामले में उच्चाधिकारियों ने सख्ती की होती तो इसकी पुनरावृत्ति नहीं होती।
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गेहूं में पानी डालने के मामले की जांच की जा रही है। इसमें दोषी पाए जाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसकी निष्पक्ष जांच करने के लिए जिले के अधिकारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। उन्हें इस मामले में तेजी से जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए गए हैं।
-- -- कैलाश भगत, चैयरमैन, हैफेड, हरियाणा।
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गोदाम में रखे गेहूं के कट्टों को भिगोने के मामले की जांच को लेकर पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने जांच भी शुरू कर दी है। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस संबंध में पुलिस को भी शिकायत दी जाएगी।
- सुरेश कुमार, जिला प्रबंधक, हैफेड, कैथल।
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जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह के समय जिला प्रबंधक सुरेश कुमार किसी काम से कार्यालय के पास से गुजर रहे थे। इस दौरान वे कार्यालय के सामने बनाए गए गोदाम का दौरा करने पहुंचे तो वहां पर गेहूं के कट्टों पर पानी डाला गया था। इसके बाद प्रबंधक ने तुरंत ही हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत को इसकी जानकारी दी। उनके आदेश पर जांच के लिए पांच सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया। इस टीम ने दोपहर के समय गोदाम में मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल भी की। प्राथमिक जांच में गेहूं के कट्टों पर पानी डालने की बात सामने आई है। विदित हो कि पानी डालने से गेहूं का भार बढ़ जाता है। साथ ही इसकी गुणवत्ता भी गिर जाती है, जिससे जल्दी खराब होने के साथ ही इसमें कीड़े भी लग जाते हैं। फिर यही राशन मिड-डे मील और राशन डिपो को सप्लाई होता है, जिसका हर्जाना आम लोगों को उठाना पड़ता है।
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पहले भी 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं हुआ था खराब, अभी तक मामला ठंडे बस्ते में
विदित हो कि वर्ष-2022 में भी कैथल और पूंडरी के गोदामों में गेहूं पर पानी डालकर उसे भिगोने का मामला सामने आया था। इस दौरान 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं के स्टाक को भिगोया गया था। इसके बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कैथल दौरे के दौरान मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। माना जा रहा है कि अगर पहले मामले में उच्चाधिकारियों ने सख्ती की होती तो इसकी पुनरावृत्ति नहीं होती।
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गेहूं में पानी डालने के मामले की जांच की जा रही है। इसमें दोषी पाए जाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसकी निष्पक्ष जांच करने के लिए जिले के अधिकारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। उन्हें इस मामले में तेजी से जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए गए हैं।
गोदाम में रखे गेहूं के कट्टों को भिगोने के मामले की जांच को लेकर पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने जांच भी शुरू कर दी है। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस संबंध में पुलिस को भी शिकायत दी जाएगी।
- सुरेश कुमार, जिला प्रबंधक, हैफेड, कैथल।