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Kaithal News: अक्षय तृतीया पर बाजार में जमकर रही रौनक
Sat, 11 May 2024 01:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 11 May 2024 01:40 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अक्षय तृतीया पर जिले के बाजारों में काफी चहल पहल देखी गई। आभूषण की दुकानों खास तरीके से सजाया गया था, साथ ही इनामी स्कीमों और छूटों की योजना के जरिए सर्राफा कारोबारी ग्राहकों को आकर्षित करने में लगे।
वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि खरीदारी समेत सभी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है। साथ ही अबूझ मुहूर्त वाली तिथि है, जिसे स्वयं सिद्ध तिथि भी कहते हैं। व्यापारियों को अक्षय तृतीया से काफी उम्मीद थी और सुबह से ही लोग खरीदारी के लिए पहुंचने लगे थे। सर्राफा की दुकानों पर भी रौनक रही। नए-नए डिजाइन के आभूषणों को पसंद किया गया। काफी लोगों ने इस तिथि पर डिलीवरी के लिए पहले ही आभूषण बनने के लिए दिए हुए थे।
शहर के मुुख्य बाजार, कपड़ा बाजार, सर्राफा बाजार, अजय मार्केट बाजार, ऑटोमोबाइल बाजार में सर्राफ की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। सर्राफा व्यापारी प्रवीण कुमार ने बताया कि कुल मिलाकर कारोबार ठीक रहा। हालांकि ज्यादातर ग्राहक सामान्य रूप से खरीदारी करने वाले थे। कुछ लोगों ने शगुन के रूप में कोई हल्की ज्वेलरी खरीदी है।
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बर्तनों के साथ ही इलेक्ट्रानिक उत्पाद और दोपहिया वाहनों की भी बिक्री हुई। वहीं, शहर में कई जगह विवाह के भी आयोजन हुए। हालांकि बीते वर्ष के मुकाबले बहुत कम रहे। हनुमान वाटिका के पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया को शुभ मुहूर्त जानने की जरूरत नहीं होती है।
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कैथल। अक्षय तृतीया पर जिले के बाजारों में काफी चहल पहल देखी गई। आभूषण की दुकानों खास तरीके से सजाया गया था, साथ ही इनामी स्कीमों और छूटों की योजना के जरिए सर्राफा कारोबारी ग्राहकों को आकर्षित करने में लगे।
वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि खरीदारी समेत सभी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है। साथ ही अबूझ मुहूर्त वाली तिथि है, जिसे स्वयं सिद्ध तिथि भी कहते हैं। व्यापारियों को अक्षय तृतीया से काफी उम्मीद थी और सुबह से ही लोग खरीदारी के लिए पहुंचने लगे थे। सर्राफा की दुकानों पर भी रौनक रही। नए-नए डिजाइन के आभूषणों को पसंद किया गया। काफी लोगों ने इस तिथि पर डिलीवरी के लिए पहले ही आभूषण बनने के लिए दिए हुए थे।
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शहर के मुुख्य बाजार, कपड़ा बाजार, सर्राफा बाजार, अजय मार्केट बाजार, ऑटोमोबाइल बाजार में सर्राफ की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। सर्राफा व्यापारी प्रवीण कुमार ने बताया कि कुल मिलाकर कारोबार ठीक रहा। हालांकि ज्यादातर ग्राहक सामान्य रूप से खरीदारी करने वाले थे। कुछ लोगों ने शगुन के रूप में कोई हल्की ज्वेलरी खरीदी है।
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बर्तनों के साथ ही इलेक्ट्रानिक उत्पाद और दोपहिया वाहनों की भी बिक्री हुई। वहीं, शहर में कई जगह विवाह के भी आयोजन हुए। हालांकि बीते वर्ष के मुकाबले बहुत कम रहे। हनुमान वाटिका के पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया को शुभ मुहूर्त जानने की जरूरत नहीं होती है।