{"_id":"66566fc59958aada7300fa16","slug":"there-are-no-doctors-in-hospitals-patients-are-wandering-kaithal-news-c-18-1-knl1004-399626-2024-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: अस्पतालों में चिकित्सक नहीं, भटक रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: अस्पतालों में चिकित्सक नहीं, भटक रहे मरीज
Wed, 29 May 2024 05:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 29 May 2024 05:29 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में जहां जिला स्तर पर नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती हैं। वहीं, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी चिकित्सक नहीं हैं। लोगों का कहना है कि बीमार होने पर बड़ी दिक्कत हो जाती है।
सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानक के अनुसार चिकित्सकों की कमी को देखते हुए साफ है कि ग्रामीण स्तर पर भी मरीजों को बेहतर ढंग से इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई स्वास्थ्य केंद्रों में महज एक या दो चिकित्सकों से ही काम चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि जिले में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें से पाडला, अगौंध, कांगथली, अरनौली, पाई, हाबड़ी, मूंदड़ी, जाखौली, टीक और ढांड में महज एकमात्र चिकित्सक है। जबकि करोड़ा, किठाना, रसीना, फरल, बालू, बात्ता, सजूमा और बढ़सीकरी में एक भी चिकित्सक नहीं है।
विज्ञापन
जिले में कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी जरूर है। इस कमी को दूर करने के लिए आला अधिकारियों के साथ पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि आचार संहिता हटने के बाद सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नए चिकित्सक आ सकते हैं।
- डाॅ. रेनू चावला, सिविल सर्जन कैथल।
अस्पताल स्वीकृत पद
भरे गए पद
रिक्त पद
सीएचसी सीवन
07
03
04
पीएचसी पाडला
02
01
01
पीएचसी क्योड़क
02
02
00
सीएचसी गुहला
11
09
02
पीएचसी खरकां 02
00
02
पीएचसी कांगथली
02
01
01
पीएचसी अगौंध
02
01
01
पीएचसी भागल
02
02
00
पीएचसी अरनौली
02
01
01
सीएचसी पूंडरी
07
03
04
पीएचसी पाई
02
01
01
पीएचसी हाबड़ी
02
01
01
पीएचसी मूंदड़ी
02
01
01
सीएचसी राजौंद
07
02
05
पीएचसी जाखौली
02
01
01
पीएचसी करोड़ा
02
00
02
पीएचसी किठाना
02
00
02
सीएचसी कौल
07
02
05
पीएचसी टीक
02
01
01
पीएचसी ढांड
02
01
01
पीएचसी रसीना
02
00
02
पीएचसी फरल
02
00
02
सीएचसी कलायत
11
05
06
पीएचसी बालू
02
00
02
पीएचसी बात्ता
02
00
02
पीएचसी देबवन
02
02
00
पीएचसी सजूमा
02
00
02
पीएचसी बढ़सीकरी
02
00
02
विज्ञापन
कैथल। जिले में जहां जिला स्तर पर नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती हैं। वहीं, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी चिकित्सक नहीं हैं। लोगों का कहना है कि बीमार होने पर बड़ी दिक्कत हो जाती है।
सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानक के अनुसार चिकित्सकों की कमी को देखते हुए साफ है कि ग्रामीण स्तर पर भी मरीजों को बेहतर ढंग से इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई स्वास्थ्य केंद्रों में महज एक या दो चिकित्सकों से ही काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जिले में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें से पाडला, अगौंध, कांगथली, अरनौली, पाई, हाबड़ी, मूंदड़ी, जाखौली, टीक और ढांड में महज एकमात्र चिकित्सक है। जबकि करोड़ा, किठाना, रसीना, फरल, बालू, बात्ता, सजूमा और बढ़सीकरी में एक भी चिकित्सक नहीं है।
विज्ञापन
जिले में कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी जरूर है। इस कमी को दूर करने के लिए आला अधिकारियों के साथ पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि आचार संहिता हटने के बाद सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नए चिकित्सक आ सकते हैं।
- डाॅ. रेनू चावला, सिविल सर्जन कैथल।
अस्पताल स्वीकृत पद
भरे गए पद
रिक्त पद
सीएचसी सीवन
07
03
04
पीएचसी पाडला
02
01
01
पीएचसी क्योड़क
02
02
00
सीएचसी गुहला
11
09
02
पीएचसी खरकां 02
00
02
पीएचसी कांगथली
02
01
01
पीएचसी अगौंध
02
01
01
पीएचसी भागल
02
02
00
पीएचसी अरनौली
02
01
01
सीएचसी पूंडरी
07
03
04
पीएचसी पाई
02
01
01
पीएचसी हाबड़ी
02
01
01
पीएचसी मूंदड़ी
02
01
01
सीएचसी राजौंद
07
02
05
पीएचसी जाखौली
02
01
01
पीएचसी करोड़ा
02
00
02
पीएचसी किठाना
02
00
02
सीएचसी कौल
07
02
05
पीएचसी टीक
02
01
01
पीएचसी ढांड
02
01
01
पीएचसी रसीना
02
00
02
पीएचसी फरल
02
00
02
सीएचसी कलायत
11
05
06
पीएचसी बालू
02
00
02
पीएचसी बात्ता
02
00
02
पीएचसी देबवन
02
02
00
पीएचसी सजूमा
02
00
02
पीएचसी बढ़सीकरी
02
00
02