{"_id":"6786c00ba4afc0054308c555","slug":"there-are-less-workers-and-we-are-running-out-of-energy-to-collect-garbage-kaithal-news-c-18-1-knl1004-560732-2025-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: कर्मी कम, कचरा उठाने में निकल रहा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: कर्मी कम, कचरा उठाने में निकल रहा दम
Wed, 15 Jan 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 15 Jan 2025 01:20 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान में कर्मियों की कमी के चलते समस्या आती है। इस समय शहरभर में डोर-टू-डोर कचरा उठान के कार्य के लिए महज 66 कर्मी ही कार्यरत हैं। ऐसे में कर्मियों की कमी के कारण सही काम नहीं हो पाता है।
लोगों का कहना है कि कचरा उठान की समस्या इसलिए भी आड़े रही है कि शहर में कई ऐसे स्थानों पर कचरा प्वाइंट बनाएं गए हैं, जो नगर परिषद के स्थायी न होकर लोगों की ओर से बनाए गए हैं। ऐसे में इन प्वाइंटों पर गंदगी का आलम रहने के कारण सफाई को लेकर अधिक परेशानी आती है। वहीं, कई पार्षदों कि यह भी शिकायत रहती है कि लोगों को की ओर से खाली प्लॉटों में ही कचरा डाला जाता है। कचरा एकत्रित न होने के कारण सफाई व्यवस्था का बुरा हाल होता है।
शहर में 19 कचरा प्वाइंट निर्धारित पर हैं ज्यादा ः नगर परिषद की ओर से शहर में 19 कचरा प्वाइंट निर्धारित किए हैं। परंतु शहर में इससे अधिक कचरा प्वाइंट हैं। 19 के बाद जितने भी कचरा प्वाइंट हैं, वह लोगों की ओर से अपने आप ही बनाएं गए हैं। यदि शहर में खाली प्लॉट और अन्य खाली जगह पर कचरा प्वाइंट न बनाए जाएं तो सफाई व्यवस्था को बेहतर किया जा सकता है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि पिछले कई महीने से शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया गया हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठान में कर्मियों की कमी पर कहा कि इस बारे में एजेंसी को हर साल ठेका दिया जाता है। इस एजेंसी के ठेकेदार ही डोर-टू-डोर कचरा उठान में कर्मियों की संख्या तय करते हैं।
विज्ञापन
कैथल। शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान में कर्मियों की कमी के चलते समस्या आती है। इस समय शहरभर में डोर-टू-डोर कचरा उठान के कार्य के लिए महज 66 कर्मी ही कार्यरत हैं। ऐसे में कर्मियों की कमी के कारण सही काम नहीं हो पाता है।
लोगों का कहना है कि कचरा उठान की समस्या इसलिए भी आड़े रही है कि शहर में कई ऐसे स्थानों पर कचरा प्वाइंट बनाएं गए हैं, जो नगर परिषद के स्थायी न होकर लोगों की ओर से बनाए गए हैं। ऐसे में इन प्वाइंटों पर गंदगी का आलम रहने के कारण सफाई को लेकर अधिक परेशानी आती है। वहीं, कई पार्षदों कि यह भी शिकायत रहती है कि लोगों को की ओर से खाली प्लॉटों में ही कचरा डाला जाता है। कचरा एकत्रित न होने के कारण सफाई व्यवस्था का बुरा हाल होता है।
विज्ञापन
शहर में 19 कचरा प्वाइंट निर्धारित पर हैं ज्यादा ः नगर परिषद की ओर से शहर में 19 कचरा प्वाइंट निर्धारित किए हैं। परंतु शहर में इससे अधिक कचरा प्वाइंट हैं। 19 के बाद जितने भी कचरा प्वाइंट हैं, वह लोगों की ओर से अपने आप ही बनाएं गए हैं। यदि शहर में खाली प्लॉट और अन्य खाली जगह पर कचरा प्वाइंट न बनाए जाएं तो सफाई व्यवस्था को बेहतर किया जा सकता है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि पिछले कई महीने से शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया गया हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठान में कर्मियों की कमी पर कहा कि इस बारे में एजेंसी को हर साल ठेका दिया जाता है। इस एजेंसी के ठेकेदार ही डोर-टू-डोर कचरा उठान में कर्मियों की संख्या तय करते हैं।