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Kaithal News: क्योड़क स्कूल की टीम ने किया हिंदी भाषा लैब का भ्रमण
Tue, 05 Aug 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 05 Aug 2025 12:50 AM IST
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12 कैथल। आरोही आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
- फोटो : निराला प्रेक्षागृह में आयोजित मुशायरा में गजल पढ़ते शायर अजहर इकबाल।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरोही आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्योड़क की टीम ने हिंदी भाषा लैब का भ्रमण किया। हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने क्योड़क स्कूल की प्रधानाचार्या पूनम, हिंदी प्राध्यापिका निधि, अध्यापक राजेश कुमार और विद्यार्थियों को लैब के कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।
डॉ. विजय चावला ने बताया कि यह हिंदी भाषा लैब आरोही स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. मनीष सिंगला के नेतृत्व में तैयार की गई है। लैब में छात्रों को डिजिटल ई-कंटेंट, स्टिक पपेट्स, और खेल-खेल में भाषा शिक्षा के तरीकों का अभ्यास कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि कैसे माइंड मैपिंग तकनीक की सहायता से हिंदी व्याकरण को कक्षा में प्रभावी ढंग से पढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत डिजिटल ई-कंटेंट, स्टिक पपेट्स और खेल-खेल में बच्चों को भाषा शिक्षण कैसे कराया जा सकता है, इस पर भी विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. चावला ने यह भी बताया कि क्योड़क स्कूल की टीम ने ‘’बूझो तो जानो’’ जैसे खेलों के माध्यम से पहेलियों का अभ्यास किया और यह सीखा कि कैसे इन खेलों के जरिए भाषायी कौशल को विकसित किया जा सकता है।
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उन्होंने क्योड़क टीम को यह सुझाव दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या 2023 के तहत प्रत्येक शिक्षक को अपने विषय को रुचिकर और आकर्षक बनाते हुए पढ़ाना चाहिए। खेल-खेल में भाषा शिक्षण करना उनकी विशेषज्ञता बन चुका है। इस अवसर पर डॉ. चावला ने क्योड़क स्कूल की टीम को प्रेरित किया कि वे भी अपने विद्यालय में
ऐसी एक भाषा लैब स्थापित करें, जिसमें छात्रों को उनकी सृजनात्मक क्षमता और भाषायी कौशल को विकसित करने के अवसर मिले।
डॉ. चावला ने बताया कि विद्यार्थी विभिन्न खेलों जैसे भूल-भुलैया पिटारा, लूडो, कार्ड खेल, ‘’मुझे मेरे परिवार से मिलाओ’’ का खेल, बूझो तो जानें पहेलियाँ, वर्ग पहेली, और शब्द पिटारे के माध्यम से शब्द निर्माण आदि गतिविधियां स्वयं तैयार कर सकते हैं।
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कैथल। आरोही आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्योड़क की टीम ने हिंदी भाषा लैब का भ्रमण किया। हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने क्योड़क स्कूल की प्रधानाचार्या पूनम, हिंदी प्राध्यापिका निधि, अध्यापक राजेश कुमार और विद्यार्थियों को लैब के कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।
डॉ. विजय चावला ने बताया कि यह हिंदी भाषा लैब आरोही स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. मनीष सिंगला के नेतृत्व में तैयार की गई है। लैब में छात्रों को डिजिटल ई-कंटेंट, स्टिक पपेट्स, और खेल-खेल में भाषा शिक्षा के तरीकों का अभ्यास कराया जाता है।
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उन्होंने बताया कि कैसे माइंड मैपिंग तकनीक की सहायता से हिंदी व्याकरण को कक्षा में प्रभावी ढंग से पढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत डिजिटल ई-कंटेंट, स्टिक पपेट्स और खेल-खेल में बच्चों को भाषा शिक्षण कैसे कराया जा सकता है, इस पर भी विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. चावला ने यह भी बताया कि क्योड़क स्कूल की टीम ने ‘’बूझो तो जानो’’ जैसे खेलों के माध्यम से पहेलियों का अभ्यास किया और यह सीखा कि कैसे इन खेलों के जरिए भाषायी कौशल को विकसित किया जा सकता है।
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उन्होंने क्योड़क टीम को यह सुझाव दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या 2023 के तहत प्रत्येक शिक्षक को अपने विषय को रुचिकर और आकर्षक बनाते हुए पढ़ाना चाहिए। खेल-खेल में भाषा शिक्षण करना उनकी विशेषज्ञता बन चुका है। इस अवसर पर डॉ. चावला ने क्योड़क स्कूल की टीम को प्रेरित किया कि वे भी अपने विद्यालय में
ऐसी एक भाषा लैब स्थापित करें, जिसमें छात्रों को उनकी सृजनात्मक क्षमता और भाषायी कौशल को विकसित करने के अवसर मिले।
डॉ. चावला ने बताया कि विद्यार्थी विभिन्न खेलों जैसे भूल-भुलैया पिटारा, लूडो, कार्ड खेल, ‘’मुझे मेरे परिवार से मिलाओ’’ का खेल, बूझो तो जानें पहेलियाँ, वर्ग पहेली, और शब्द पिटारे के माध्यम से शब्द निर्माण आदि गतिविधियां स्वयं तैयार कर सकते हैं।