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Kaithal News: फरल में गिरने के कगार पर है टंकी
Tue, 14 May 2024 03:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 14 May 2024 03:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। गांव फरल में जर्जर हो चुकी लगभग 47 वर्ष पुरानी पेयजल की टंकी गिरने के कगार पर है। पानी की टंकी से सीमेंट गिर रही है।
एक समय गांव फरल के लोगों की प्यास बुझाने वाली पानी की टंकी आज ग्रामीणों की जान का खतरा बनी है। आए दिन टंकी से गिर रहे मलबे से स्थानीय लोग व खासकर छोटे बच्चे खौफ के साये में जीने को विवश हैं।
यह टंकी पिछले कई वर्षों से बंद है। टंकी का इस्तेमाल न होने के कारण इस हालत बिगड़ती गर्ई। चूंकि अब गांव फरल में लगभग सात ट्यूबवेल पेयजल सप्लाई कर रहे हैं। दो दिन पहले चली तेज हवा में टंकी से मलबा झड़ने से टंकी के पास बने घरों के निवासी सहम गए।
गनीमत यह रही कि उस समय वहां पर बच्चे नहीं खेल रहे थे। बता दें कि पानी की इस टंकी के पास दर्जनों घर बने हुए हैं। स्थानीय लोगोंं संदीप सिंह, सुखबीर सिंह, ईश्वर सिंह, जसवीर सिंह, गुरमहेंद्र सिंंह, कुलदीप सिंह व मामचंद आदि ने बताया कि वे कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। विभाग का रवैया देखकर लगता है मानों वो किसी हादसे का इंतजार कर रहा हो।
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ग्रामीणों ने बताया कि फरल में पेयजल आपूर्ति के लिए वर्ष 1977 के आसपास लगभग 125 फीट ऊंची इस पानी की टंकी का निर्माण हुआ था। उस समय में गांव फरल के लोगों के लिए पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत थी।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और इसका एस्टिमेट भेजा हुआ है। जैसे ही स्वीकृत होगा, टंकी को
गिराया जाएगा।
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पूंडरी। गांव फरल में जर्जर हो चुकी लगभग 47 वर्ष पुरानी पेयजल की टंकी गिरने के कगार पर है। पानी की टंकी से सीमेंट गिर रही है।
एक समय गांव फरल के लोगों की प्यास बुझाने वाली पानी की टंकी आज ग्रामीणों की जान का खतरा बनी है। आए दिन टंकी से गिर रहे मलबे से स्थानीय लोग व खासकर छोटे बच्चे खौफ के साये में जीने को विवश हैं।
यह टंकी पिछले कई वर्षों से बंद है। टंकी का इस्तेमाल न होने के कारण इस हालत बिगड़ती गर्ई। चूंकि अब गांव फरल में लगभग सात ट्यूबवेल पेयजल सप्लाई कर रहे हैं। दो दिन पहले चली तेज हवा में टंकी से मलबा झड़ने से टंकी के पास बने घरों के निवासी सहम गए।
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गनीमत यह रही कि उस समय वहां पर बच्चे नहीं खेल रहे थे। बता दें कि पानी की इस टंकी के पास दर्जनों घर बने हुए हैं। स्थानीय लोगोंं संदीप सिंह, सुखबीर सिंह, ईश्वर सिंह, जसवीर सिंह, गुरमहेंद्र सिंंह, कुलदीप सिंह व मामचंद आदि ने बताया कि वे कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। विभाग का रवैया देखकर लगता है मानों वो किसी हादसे का इंतजार कर रहा हो।
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ग्रामीणों ने बताया कि फरल में पेयजल आपूर्ति के लिए वर्ष 1977 के आसपास लगभग 125 फीट ऊंची इस पानी की टंकी का निर्माण हुआ था। उस समय में गांव फरल के लोगों के लिए पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत थी।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और इसका एस्टिमेट भेजा हुआ है। जैसे ही स्वीकृत होगा, टंकी को
गिराया जाएगा।