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Kaithal News: टीबी को लेकर किया जा रहा सर्वे अप्रैल में भी रहेगा जारी
Sun, 16 Apr 2023 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 16 Apr 2023 01:16 AM IST
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी को लेकर किया जा रहा सर्वे अब 30 अप्रैल तक जारी रहेगा। इससे पहले यह सर्वे 31 मार्च को ही खत्म होना था, लेकिन जिले में मरीजों की जांच को लेकर लक्ष्य हासिल न होने के कारण इसे आगे भी जारी रखने का निर्णय स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लिया गया है।
जिले में टीबी की रोकथाम को लेकर घर-घर सर्वे कार्य चल रहा है। अब तक जिले में कुल एक लाख 10 हजार घरों में सर्वे किया जा चुका है, जबकि दो लाख 30 हजार घरों के सर्वे का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान में आशा वर्कर और हेल्थ वर्कर टीबी मरीजों की पहचान के लिए जानकारी प्राप्त कर रही हैं। इस दौरान बीमारी से बचाव, लक्षण और सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। बता दें कि टीबी बीमारी को लेकर बेहतर कार्य करने पर भारत सरकार की तरफ से जिला कैथल स्वास्थ्य विभाग को सम्मानित किया जा चुका है। टीबी बीमारी का इलाज विभाग की तरफ से निशुल्क किया जाता है। इसके साथ-साथ खुराक भत्ता के रूप में 500 रुपये की राशि दी जाती है। मरीजों को गोद भी लिया जा रहा है। अब तक 350 के करीब लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लिया है।
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सर्वे के लिए दिया है प्रशिक्षण-
टीबी के लिए घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे के लिए आशा और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। सर्वे में टीबी बीमारी के साथ-साथ अन्य बीमारियों को लेकर भी मरीज सामने आते हैं तो उसकी रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
जिले में हैं 750 एक्टिव मरीज-
जिले में इस समय टीबी के कुल 750 एक्टिव मरीज हैं। टीबी मरीजों की जांच को लेकर जिले में 11 बलगम केंद्र बनाए गए हैं। इनमें एक नया सिविल अस्पताल, एक पुराना सिविल अस्पताल, सीएचसी गुहला, सीएचसी सीवन, कलायत, बालू, पाई, पूंडरी, कौल, राजौंद में टीबी सेंटर बनाए गए हैं। टीबी के कार्यक्रम का डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संदीप बातिश को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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जिले में टीबी की रोकथाम को लेकर घर-घर सर्वे कार्य चल रहा है। अब तक जिले में कुल एक लाख 10 हजार घरों में सर्वे किया जा चुका है, जबकि दो लाख 30 हजार घरों के सर्वे का लक्ष्य रखा गया है।
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अभियान में आशा वर्कर और हेल्थ वर्कर टीबी मरीजों की पहचान के लिए जानकारी प्राप्त कर रही हैं। इस दौरान बीमारी से बचाव, लक्षण और सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। बता दें कि टीबी बीमारी को लेकर बेहतर कार्य करने पर भारत सरकार की तरफ से जिला कैथल स्वास्थ्य विभाग को सम्मानित किया जा चुका है। टीबी बीमारी का इलाज विभाग की तरफ से निशुल्क किया जाता है। इसके साथ-साथ खुराक भत्ता के रूप में 500 रुपये की राशि दी जाती है। मरीजों को गोद भी लिया जा रहा है। अब तक 350 के करीब लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लिया है।
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सर्वे के लिए दिया है प्रशिक्षण-
टीबी के लिए घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे के लिए आशा और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। सर्वे में टीबी बीमारी के साथ-साथ अन्य बीमारियों को लेकर भी मरीज सामने आते हैं तो उसकी रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
जिले में हैं 750 एक्टिव मरीज-
जिले में इस समय टीबी के कुल 750 एक्टिव मरीज हैं। टीबी मरीजों की जांच को लेकर जिले में 11 बलगम केंद्र बनाए गए हैं। इनमें एक नया सिविल अस्पताल, एक पुराना सिविल अस्पताल, सीएचसी गुहला, सीएचसी सीवन, कलायत, बालू, पाई, पूंडरी, कौल, राजौंद में टीबी सेंटर बनाए गए हैं। टीबी के कार्यक्रम का डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संदीप बातिश को नोडल अधिकारी बनाया गया है।