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Kaithal News: जीतकर लौटी दीवाल की मुस्कान, हुआ स्वागत
Sat, 06 Dec 2025 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 06 Dec 2025 12:17 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में दीवाल गांव की बेटी मुस्कान का स्वागत करते ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दीवाल गांव की बेटी मुस्कान ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विश्व कौशल एशिया प्रतियोगिता में रजत पदक और बेस्ट ऑफ एशिया में तीसरा स्थान प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वहां से लौटने पर उसका भव्य स्वागत किया गया।
ताइवान के ताइपे में गत 27 से 29 नवंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 29 देशों की टीमों ने भाग लिया था। भारत 6 पदकों के साथ 29 देशों में 8वें स्थान पर रहा, जिसमें एक रजत, दो कांस्य और उत्कृष्टता के लिए तीन पदक शामिल हैं। मुस्कान भी भारतीय टीम में थी। यह सफलता मिलने के बाद गांव पहुंचने पर दीवाल के लोगों ने फूल मालाओं के साथ मुस्कान का स्वागत किया। फिर ट्रैक्टर पर रैली निकाली।
मुस्कान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुतबपुर से प्राप्त की जहां उन्होंने कक्षा पहली से 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद कैथल की महिला आईटीआई में अपनी पढ़ाई शुरू की जिसमें पेंटिंग और स्किल के बारे में रुचि लेकर कई जिलास्तरीय व राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते। मुस्कान के पिता जयनारायण ड्राइवर के पद पर हैं और मां गृहिणी हैं। जयनारायण की तीन बेटियां और एक बेटा हैं।
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बेटियां बोझ नहीं होती ः मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी मुस्कान के पिता जयनारायण ने बताया कि मुस्कान ने अपनी मेहनत के दम पर ये मुकाम हासिल किया हैं। शुरू से ही इसकी रुचि पेंटिंग और होम डेकोर में थी जिसके बाद इसने लगातार मेहनत की। सबसे पहले इसने जिले सत्र पर पदक जीता था लेकिन उसके बाद लगातार राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी पदक जीते। अब अंतररराष्ट्रीय स्तर पर सफलता से उसने परिवार का नाम रोशन कर दिया है। पिता जयनारायण ने कहा कि बेटियां बोझ नहीं होती बल्कि साथ मिले तो वे मान बढ़ाती हैं।
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कैथल। दीवाल गांव की बेटी मुस्कान ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विश्व कौशल एशिया प्रतियोगिता में रजत पदक और बेस्ट ऑफ एशिया में तीसरा स्थान प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वहां से लौटने पर उसका भव्य स्वागत किया गया।
ताइवान के ताइपे में गत 27 से 29 नवंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 29 देशों की टीमों ने भाग लिया था। भारत 6 पदकों के साथ 29 देशों में 8वें स्थान पर रहा, जिसमें एक रजत, दो कांस्य और उत्कृष्टता के लिए तीन पदक शामिल हैं। मुस्कान भी भारतीय टीम में थी। यह सफलता मिलने के बाद गांव पहुंचने पर दीवाल के लोगों ने फूल मालाओं के साथ मुस्कान का स्वागत किया। फिर ट्रैक्टर पर रैली निकाली।
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मुस्कान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुतबपुर से प्राप्त की जहां उन्होंने कक्षा पहली से 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद कैथल की महिला आईटीआई में अपनी पढ़ाई शुरू की जिसमें पेंटिंग और स्किल के बारे में रुचि लेकर कई जिलास्तरीय व राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते। मुस्कान के पिता जयनारायण ड्राइवर के पद पर हैं और मां गृहिणी हैं। जयनारायण की तीन बेटियां और एक बेटा हैं।
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बेटियां बोझ नहीं होती ः मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी मुस्कान के पिता जयनारायण ने बताया कि मुस्कान ने अपनी मेहनत के दम पर ये मुकाम हासिल किया हैं। शुरू से ही इसकी रुचि पेंटिंग और होम डेकोर में थी जिसके बाद इसने लगातार मेहनत की। सबसे पहले इसने जिले सत्र पर पदक जीता था लेकिन उसके बाद लगातार राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी पदक जीते। अब अंतररराष्ट्रीय स्तर पर सफलता से उसने परिवार का नाम रोशन कर दिया है। पिता जयनारायण ने कहा कि बेटियां बोझ नहीं होती बल्कि साथ मिले तो वे मान बढ़ाती हैं।