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जाट कॉलेज हाई स्कूल सोसायटी के चुनाव पर रजिस्ट्रार ने लगाई रोक
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कैथल। आगामी 2 जनवरी को निर्धारित जाट हाई स्कूल सोसायटी के चुनाव पर जिला फर्म एवं सोसायटी विभाग के रजिस्ट्रार ने रोक लगा दी है। 75 कॉलेजियम की मतदाता सूची को लेकर दर्ज करवाए गए दावे व आपत्तियों का निपटान न होने के कारण यह रोक लगाते हुए रजिस्ट्रार ने इनके निपटान के लिए सब कमेटी गठित करने का निर्देश भी दिया है।
जॉट हाई स्कूल सोसायटी के मौजूदा प्रबंधक समिति ने प्रधान इंद्र सिंह नौच की अगुवाई में चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। 2 जनवरी को संस्था के 18200 मतदाताओं की सूची पर 75 कॉलेजियम के चुनाव होने थे। लेकिन प्रबंधक समिति द्वारा कॉलेजियम में जुड़े लगभग 10 हजार नए मतदाताओं को अलग-अलग कॉलेजियम में जोड़ दिया था। जिस पर कई सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। याचिकाकर्ताओं में से एक पक्ष के अधिवक्ता हरदीप रानू ने कहा कि मौजूदा समिति ने सारे कॉलेजियम अपने हिसाब से बदल दिए, जो संस्था के नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं अपने लोगों को समायोजित करते हुए गड़बड़ी की गई। नई मतदाता सूची के लिए पहचान पत्र जारी नहीं किए गए। इसके अलावा कई अन्य आपत्तियां थीं। जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज करवाई गई इन आपत्तियों पर सोमवार तक प्रबंधक समिति को फैसला लेकर इन्हें खत्म करना था। जिसे समिति खत्म नहीं कर पाई। इसी कारण बुधवार को जिला रजिस्ट्रार विजय लक्ष्मी ने जाट कॉलेज के चुनाव पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। लंबित दावे व आपत्तियों के निपटान के लिए सब कमेटी के गठन का भी आदेश दिया।
मौजूदा समिति के प्रधान इंद्र नौच की ओर से उप-प्रधान राकेश नैन ने कहा कि अभी समिति को आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही आधिकारिक सूचना मिलेगी, उसी अनुसार विचार-विमर्श करके अगला फैसला लिया जएगा। पहले भी एडहॉक कमेटी का गठन हो चुका है। गठन-जाट हाई स्कूल सोसायटी के तहत संस्था द्वारा जाट कॉलेज, जाट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाट पॉलिटेक्निक कॉलेज, जाट शाइनिंग स्टार स्कूल, जाट आईटीआई जैसी संस्थाएं चल रही हैं। इससे पूर्व महज जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल था। वर्ष 2007 में इस संस्था के लिए नए सदस्य बनाकर चुनाव करवाया गया। जिसमें बलवान कोटड़ा अध्यक्ष बने थे। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व रामपाल माजरा का उस समय संस्था पर पूरा प्रभाव था। इसके बाद फिर वर्ष 2010 में बलवान कोटड़ा अध्यक्ष बने थे। वर्ष 2013 तक संस्था में कई नए शिक्षण संस्थान शुरू हुए। इसके बाद एडहॉक कमेटी का गठन हुआ। जिसमें स्व. दर्शन सिंह मालखेड़ी अध्यक्ष रहे, फिर हुए चुनाव में रणबीर फौजी विजयी रहे। इसके बाद इंद्र सिंह नौच की अगुवाई में मौजूदा कार्यकारिणी संस्था की सत्ता में आई थी। इस कमेटी ने ही चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की थी।
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जजपा नेताओं की संभावनाएं बढ़ीं
यह विभाग डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के पास है। जिस कारण संभावना जताई जा रही है कि सब कमेटी में जजपा नेताओं को जगह मिल सकती है। जजपा में पूर्व प्रधान रह चुके बलवान सिंह कोटड़ा, जजपा जिला अध्यक्ष रामफल मलिक, जजपा नेता एवं डा. अजय सिंह चौटाला के करीबी रोशन ढांडा व बलराज नौच के नाम सब कमेटी के सदस्य व प्रधान बनने की चर्चा की जा रही है।
कुछ अनियमितताओं के कारण प्रबंधक समिति को आदेश दिया गया था कि इन्हें दूर किया जाए, लेकिन आपत्तियां दूर नहीं हो पाई। इस कारण चुनाव पर रोक लगा दी गई है। साथ ही आपत्तियों के निपटान के लिए सब कमेटी का गठन करने को कहा गया है। सब कमेटी के सदस्यों के बारे में बाद में बताया जाएगा।
- विजय लक्ष्मी, रजिस्ट्रार
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जॉट हाई स्कूल सोसायटी के मौजूदा प्रबंधक समिति ने प्रधान इंद्र सिंह नौच की अगुवाई में चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। 2 जनवरी को संस्था के 18200 मतदाताओं की सूची पर 75 कॉलेजियम के चुनाव होने थे। लेकिन प्रबंधक समिति द्वारा कॉलेजियम में जुड़े लगभग 10 हजार नए मतदाताओं को अलग-अलग कॉलेजियम में जोड़ दिया था। जिस पर कई सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। याचिकाकर्ताओं में से एक पक्ष के अधिवक्ता हरदीप रानू ने कहा कि मौजूदा समिति ने सारे कॉलेजियम अपने हिसाब से बदल दिए, जो संस्था के नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं अपने लोगों को समायोजित करते हुए गड़बड़ी की गई। नई मतदाता सूची के लिए पहचान पत्र जारी नहीं किए गए। इसके अलावा कई अन्य आपत्तियां थीं। जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज करवाई गई इन आपत्तियों पर सोमवार तक प्रबंधक समिति को फैसला लेकर इन्हें खत्म करना था। जिसे समिति खत्म नहीं कर पाई। इसी कारण बुधवार को जिला रजिस्ट्रार विजय लक्ष्मी ने जाट कॉलेज के चुनाव पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। लंबित दावे व आपत्तियों के निपटान के लिए सब कमेटी के गठन का भी आदेश दिया।
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मौजूदा समिति के प्रधान इंद्र नौच की ओर से उप-प्रधान राकेश नैन ने कहा कि अभी समिति को आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही आधिकारिक सूचना मिलेगी, उसी अनुसार विचार-विमर्श करके अगला फैसला लिया जएगा। पहले भी एडहॉक कमेटी का गठन हो चुका है। गठन-जाट हाई स्कूल सोसायटी के तहत संस्था द्वारा जाट कॉलेज, जाट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाट पॉलिटेक्निक कॉलेज, जाट शाइनिंग स्टार स्कूल, जाट आईटीआई जैसी संस्थाएं चल रही हैं। इससे पूर्व महज जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल था। वर्ष 2007 में इस संस्था के लिए नए सदस्य बनाकर चुनाव करवाया गया। जिसमें बलवान कोटड़ा अध्यक्ष बने थे। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व रामपाल माजरा का उस समय संस्था पर पूरा प्रभाव था। इसके बाद फिर वर्ष 2010 में बलवान कोटड़ा अध्यक्ष बने थे। वर्ष 2013 तक संस्था में कई नए शिक्षण संस्थान शुरू हुए। इसके बाद एडहॉक कमेटी का गठन हुआ। जिसमें स्व. दर्शन सिंह मालखेड़ी अध्यक्ष रहे, फिर हुए चुनाव में रणबीर फौजी विजयी रहे। इसके बाद इंद्र सिंह नौच की अगुवाई में मौजूदा कार्यकारिणी संस्था की सत्ता में आई थी। इस कमेटी ने ही चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की थी।
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जजपा नेताओं की संभावनाएं बढ़ीं
यह विभाग डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के पास है। जिस कारण संभावना जताई जा रही है कि सब कमेटी में जजपा नेताओं को जगह मिल सकती है। जजपा में पूर्व प्रधान रह चुके बलवान सिंह कोटड़ा, जजपा जिला अध्यक्ष रामफल मलिक, जजपा नेता एवं डा. अजय सिंह चौटाला के करीबी रोशन ढांडा व बलराज नौच के नाम सब कमेटी के सदस्य व प्रधान बनने की चर्चा की जा रही है।
कुछ अनियमितताओं के कारण प्रबंधक समिति को आदेश दिया गया था कि इन्हें दूर किया जाए, लेकिन आपत्तियां दूर नहीं हो पाई। इस कारण चुनाव पर रोक लगा दी गई है। साथ ही आपत्तियों के निपटान के लिए सब कमेटी का गठन करने को कहा गया है। सब कमेटी के सदस्यों के बारे में बाद में बताया जाएगा।
- विजय लक्ष्मी, रजिस्ट्रार