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बारिश का सिलसिला थमा, सूर्यदेव ने नहीं दिए दर्शन
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The rain stopped, Suryadev did not give darshan
- फोटो : Kaithal
कैथल। जिले में बारिश का सिलसिला तो थम गया लेकिन सूर्यदेव के दर्शन सोमवार को भी नहीं हुए। सर्दी से दिनभर लोग कांपते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो से तीन दिन तक कोहरे के साथ शीतलहर जारी रहेगी। हालांकि बुधवार को धूप निकलने की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बीते लगभग 20 दिनों से लगातार धूप नहीं निकली। इसके कारण लोगों की जिला मुख्यालय पर आवाजाही घट गई है। दो दिन तक हुई बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। सोमवार को भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा ने कहा कि एक दिन और मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इसके बाद बुधवार से धूप निकलने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ रहेगा। धूप न निकलने से बुजुर्ग लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड होने की वजह से बच्चे भी खेलने के लिए घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। गांवों से बाजारों तक लोग अलाव का सहारा लेकर दिन बिताने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं को छोड़कर सरसों, सब्जी की फसल को बारिश नुकसान पहुंचा सकती है। गेहूं के खेतों में भी यदि जलभराव हो गया तो नुकसान हो सकता है। उधर सुबह और शाम के समय कोहरा छाने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कहीं कहीं तो कोहरा इतना अधिक होता है कि सामने से कुछ भी दिखाई नहीं देता। इसी वजह से कई बार दुर्घटनाएं भी होती हैं।
गेहूं के खेत में पानी का ठहराव न होने दें किसान
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार ठंड बढ़ना गेहूं के लिए फायदेमंद है लेकिन यह पानी गेहूं के खेतों में ठहर गया तो नुकसान हो सकता है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में पानी ठहरने नहीं दें। कहा कि तेज हवा के कारण अगेती किस्म की सरसों की फसल, जिसमें दाने निकलने लगे हैं, वे जमीन पर गिर सकते हैं। साथ ही जिन सरसों में फूल निकल रहे हैं, बारिश और तेज हवा के कारण उनके फूल झड़ने से नुकसान हो सकता है।
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बीते लगभग 20 दिनों से लगातार धूप नहीं निकली। इसके कारण लोगों की जिला मुख्यालय पर आवाजाही घट गई है। दो दिन तक हुई बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। सोमवार को भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा ने कहा कि एक दिन और मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इसके बाद बुधवार से धूप निकलने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ रहेगा। धूप न निकलने से बुजुर्ग लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड होने की वजह से बच्चे भी खेलने के लिए घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। गांवों से बाजारों तक लोग अलाव का सहारा लेकर दिन बिताने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं को छोड़कर सरसों, सब्जी की फसल को बारिश नुकसान पहुंचा सकती है। गेहूं के खेतों में भी यदि जलभराव हो गया तो नुकसान हो सकता है। उधर सुबह और शाम के समय कोहरा छाने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कहीं कहीं तो कोहरा इतना अधिक होता है कि सामने से कुछ भी दिखाई नहीं देता। इसी वजह से कई बार दुर्घटनाएं भी होती हैं।
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गेहूं के खेत में पानी का ठहराव न होने दें किसान
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार ठंड बढ़ना गेहूं के लिए फायदेमंद है लेकिन यह पानी गेहूं के खेतों में ठहर गया तो नुकसान हो सकता है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में पानी ठहरने नहीं दें। कहा कि तेज हवा के कारण अगेती किस्म की सरसों की फसल, जिसमें दाने निकलने लगे हैं, वे जमीन पर गिर सकते हैं। साथ ही जिन सरसों में फूल निकल रहे हैं, बारिश और तेज हवा के कारण उनके फूल झड़ने से नुकसान हो सकता है।
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