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Kaithal News: कागजों से नहीं निकली सरस्वती नदी के जीर्णोद्धार की योजना

Sat, 02 Dec 2023 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 02 Dec 2023 01:17 AM IST
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The plan for the restoration of Saraswati river did not emerge from the papers.
संवाद न्यूज एजेंसी
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सीवन/कैथल। पोलड़ गांव से गुजर रही सरस्वती नदी के जीर्णोद्धार के फैसले के महीनों बाद भी इस पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। तीन महीने पहले ही सरस्वती हेरिटेज बोर्ड ने इस नदी के रास्ते से पंजाब तक कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसके लिए निविदा सूचना भी जारी नहीं हो सकी है।

सरस्वती नदी के जीर्णोद्धार के लिए पिहोवा से लेकर पंजाब बॉर्डर तक करीब 50 किलोमीटर का कॉरिडोर बनना है, लेकिन अभी तक धरातल पर ऐसी कोई योजना साकार रूप में नजर नहीं आ रही है। वहीं लंबे समय से सरस्वती नदी में पिहोवा की ओर से फैक्टरियों का गंदा रसायन युक्त पानी आ रहा है, जिसके कारण इस नदी का पानी इस्तेमाल के लायक नहीं रह गया है।
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स्थिति यह है कि सरस्वती नदी ने अब ड्रेन का रूप ले लिया है। सरस्वती के किनारे पर बसे गांव प्रेमपुरा, कवारतन, ककराला, पोलड़, सौथा, चक्कू लदाना के लोगों ने कई बार फैक्टरियों के गंदे पानी को बंद करवाने की मांग प्रशासन व सरकार से की है पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
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पोलड़ के समाजसेवी जगदीप सिंह, सतीश वर्मा, इंद्र व गांव सौथा के पूर्व सरपंच सतीश कुमार, राज कुमार राणा ने बताया कि इसमें बहुत ही गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। इस कारण आसपास से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। यही नहीं गंदे पानी के कारण किनारे बसे गांव के ग्रामीणों में चर्म रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इसमें पिहोवा, शाहाबाद में लगी फैक्ट्रियों का रसायन युक्त पानी डाला जा रहा है। पोलड़ गांव में मां सरस्वती का मंदिर एवं तीर्थ है। ऐसे में घाट पर अलग से होज बनाकर उसमें पानी डाला गया है, ताकि श्रद्धालु जन उसमें स्नान और पूजा अर्चना कर सकें।

उन्होंने बताया कि सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच भी गांव पोलड़ में कई बार आ चुके हैं, परंतु हालात अभी तक नहीं बदले हैं।

पोलड़ के पूर्व सरपंच गगनदीप कौर, शरणजीत सिंह सौथा, गुरलाल सिंह, पोलड़ से सतीश वर्मा, सुनील कुमार, इंद्र लाल ने मांग की है कि सरस्वती नदी में चल रहे इस रसायन युक्त गंदे पानी को तुरंत बंद करवाया जाए। साथ ही कॉरिडोर निर्माण का कार्य शुरू कराया जाए।

सरस्वती नदी के जीर्णोद्धार के लिए कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की गई है। फिलहाल इसके लिए सरकार से अनुमति लेने की प्रक्रिया जारी है। सरकार की अनुमति मिलने के बाद निविदा सूचना जारी करवाई जाएगी। प्रयास है कि पिहोवा तीर्थ से लेकर पंजाब बार्डर तक सरस्वती नदी किनारे विकास करवाएं और बड़े प्रोजेक्ट भी लगाएं। -धूमन सिंह किरमच, उपाध्यक्ष- सरस्वती हेरिटेज बोर्ड
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