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Kaithal News: जीपीएस सिस्टम से धान के उठान की राह कठिन

Sat, 30 Sep 2023 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 30 Sep 2023 01:23 AM IST
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The path of lifting paddy is difficult due to GPS system
कमल बहल
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कैथल। शहर की अनाज मंडियों में सरकार की नई पॉलिसी के तहत उठान न होने से आढ़तियों व राइस मिलरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नई पॉलिसी के तहत सरकार ने मंडी से धान का उठान करने वाले ट्रकों में जीपीएस सिस्टम लगाने का नियम लागू किया है। ऐसे में इस धान उठान की राह कठिन दिख रही है।

पिछले चार दिनों में अब तक शहर की तीनों मंडियों (नई, पुरानी और विस्तार) में डेढ़ लाख क्विंटल से अधिक धान की आवक हो चुकी है। इनमें निजी खरीद के 50 हजार क्विंटल धान का उठान किया जा चुका है जबकि सरकारी खरीद के धान का उठान भी तक नहीं हो सका है।
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अब यह स्थिति बन गई है शहर की मंडियों से बाहर ही धान की ढेरियां डालनी पड़ रही है। इस समय शहर की नई अनाज मंडी में केवल 30 ट्रकों में ही जीपीएस सिस्टम लगाने की प्रक्रिया पूरी हो सकी है जबकि अन्य किसी भी मंडी में ट्रकों पर जीपीएस सिस्टम नहीं लगाया गया है। जिले में जरूरत के अनुसार करीब 300 ट्रकों की जरूरत है। जबकि यहां पर केवल 100 से 120 ट्रक ही हैं। गौरतलब है कि शहर की तीनों मंडियों में अलग- अलग ठेकेदार को यह ठेका दिया गया है। मिलर व आढ़तियों की मांग है कि ट्रकों की कमी पर ट्रैक्टर व ट्रालियों में जीपीएस की व्यवस्था की जानी चाहिए इससे भी उठान की समस्या कम हो जाएगी। ट्रकों पर जीपीएस सिस्टम न लगने पर किसान पहले ही अपना रोष जता चुके हैं। यहां के किसानों का कहना था कि उनकी समस्या को कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।
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कैथल के एसडीएम कपिल कुमार ने कहा कि मंडी में धान के उठान को लेकर समस्या आ रही है। इस बात को लेकर उन्होंने हैफेड़, फूड सप्लाई आदि से बात की है। उन्होंने लिफ्टिंग एजेंसी से भी बात की है। गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम ना लगे होने के कारण यह समस्या आई है।

उन्होंने मंडी से धान का उठान करने वाली एजेंसी को निर्देश दिए है कि वे गाड़ियों में जेपीएस सिस्टम लगाकर तुरंत उठान के कार्य में तेजी लाए। वहीं, मार्केट कमेटी के सचिव बसाऊ राम ने बताया कि नई अनाज मंडी में 30 ट्रकों पर जीपीएस सिस्टम लगा दिए गए हैं। अगले एक से दो दिन में इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
यह है जीपीएस सिस्टम का नियम
सरकार की नई खरीद पॉलिसी के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया पीआर किस्म का धान मंडी से संबंधित राइस मिल तक पहुंचाने के लिए वाहन पर जीपीएस सिस्टम लगाना होगा। इसके तहत संबंधित खरीद एजेंसी की तरफ से आउट गोइंग पास वाहन चालक को दिया जाएगा। यह व्यवस्था ट्रकों ठेकेदार की तरफ से की जाएगी। जिले में 26 सितंबर से धान की खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक सरकारी मूल्य पर खरीदे गए धान के उठान की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
राइस मिलों में समय पर धान पहुंचाने की मांग ः सचिन

कैथल राइस मिलर एंड डीलर एसोसिएशन के जिला प्रधान सचिन मित्तल ने बताया कि उनकी केवल राइस मिलों में समय पर धान पहुंचाने की मांग है। यदि समय से धान मिल के नहीं पहुंचेगा तो इनके खराब होने का अधिक अंदेशा रहेगा। सरकार उनके राइस मिलों में धान जीपीएस लगे ट्रकों में पहुंचाए या बिना जीपीएस के। उनके राइस मिलों में आने वाला धान समय पर पहुंचे, ताकि वे इससे चावल निकाल सकें।


जिले में ट्रकों की कमी ः धर्मपाल

नई अनाज मंडी एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि जिले में ट्रकों की कमी है। अतिरिक्त नई अनाज मंडी में जिस ठेकेदार के पास ट्रकों का टेंडर दिया गया है। उसके पास जरूरत के अनुसार ट्रक ही नहीं है। ऐसे में कैसे उठान की सही व्यवस्था हो पाएगी। सरकार को ट्रैक्टर व ट्रालियों में जीपीएस की व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे प्रशासन भी अपना अच्छे से काम कर पाएगा। फिर किसान, आढ़ती और राइस मिलर को भी राहत मिलेगी।
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