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Kaithal News: मुश्किल है सफर, यहां कदम दर कदम बढ़ता जा रहा है खतरा
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कमल बहल
कैथल। कैथल-चीका रोड पर सड़क का निर्माण होने के दो साल बाद फिर से गड्ढों की समस्या बन गई है। ऐसे में इस रास्ते की डगर बेहद मुश्किल हो रही है, क्योंकि यहां बने गड्ढों के कारण कदम दर कदम खतरा बना है।
बता दें कि यह मार्ग कैथल को पंजाब के पटियाला जिले को जोड़ता है और यह स्टेट हाइवे है। ऐसे कांगथली से खानपुर गांव तक करीब 20 किलोमीटर तक इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं, जो इस समय बड़ी परेशानी है जबकि इससे पहले ही सड़क निर्माण होने से पहले एक साल में चार से अधिक मौतें हुई थी। इसमें दो युवक और एक तीन वर्षीय बच्ची और उसकी मां की मौत बाइक से गिरने के कारण हुई थी।
इसके बाद पूरे हल्का के लोगों में सड़क का निर्माण न होने पर सरकार के खिलाफ अपना रोष जताते हुए धरना देकर करीब एक माह तक भूख हड़ताल की थी। इस प्रदर्शन के बाद ही इस सड़क के निर्माण को मंजूरी मिली थी लेकिन करीब दो साल बाद फिर से सड़क के खस्ताहाल होने से इस मार्ग पर हादसे होने का भय बनने लगा है।
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यही नहीं, इस सड़क पर करीब 120 गांवों के लोग अपने वाहनों के माध्यम से कैथल और चीका तक आवागमन करते है। ऐसे में यह सड़क 50 हजार से भी अधिक आबादी को प्रभावित करती है। 120 में से 90 गांव तो अकेले गुहला हल्का के हैं। वाहनों के अधिक आवागमन को देखते हुए करीब एक माह पहले ही गुहला के एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने एक माह पहले ही 15 दिन में सड़कों पर गड्ढे भरने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है।
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कैथल। कैथल-चीका रोड पर सड़क का निर्माण होने के दो साल बाद फिर से गड्ढों की समस्या बन गई है। ऐसे में इस रास्ते की डगर बेहद मुश्किल हो रही है, क्योंकि यहां बने गड्ढों के कारण कदम दर कदम खतरा बना है।
बता दें कि यह मार्ग कैथल को पंजाब के पटियाला जिले को जोड़ता है और यह स्टेट हाइवे है। ऐसे कांगथली से खानपुर गांव तक करीब 20 किलोमीटर तक इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं, जो इस समय बड़ी परेशानी है जबकि इससे पहले ही सड़क निर्माण होने से पहले एक साल में चार से अधिक मौतें हुई थी। इसमें दो युवक और एक तीन वर्षीय बच्ची और उसकी मां की मौत बाइक से गिरने के कारण हुई थी।
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इसके बाद पूरे हल्का के लोगों में सड़क का निर्माण न होने पर सरकार के खिलाफ अपना रोष जताते हुए धरना देकर करीब एक माह तक भूख हड़ताल की थी। इस प्रदर्शन के बाद ही इस सड़क के निर्माण को मंजूरी मिली थी लेकिन करीब दो साल बाद फिर से सड़क के खस्ताहाल होने से इस मार्ग पर हादसे होने का भय बनने लगा है।
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यही नहीं, इस सड़क पर करीब 120 गांवों के लोग अपने वाहनों के माध्यम से कैथल और चीका तक आवागमन करते है। ऐसे में यह सड़क 50 हजार से भी अधिक आबादी को प्रभावित करती है। 120 में से 90 गांव तो अकेले गुहला हल्का के हैं। वाहनों के अधिक आवागमन को देखते हुए करीब एक माह पहले ही गुहला के एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने एक माह पहले ही 15 दिन में सड़कों पर गड्ढे भरने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है।