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Kaithal News: गंदे पानी का मामला कष्ट निवारण समिति में पहुंचेगा

Thu, 15 Jan 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 15 Jan 2026 01:06 AM IST
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The issue of dirty water will reach the grievance redressal committee.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर के कई इलाकों में पीने के पानी की सप्लाई में गंदगी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूषित पानी के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जबकि कई परिवार मजबूरी में बाजार से पानी खरीदकर पीने को विवश हैं। अमर उजाला ने इस गंभीर समस्या को अभियान के रूप में प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद यह मुद्दा अब प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद के अधिकारियों से बातचीत कर मामले को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गंदे पानी की सप्लाई को लेकर लोगों में भारी रोष है और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठाया जाएगा। वहां अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मंत्री के समक्ष भी शिकायत रखी जाएगी।
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व्यवस्थाएं ः शहर में दो जलघर हैं और नहरी पानी से सप्लाई जोड़ी गई है। सफाई और रखरखाव के लिए आठ कर्मचारियों की तैनाती का दावा है, लेकिन हकीकत में सफाई व्यवस्था कमजोर है।
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दूसरी ओर जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल ने बताया कि शहर की हाल ही में वैध हुई 22 कॉलोनियों में नई पाइपलाइन डाली जाएगी, जिस पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रताप गेट क्षेत्र में नया ट्यूबवेल लगाने की योजना है।


पीने योग्य नहीं रह गया नल का पानी

अर्जुन नगर, प्रताप गेट, माता गेट, चंदाना गेट और डोगरा गेट सहित कई इलाकों में नलों से आने वाला पानी पीने के लायक नहीं है। ऐसे में निजी आरओ प्लांट, कैंपर सप्लाई और बोतलबंद पानी बेचने वालों की मांग बढ़ गई है। जिले में 22 आरओ प्लांट संचालित हैं, लेकिन इनके पानी की गुणवत्ता जांच लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी है। अब तक सैंपल लेकर यह भी नहीं परखा गया कि यह पानी मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
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