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सरकार ही नहीं दे रही शहर की सरकार को टैक्स

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 02:26 AM IST
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The government is not only paying tax to the city government
लघु सचिवालय परिसर पर 24 लाख 95 हजार रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, जिसका नगर परिषद को भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अन्य सरकारी विभागों पर बकाये की सहज ही कल्पना की जा सकती है। अब प्रदेश सरकार ने ऐसे कार्यालयों का ब्यौरा मांगा है, जिन पर नगर परिषद का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
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प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए नगर परिषद की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं पर सरकारी कार्यालयों के जिम्मेदार ही बकाया राशि जमा करने को तैयार नहीं है। ऐसे में निजी भवन मालिकों पर भी शिकंजा नहीं कस पा रहा है। स्थिति यह है कि सरकारी कार्यालयों पर ही नगर परिषद का करीब चार करोड़ प्रापर्टी टैक्स बकाया है। सरकार के हस्तक्षेप के बाद अब बकाया वसूली की आस जगी है।
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नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार कैथल शहर में मुख्यत: मार्केट कमेटी की ओर 10 लाख 73 हजार से अधिक, पुलिस विभाग की ओर 70 लाख से अधिक, शुगर मिल पर 2 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक, हरियाणा एग्रो पर 6 लाख 60 हजार से अधिक, जनस्वास्थ्य विभाग के बलराज नगर में स्थित कार्यालय पर 2 लाख 56 हजार से अधिक, प्यौदा रोड पर स्थित पेयजल प्लांट पर 8 लाख से अधिक, हैफेड कैथल पर 8 लाख 55 हजार से अधिक, वन विभाग पर 3 लाख 58 हजार से अधिक, लोक निर्माण विभाग पर 8 लाख 16 हजार रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इससे अलग लघु सचिवालय पर 24 लाख 95 हजार से अधिक का प्रापर्टी टैक्स बकाया है। नगर परिषद की ओर से इन विभागों की लंबित बकाये की सूची तैयार कर ली गई है। शेष उन विभागों की भी सूची तैयार की जाएगी, जिनकी ओर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है और उपरोक्त सूची में शामिल नहीं हैं।
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मुख्यालय भेजी जाएगी रिपोर्ट-
सरकारी भवनों की ओर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की सूची तैयार करके मुख्यालय भेजी जाएगी। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी डीएमसी को यह रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।
वसूली हुई तो विकास कार्य भी पकडे़ंगे रफ्तार
नगर परिषद को यदि बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की करीब 4 करोड़ रुपये की बकाया राशि मिल जाती है तो शहर में करवाए जाने वाले विकास कार्यों को गति मिल सकेगी। इस समय कुछेक मदों को छोड़कर अधिकतर में फंड की समस्या चल रही है, जिस कारण शहर में कई तरह के विकास कार्य लंबित हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी-
ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक ने कहा कि डीएमसी के निर्देशानुसार शहर में सभी सरकारी विभागों के प्रॉपर्टी टैक्स की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके। निश्चित तौर पर यदि यह राशि मिल जाती है तो विकास कार्य तेजी पकड़ेंगे। शहर में लगभग चार करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स सरकारी भवनों की ओर बकाया है।
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