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Kaithal News: तटबंध टूटा, सैकड़ों एकड़ धान जलमग्न
Wed, 10 Sep 2025 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:51 AM IST
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कैथल। खुशहाल माजरा में तटबंध टूटने का बाद जलमग्न हुई फसल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। क्षेत्र के गांव खुशहाल माजरा में जंगल के समीप घग्गर नदी का तटबंध टूटने से हालात गंभीर हो गए हैं। मंगलवार सुबह गांव खुशहाल माजरा व सरोला के पास तटबंध में करीब 20 फीट का कटाव आ गया, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया।
खुशहाल माजरा के सरपंच प्रतिनिधि गुरजंट सिंह, तेजा नंबरदार, सतनाम सिंह, गुरदयाल सिंह, रवि सीड़ा, प्रवीण कुमार ग्रामीणों के मुताबिक पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही घंटों में खेत तालाब में तब्दील हो गए। सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई।
जब ग्रामीणों ने इस कटाव को देखा तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत प्रभाव से प्रशासन और आस-पास के ग्रामीणों को दी। सूचना पर काफी ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने ही स्तर पर मिट्टी के थैलों से घग्घर नदी के बांध में आए कटाव को बंद करने के प्रयास शुरू कर दिए। किसानों और ग्रामीणों ने मिलकर आठ घंटे की मशक्कत में तटबंध को दुरुस्त करने का प्रयास किया। घग्गर नदी के पानी की आवक इतनी तेज थी कि पानी का दबाव संभालना मुश्किल हो गया। तटबंध पर जाने के रस्ते के न होने और पोकलैन व एक्सकेवेटर मशीनों के देर से पहुँचने के कारण हालात और बिगड़ गए।
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सरपंच प्रतिनिधि गुरजंट सिंह और किसानों ने खुद ही रेत से भरे बोरे की मदद से अस्थायी बांध बनाने की कोशिश की। प्रशासनिक मदद देर से पहुंचने के बावजूद गांव के लोग पूरी ताकत से पानी को रोकने में जुटे रहे। गनीमत यह है कि गुहला चीका क्षेत्र टटियाना हेड पर सोमवार की तुलना में मंगलवार को जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
तटबंध पर जाने के लिए रस्ता के न होने से पोकलैन व एक्सकेवेटर मशीनों के पहुंचने में देरी हुई है। एक किसान ने अपने खेतों से तटबंध पर जाने के लिए रस्ता दिया जाने के बाद तटबंध मशीनें पहुंच कर तटबंध को बंद करने में लगे गई है एक से डेढ़ घंटे में बंध को भर दिया जाएगा। रही बात घग्गर नदी के जलस्तर की आज टटियाना हेड पर पानी की कमी दर्ज की गई है।
अजमेर मलिक, एसडीओ, नहरी विभाग चीका।
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गुहला-चीका। क्षेत्र के गांव खुशहाल माजरा में जंगल के समीप घग्गर नदी का तटबंध टूटने से हालात गंभीर हो गए हैं। मंगलवार सुबह गांव खुशहाल माजरा व सरोला के पास तटबंध में करीब 20 फीट का कटाव आ गया, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया।
खुशहाल माजरा के सरपंच प्रतिनिधि गुरजंट सिंह, तेजा नंबरदार, सतनाम सिंह, गुरदयाल सिंह, रवि सीड़ा, प्रवीण कुमार ग्रामीणों के मुताबिक पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही घंटों में खेत तालाब में तब्दील हो गए। सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई।
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जब ग्रामीणों ने इस कटाव को देखा तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत प्रभाव से प्रशासन और आस-पास के ग्रामीणों को दी। सूचना पर काफी ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने ही स्तर पर मिट्टी के थैलों से घग्घर नदी के बांध में आए कटाव को बंद करने के प्रयास शुरू कर दिए। किसानों और ग्रामीणों ने मिलकर आठ घंटे की मशक्कत में तटबंध को दुरुस्त करने का प्रयास किया। घग्गर नदी के पानी की आवक इतनी तेज थी कि पानी का दबाव संभालना मुश्किल हो गया। तटबंध पर जाने के रस्ते के न होने और पोकलैन व एक्सकेवेटर मशीनों के देर से पहुँचने के कारण हालात और बिगड़ गए।
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सरपंच प्रतिनिधि गुरजंट सिंह और किसानों ने खुद ही रेत से भरे बोरे की मदद से अस्थायी बांध बनाने की कोशिश की। प्रशासनिक मदद देर से पहुंचने के बावजूद गांव के लोग पूरी ताकत से पानी को रोकने में जुटे रहे। गनीमत यह है कि गुहला चीका क्षेत्र टटियाना हेड पर सोमवार की तुलना में मंगलवार को जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
तटबंध पर जाने के लिए रस्ता के न होने से पोकलैन व एक्सकेवेटर मशीनों के पहुंचने में देरी हुई है। एक किसान ने अपने खेतों से तटबंध पर जाने के लिए रस्ता दिया जाने के बाद तटबंध मशीनें पहुंच कर तटबंध को बंद करने में लगे गई है एक से डेढ़ घंटे में बंध को भर दिया जाएगा। रही बात घग्गर नदी के जलस्तर की आज टटियाना हेड पर पानी की कमी दर्ज की गई है।
अजमेर मलिक, एसडीओ, नहरी विभाग चीका।

कैथल। खुशहाल माजरा में तटबंध टूटने का बाद जलमग्न हुई फसल। संवाद