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कोहरे का असर शुरू, सड़कों पर टूटे पड़े संकेतक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 11:09 PM IST
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The effect of fog started, the signs were broken on the roads
The effect of fog started, the signs were broken on the roads - फोटो : Kaithal
कोहरे का मौसम शुरू हो रहा है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से मुख्य सड़कों और रात में अंधकार में डूबे मोड़ पर तैयारियां अभी अधूरी हैं। मुख्य चौक-चौराहों और सड़कों पर सफेद पट्टी भी नहीं है। कहीं सड़कों पर गहरे गड्ढे बने हैं तो कई जगहों पर सांकेतिक बोर्ड टूटे पड़े हैं। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर लगभग 20 जगहों पर डेथ प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं। जहां हर वर्ष लोगों की सड़क हादसों में जान जा रही है। खतरनाक जगहों पर पहले सांकेतिक चिन्ह जो लगाए गए हैं, वह साफ दिखाई नहीं दे रहे हैं। किसी पर जंग लगा हुआ है तो कहीं झाड़ियों में छिपे हुए दिखाई दे रहे हैं। इसलिए अधूरी तैयारियों से कोहरे के मौसम में वाहन चालकों को सफर करना मुश्किल भरा रहेगा। इससे हादसों में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ने की संभावना रहेगी।
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तितरम मोड़, चंडीगढ़ हिसार नेशनल हाइवे पर पिजुपुरा के पास, अंबाला रोड बाईपास चौक, बाता गांव में बस अड्डा के नजदीक, जींद रोड बाईपास चौक, कलायत शहर का कैंची चौक, बाता गांव में बस अड्डा के नजदीक, गांव क्योड़क, करनाल रोड बाईपास चौक, अंबाला रोड बाईपास चौक, ढांड रोड बाईपास चौक, ढांड में पंचमुखी चौक, कैथल शहर का विश्वकर्मा चौक, गुहला का उद्यम सिंह चौक, असंध मार्ग पर देवबन कैंची और पूंडरी-करनाल मार्ग पर भी डेथ प्वाइंटों व अंधे मोड़ को चिह्नित किया गया है। सर्वे के बाद इन प्वाइंटों को चिह्नित किया था। उसके बाद कुछ समय तक प्रशासन ने यहां सफेद पट्टी, संकेतक तक चिन्ह लगाए, लेकिन अब कुछेक प्वाइंटों को छोड़कर अन्य प्वाइंटों पर हालात ठीक नहीं है।
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बिना रिफ्लेक्टर के सड़कों पर दौड़ रहे हैं वाहन-शहर में अब तक बिना रिफ्लेक्टर के वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। हादसा होने का खतरा रहता है। वाहन चालकों को पुलिस द्वारा हादसों को रोकने के लिए जागरूक किया जाता है। उसके बाद भी शहर में ऑटो, निजी बसों, ट्रक व गाड़ियों पर रिफ्लेक्टर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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कोहरे के मौसम में रिफ्लेक्टर का महत्व अधिक हो जाता है। सामान्य दिनों में रात के समय करीब 50 मीटर की दूरी से इस पर वाहनों का प्रकाश पड़ते ही शाइनिंग शुरू हो जाती है। जिससे वाहन चालक अलर्ट हो जाता है। इसी प्रकार से कोहरे के समय इस पर लाइट पड़ने से चमक जरूर कम हो जाती है।

सड़क हादसों में कोहरे के मौसम से पहले ही लोग जान गंवा रहे हैं। पिछले सप्ताह हादसों में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई। जबकि शनिवार को भी एक सड़क हादसे में दो व्यक्तियों की मौत हुई है। ट्रैफिक एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि कोहरा के मौसम से पहले ही जिले में सड़कों पर जल्द ही संकेतक बोर्ड और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने के आदेश दिए हैं। वाहन चालकों का जागरूक किया जा रहा है। अगर जल्द ही वाहन चालकों ने रिफ्लेक्टर नहीं लगाए तो वाहनों के चालान किए जाएंगे।
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