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Kaithal News: ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वॉयर का सपना अभी भी अधूरा

Tue, 01 Oct 2024 04:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 01 Oct 2024 04:01 AM IST
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The dream of dream project City Square is still incomplete
कमल बहल
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कैथल। शहर के ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वॉयर का भी पिछले 10 साल से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य पूरा न होने से शहर के लोगों को इसका बड़ा मलाल है, जो इस चुनाव में बड़ा मुद्दा बना है। यही नहीं, जब प्रचार के दौरान प्रत्याशियों की ओर से विकास को लेकर भाषण की बात होती है तो इस पर भी चर्चा जरूर होती है क्योंकि इस परियोजना के पूरा न होने के कारण न तो शहर के लोगों को जाम से मुक्ति मिल पा रही है और न ही शहर को सुंदरता।

गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत वर्ष 2014 में निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी, लेकिन अफसोस की बात है कि इस निर्माण 10 साल भी पूरा नहीं हो पाया है। इस परियोजना के तहत कभी निर्माण कार्य शुरू हो जाता है तो कभी बंद हो जाता है।
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वर्तमान में भी इस परियोजना की स्थिति तो यह कि निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद है क्योंकि आचार संहिता के लगने से पहले ही नगर परिषद की ओर से इसकी निर्माण की एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया गया था और उसका ठेका भी पूरी तरह से रद्द कर दिया गया था।
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इस प्रोजेक्ट पर करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके तहत अब तक 50 प्रतिशत तक कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। विदित रहे कि सिटी स्क्वायर में शहरवासियों को कई सुविधाएं मिलनी है। इसमें 30 बैंक एक साथ स्थापित हो सकेंगे। पांच मंजिला भवन का निर्माण सिटी स्क्वायर के तहत किया जाना है। इसके साथ ही यहां पर पार्किंग की सुविधा भी शहर के लोगों दी जानी है। संवाद

अभी भी निर्माण कार्य है बंद

पुराना बस अड्डा पर ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वॉयर सिटी स्क्वायर निर्माण रोकने पर निर्माण करने वाली एजेंसी को कुछ समय पहले ही नगर परिषद ने निष्कासित कर दिया था। हैरानी से नगर परिषद ने एजेंसी पर साढ़े पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के बाद कई बार नोटिस भी दिया था। यह नोटिस देने के बावजूद निर्माण को लेकर कोई बात नहीं बनी। आखिरकार एजेंसी के ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करना पड़ा। - जितेंद्र बंसल, शहरवसी।

गैर जिम्मेदाराना रहा रवैया

शहर की ड्रीम प्रोजेक्ट होने के बावजूद सिटी स्क्वायर का निर्माण कार्य पूरा न होना सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया है। यह सरकार की एक बड़ी विफलता है। क्योंकि इसका निर्माण कार्य पिछले 10 साल से पूरा नहीं हो पाया है। दूसरा यह है सीएम फ्लाइंग के माध्यम से भ्रष्टाचार के आरोप में ठेकेदार सहित अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया। इस पर भी आगामी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। अब उम्मीद है नई सरकार आएगी तो इस परियोजना को पूरा करेगी। - एडवोकेट राकेश सरदाना, पूर्व पार्षद, कैथल।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी रही परियोजना

शहर के इस ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वायर परियोजना पर गत वर्ष 2018 में निर्माण शुरू हुआ था। इसके बाद इस परियोजना में भ्रष्टाचार करने के आरोप भी पूर्व अध्यक्ष और कई अधिकारियों पर लगे। इस मामले में जांच अभी जारी है। इसके बाद पिछले करीब एक साल पहले ही यह निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन यह फिर से बंद हो गया। इस परियोजना पर पहले 38 करोड़ रुपये खर्च होना था, लेकिन पिछले साल इसका बजट बढ़ाकर 54 करोड़ रुपये कर दिया था। इसके बाद भी निरंतर रूप से कार्य नहीं चल पाया। - मोहन शर्मा, पार्षद वार्ड नंबर 28 व कांग्रेस नेता, कैथल।


शहर के पुराना बस अड्डा पर बनने वाले सिटी स्क्वायर सिटी स्क्वायर निर्माण को लेकर संबंधित एजेंसी का ठेकेदार पिछले लंबे समय निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा था। इसके बाद उसकी एजेंसी को निष्कासित कर दिया है। आचार संहिता हटने के बाद नगर परिषद की सदन की बैठक बुलाकर इसके निर्माण के लिए नई एजेंसी को काम दिया जाएगा। - सुरभि गर्ग, अध्यक्ष, नगर परिषद, कैथल।
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