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Kaithal News: रोजगार देने वाला जिला कार्यालय ही हुआ बेघर
Wed, 29 Jan 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 29 Jan 2025 01:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने वाला जिला कौशल रोजगार कार्यालय खुद बेघर हो गया है। जी हां, यह खबर सच है। दरअसल, जिला परिषद कार्यालय में स्थित कार्यालय पर एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा ने बाहर से ताला लगवा दिया है। इसके कारण कर्मचारियों को पेड़ के नीचे बैठकर काम करना पड़ रहा है। रोजगार योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालय पहुंचे युवा व युवतियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गौरतलब है कि जिला परिषद में सदन की बैठक में हुए निर्णय के बाद प्रशासन की ओर से मंगलवार को जिला रोजगार कार्यालय बंद कर दिया गया। इस कार्यालय में प्रतिदिन 200 से अधिक युवा आते हैं, लेकिन मंगलवार को आए युवा व युवतियों को लौटना पड़ा। यहां कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी ठोस इंतजाम के कार्यालय से उन्हें बाहर कर दिया गया, जिससे उनका कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मामला प्रशासनिक प्रबंधन और जनहित की अनदेखी का उदाहरण बन गया है।
उनके कार्यालय को एकदम से ताला लगा दिया गया।
मौेके पर पहुंची पूंडरी निवासी युवती मानसी ने बताया कि वह अपना बेरोज़गार भत्ता पाने के लिए कार्यालय में आई थी। यहां आकर पता चला कि यहां कार्यालय को ही ताला लगा हुआ है। उनके आवेदन की बुधवार को अंतिम तिथि है। यदि उनका आवेदन नहीं हुआ तो वह सरकार की योजना से वंचित रह जाएगी। इसके अलावा इस कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवा अपने भविष्य की उम्मीद लेकर आते हैं। कार्यालय के
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बाहर ताला लगने और पेड़ के नीचे काम चलने के कारण अब उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। युवाओं का कहना है कि यह कार्यालय उनके कॅरियर का सहारा था, लेकिन अब उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि चेयरमैन कर्मबीर कौल की अध्यक्षता में जिला परिषद हाउस की बैठक में जिला रोजगार कार्यालय को खाली करने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन से पत्राचार उनके भवन से कमरों को खाली करवाने के बारे में लिखा गया था।
इस पर संज्ञान लेते हुए एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा ने दो महीने पहले ही जिला सचिवालय में शिफ्ट करने के लिए वैकल्पिक कमरा तैयार करवा दिया था, लेकिन रोजगार कार्यालय के
अधिकारी ने इसे शिफ्ट नहीं किया। बार-बार चेतावनी के बावजूद कमरे खाली न करने के बाद सभी कर्मचारियों
को बाहर निकाल कर ताला लगवा दिया। अब ये कर्मचारी ड्यूटी का
समय पूरा करने के लिए जिला परिषद कार्यालय के प्रांगण में पेड़ के नीचे बेंचों पर बैठे रहते हैं।
जिला रोजगार कार्यालय को दो महीने पहले जिला सचिवालय में नया कमरा आवंटित किया गया था, लेकिन विभाग के अधिकारी ने वहां शिफ्टिंग नहीं किया। इसको लेकर आगामी कार्रवाई के लिए इनके मुख्यालय को पत्र भी लिखा है। ये पूरा मामला डीसी की जानकारी में भी ला दिया गया है। -दीपक बाबूलाल कारवा, एडीसी
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कैथल। बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने वाला जिला कौशल रोजगार कार्यालय खुद बेघर हो गया है। जी हां, यह खबर सच है। दरअसल, जिला परिषद कार्यालय में स्थित कार्यालय पर एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा ने बाहर से ताला लगवा दिया है। इसके कारण कर्मचारियों को पेड़ के नीचे बैठकर काम करना पड़ रहा है। रोजगार योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालय पहुंचे युवा व युवतियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गौरतलब है कि जिला परिषद में सदन की बैठक में हुए निर्णय के बाद प्रशासन की ओर से मंगलवार को जिला रोजगार कार्यालय बंद कर दिया गया। इस कार्यालय में प्रतिदिन 200 से अधिक युवा आते हैं, लेकिन मंगलवार को आए युवा व युवतियों को लौटना पड़ा। यहां कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी ठोस इंतजाम के कार्यालय से उन्हें बाहर कर दिया गया, जिससे उनका कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मामला प्रशासनिक प्रबंधन और जनहित की अनदेखी का उदाहरण बन गया है।
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उनके कार्यालय को एकदम से ताला लगा दिया गया।
मौेके पर पहुंची पूंडरी निवासी युवती मानसी ने बताया कि वह अपना बेरोज़गार भत्ता पाने के लिए कार्यालय में आई थी। यहां आकर पता चला कि यहां कार्यालय को ही ताला लगा हुआ है। उनके आवेदन की बुधवार को अंतिम तिथि है। यदि उनका आवेदन नहीं हुआ तो वह सरकार की योजना से वंचित रह जाएगी। इसके अलावा इस कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवा अपने भविष्य की उम्मीद लेकर आते हैं। कार्यालय के
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बाहर ताला लगने और पेड़ के नीचे काम चलने के कारण अब उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। युवाओं का कहना है कि यह कार्यालय उनके कॅरियर का सहारा था, लेकिन अब उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि चेयरमैन कर्मबीर कौल की अध्यक्षता में जिला परिषद हाउस की बैठक में जिला रोजगार कार्यालय को खाली करने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन से पत्राचार उनके भवन से कमरों को खाली करवाने के बारे में लिखा गया था।
इस पर संज्ञान लेते हुए एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा ने दो महीने पहले ही जिला सचिवालय में शिफ्ट करने के लिए वैकल्पिक कमरा तैयार करवा दिया था, लेकिन रोजगार कार्यालय के
अधिकारी ने इसे शिफ्ट नहीं किया। बार-बार चेतावनी के बावजूद कमरे खाली न करने के बाद सभी कर्मचारियों
को बाहर निकाल कर ताला लगवा दिया। अब ये कर्मचारी ड्यूटी का
समय पूरा करने के लिए जिला परिषद कार्यालय के प्रांगण में पेड़ के नीचे बेंचों पर बैठे रहते हैं।
जिला रोजगार कार्यालय को दो महीने पहले जिला सचिवालय में नया कमरा आवंटित किया गया था, लेकिन विभाग के अधिकारी ने वहां शिफ्टिंग नहीं किया। इसको लेकर आगामी कार्रवाई के लिए इनके मुख्यालय को पत्र भी लिखा है। ये पूरा मामला डीसी की जानकारी में भी ला दिया गया है। -दीपक बाबूलाल कारवा, एडीसी