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Kaithal News: फेरबदल कराकर बनाई थार, भुगता चालान
Mon, 18 Nov 2024 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 18 Nov 2024 12:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ट्रैफिक पुलिस ने मॉडिफाई करवाकर थार का रूप दी गई बोलेरो गाड़ी का 23 हजार रुपये का चालान काटा है। ये गाड़ी 19 साल पुरानी है, जिसे मोडिफाई करवाया गया था। जांच के दौरान गाड़ी का ड्राइवर कोई रजिस्ट्रेशन कागजात नहीं दिखा पाया।
इस बोलेरो गाड़ी का सिरसा के डबवाली शहर में एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद इसे कबाड़ी को बेच दिया गया। युवक ने कबाड़ी से बोलेरो को खरीदकर इसे नई थार गाड़ी के रूप में मोडिफाइड करा दिया।
जानकारी के अनुसार, कैथल में पदमा सिटी मॉल के पास वाहनों की जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने देखा कि गाड़ी में लगभग दो फीट चौड़े टायर लगे थे। आगे पीछे मोटे मोटे अक्षरों में जातिसूचक शब्द लिखे हुए थे। असल बात तब निकलकर सामने आई, जब चालान करने के बाद मोडिफाइड गाड़ी को पुलिस थाने ले जाकर इसका रिकॉर्ड खंगाला। ये कोई थार जीप नहीं थी, बल्कि बोलेरो गाड़ी थी। जो 19 साल पुरानी थी।
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कैथल ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि मोडिफाइड जीप का चालान काटकर इंपाउंड किया गया है। एजेंसी से जो गाड़ियां या बाइक आते हैं, वो ट्रैफिक नियमों के मानकों के अनुसार होते हैं। मॉडिफिकेशन करवाना नियमों के खिलाफ है।
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कैथल। ट्रैफिक पुलिस ने मॉडिफाई करवाकर थार का रूप दी गई बोलेरो गाड़ी का 23 हजार रुपये का चालान काटा है। ये गाड़ी 19 साल पुरानी है, जिसे मोडिफाई करवाया गया था। जांच के दौरान गाड़ी का ड्राइवर कोई रजिस्ट्रेशन कागजात नहीं दिखा पाया।
इस बोलेरो गाड़ी का सिरसा के डबवाली शहर में एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद इसे कबाड़ी को बेच दिया गया। युवक ने कबाड़ी से बोलेरो को खरीदकर इसे नई थार गाड़ी के रूप में मोडिफाइड करा दिया।
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जानकारी के अनुसार, कैथल में पदमा सिटी मॉल के पास वाहनों की जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने देखा कि गाड़ी में लगभग दो फीट चौड़े टायर लगे थे। आगे पीछे मोटे मोटे अक्षरों में जातिसूचक शब्द लिखे हुए थे। असल बात तब निकलकर सामने आई, जब चालान करने के बाद मोडिफाइड गाड़ी को पुलिस थाने ले जाकर इसका रिकॉर्ड खंगाला। ये कोई थार जीप नहीं थी, बल्कि बोलेरो गाड़ी थी। जो 19 साल पुरानी थी।
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कैथल ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि मोडिफाइड जीप का चालान काटकर इंपाउंड किया गया है। एजेंसी से जो गाड़ियां या बाइक आते हैं, वो ट्रैफिक नियमों के मानकों के अनुसार होते हैं। मॉडिफिकेशन करवाना नियमों के खिलाफ है।