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Kaithal News: माता के जयकारों से गूंजे मंदिर
Thu, 11 Apr 2024 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 11 Apr 2024 02:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। कठोर साधना और ब्रह्म में लीन रहने के कारण इन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया है।
सुबह पांच बजे ही माता की पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में महिलाएं व पुरुष मंदिरों में पहुंचने लगते हैं। मंदिरों में सुबह से ही माता के जयकारे लगने शुरू हो गए थे, जो देर रात तक लगते हरे।
शहर के श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर स्थित देवी मंदिर, हनुमान वाटिका स्थित माता मंदिर, कोठी देवी मंदिर, बड़ी देवी मंदिर, शिव शक्ति धाम स्थित माता मंदिर सहित शहर में अन्य सभी मंदिरों में पूजा अर्चना हुई। कई महिलाएं श्रद्धालुओं ने पूरे नौ दिन के लिए अपने घरों में माता की ज्योत प्रज्वलित किया है।
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यह ज्योत 24 घंटे निरंतर जलती रहती है। महिला शीतल, पूजा, मुकेश, संजना, तमन्ना, सोनिया, काजल ने कहा कि वह हर नवरात्र को अपने घरों में माता रानी की ज्योत जलाते हैं। माता की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
उधर, अन्य कस्बों में भी नवरात्र पर मंदिरों को खूब सजाया गया है। सुबह से भक्त उमड़ रहे हैं।
भक्तिपूर्ण माहौल
राजौंद। दूसरे नवरात्र पर बुधवार को नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने लगाए जयघोषों से नगर के वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। सुबह चार बजे से ही दुर्गा मंदिर, भद्रकाली मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, गांव में स्थित बाबा बहादुर बण मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना कर मां जगदम्बे भवानी से मंगल कामना की प्रार्थना की। नवरात्रों के पावन अवसर पर मंदिरों को खूब सजाया गया है। श्रद्धालुओं ने नवरात्र के दूसरे दिन नव दुर्गा के दूसरे रूप मेंं मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। संवाद
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कैथल। नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। कठोर साधना और ब्रह्म में लीन रहने के कारण इन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया है।
सुबह पांच बजे ही माता की पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में महिलाएं व पुरुष मंदिरों में पहुंचने लगते हैं। मंदिरों में सुबह से ही माता के जयकारे लगने शुरू हो गए थे, जो देर रात तक लगते हरे।
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शहर के श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर स्थित देवी मंदिर, हनुमान वाटिका स्थित माता मंदिर, कोठी देवी मंदिर, बड़ी देवी मंदिर, शिव शक्ति धाम स्थित माता मंदिर सहित शहर में अन्य सभी मंदिरों में पूजा अर्चना हुई। कई महिलाएं श्रद्धालुओं ने पूरे नौ दिन के लिए अपने घरों में माता की ज्योत प्रज्वलित किया है।
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यह ज्योत 24 घंटे निरंतर जलती रहती है। महिला शीतल, पूजा, मुकेश, संजना, तमन्ना, सोनिया, काजल ने कहा कि वह हर नवरात्र को अपने घरों में माता रानी की ज्योत जलाते हैं। माता की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
उधर, अन्य कस्बों में भी नवरात्र पर मंदिरों को खूब सजाया गया है। सुबह से भक्त उमड़ रहे हैं।
भक्तिपूर्ण माहौल
राजौंद। दूसरे नवरात्र पर बुधवार को नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने लगाए जयघोषों से नगर के वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। सुबह चार बजे से ही दुर्गा मंदिर, भद्रकाली मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, गांव में स्थित बाबा बहादुर बण मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना कर मां जगदम्बे भवानी से मंगल कामना की प्रार्थना की। नवरात्रों के पावन अवसर पर मंदिरों को खूब सजाया गया है। श्रद्धालुओं ने नवरात्र के दूसरे दिन नव दुर्गा के दूसरे रूप मेंं मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। संवाद