फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Tehsildar suspended

Kaithal News: लापरवाही और रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने के आरोप में तहसीलदार निलंबित

Sat, 24 May 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 24 May 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
Tehsildar suspended
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन




कलायत (कैथल)। हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने कलायत के तहसीलदार दिनेश ढिल्लों को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एडीसी जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उपायुक्त, सिरसा का कार्यालय रहेगा और वे उपायुक्त की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

यह मामला डीएसपी कैथल के गाड़ी चालक सुखविंद्र सिंह की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत के अनुसार उनकी छोटी बहन रीना गांव चौशाला की निवासी है। वर्ष 2017 में पति की मृत्यु के बाद तीन बच्चों के साथ वहां रह रही है। परिवार की चार एकड़ पुश्तैनी भूमि में से दो एकड़ जमीन धोखे से किसी अन्य के नाम करवा ली गई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि तहसीलदार दिनेश ढिल्लो ने जानबूझकर रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने के लिए मामले की सुनवाई नहीं की और कार्यवाही से परहेज किया।
विज्ञापन


इस मामले में एडीसी द्वारा की गई जांच की गई। जांच में सामने आया कि तहसीलदार ने अपने रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने के लिए पटवारी, कानूनगो व नायब तहसीलदार की रिपोर्ट को दर किनार कर खुद से कार्यालय में बैठ कर झूठी रिपोर्ट बना दी जबकि शिकायतकर्ता पक्ष को बुलाया ही नहीं गया। जांच में पाया गया की वर्ष 2023-24 में भी उक्त जमीन का आबियाना मनीष के नाम से जमा हुआ है। शिकायतकर्ता द्वारा तहसीलदार पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन




सरकारी आदेशों के अनुसार निलंबन की अवधि के पहले छह माह के दौरान तहसीलदार दिनेश ढिल्लों हरियाणा सिविल सेवा नियम (सामान्य) 2016 के नियम 83 के तहत निर्वाह भत्ते के पात्र रहेंगे। यह भत्ता उस वेतन के बराबर होगा जो वह अर्ध वेतन पर अवकाश लेने की स्थिति में प्राप्त करते। इसके लिए उन्हें प्रमाण-पत्र देना होगा कि वह इस अवधि में किसी अन्य रोजगार, व्यवसाय या पेशे में संलग्न नहीं हैं। यह आदेश वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की ओर से 1169-ई-5-2025/4535 चंडीगढ़ के तहत जारी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed