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Kaithal News: विद्यार्थियों को खगोलीय घटनाओं का अध्ययन कराएंगे शिक्षक
Mon, 24 Apr 2023 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 24 Apr 2023 03:07 AM IST
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कैथल। सरकारी स्कूलों में यजुर्वेदशाला के नाम से बनने वाली एस्ट्रोनॉमी लैब अब जल्द शुरू होंगी। शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। लैब के माध्यम से शिक्षक उच्च कक्षाओं के स्कूली विद्यार्थियों को खगोलीय घटनाओं का अध्ययन करवाएंगे। विभाग ने मई से लैब शुरू करने की बात कही है। यजुर्वेदशाला बनाने के लिए राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा संबंधित खंड के अन्य एक प्रतिष्ठित स्कूल को लैब बनाने के लिए चयनित किया जाएगा। इन लैबों में विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षित व प्रशिक्षित किया जाएगा। यहां से प्रशिक्षण लेने के बाद विद्यार्थियों को एस्ट्रोनॉमी के क्षेत्र में बड़े संस्थानों में प्रवेश के दौरान भी आसानी होगी।
जानकारी के अनुसार खगोल एक ऐसा शास्त्र है जिसके तहत पृथ्वी और उसके वायुमंडल के बाहर होने वाली घटनाओं का अवलोकन किया जाता है और विश्लेषण व उसकी व्याख्या की जाती है। ये आकाश में अवलोकन संबंधित क्रियाओं को जानने का जरिया है। साथ ही इन क्रियाओं में बदलाव का अध्ययन करता है। कैथल जिले में लैब बनाने के लिए राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका, क्योडक़, पूंडरी, सीवन, राजौंद व कलायत को चुना गया है। इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुहला, बाबा लदाना, कमालपुर, पबनावा, सौंगरी-गुलियाणा व राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीवन में भी यजुर्वेद शाला बनाई जाएंगी।
शिक्षकों को दिया विशेष प्रशिक्षण
समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक सुरेंद्र आर्य व सहायक परियोजना अधिकारी कुशल कुमार ने बताया कि एससीईआरटी गुरुग्राम से जिले के 12 शिक्षक इस संबंध में प्रशिक्षण लेकर लौटे हैं। उनको वहां टेलीस्कोप, आकाश में तारों की आकृति व अंतरिक्ष के बारे में जानकारी दी गई है। लैब शुरू होने के साथ ही शिक्षक इन सबके बारे में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेंगे।
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जानकारी के अनुसार खगोल एक ऐसा शास्त्र है जिसके तहत पृथ्वी और उसके वायुमंडल के बाहर होने वाली घटनाओं का अवलोकन किया जाता है और विश्लेषण व उसकी व्याख्या की जाती है। ये आकाश में अवलोकन संबंधित क्रियाओं को जानने का जरिया है। साथ ही इन क्रियाओं में बदलाव का अध्ययन करता है। कैथल जिले में लैब बनाने के लिए राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका, क्योडक़, पूंडरी, सीवन, राजौंद व कलायत को चुना गया है। इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुहला, बाबा लदाना, कमालपुर, पबनावा, सौंगरी-गुलियाणा व राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीवन में भी यजुर्वेद शाला बनाई जाएंगी।
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शिक्षकों को दिया विशेष प्रशिक्षण
समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक सुरेंद्र आर्य व सहायक परियोजना अधिकारी कुशल कुमार ने बताया कि एससीईआरटी गुरुग्राम से जिले के 12 शिक्षक इस संबंध में प्रशिक्षण लेकर लौटे हैं। उनको वहां टेलीस्कोप, आकाश में तारों की आकृति व अंतरिक्ष के बारे में जानकारी दी गई है। लैब शुरू होने के साथ ही शिक्षक इन सबके बारे में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेंगे।
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