समझदारी ने बचाई जान: चलती बस में अध्यापक को आया हार्ट अटैक, रोडवेज परिचालक ने दी CPR
हरियाणा के कैथल में रोडवेज परिचालक ने सीपीआर तकनीक से अध्यापक की जान बचाई है। बस में यात्रा करते समय हार्ट अटैक आया था। अध्यापक बड़सीकरी में कार्यरत है। चालक-परिचालक की हर जगह तारीफ हो रही है।
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हरियाणा के कैथल में रोडवेज परिचालक ने सोमवार को सीपीआर तकनीक से एक अध्यापक की जान बचाई। यह अध्यापक दोपहर के समय बड़सीकरी से कलायत के लिए कमालपुर से कलायत जाने वाली बस में घर जाने के लिए सवार हुआ था। रास्ते में ही अचानक उसे हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद बस के परिचालक सतीश ने सीपीआर तकनीक से उसकी जान बचाई। परिचालक के इस कार्य के बाद रोडवेज प्रबंधन चालक व परिचालक की खूब प्रशंसा की जा रही है। इस घटना के बाद रोडवेज के जीएम अजय गर्ग ने दोनों कर्मचारियों को सराहा है।
परिचालक सतीश ने बताया कि दोपहर करीब ढा़ई बजे वह कमालपुर से कलायत जा रहे थे। उस समय बड़सीकरी से एक अध्यापक अश्वनी बस में चढ़े। कुछ देर बाद ही बस में बैठे हुए उन्हें हार्ट अटैक आया। इसके बाद उन्होंने तुरंत ही उन्हें सीपीआर दी। कुछ समय तक तो उनकी सांसें फूल गई थी। इसके बाद तुरंत ही अश्वनी को कुछ आराम आ गया और वह ठीक हो गए।
जानकारी देते रोडवेज के स्टाफ सदस्य।
रोडवेज के जीएम अजय गर्ग ने दोनों कर्मचारियों की सूझबूझ से एक अध्यापक की जान बची है। यह काफी सराहनीय है। अपनी ड्यूटी के साथ ही जरूरतमंद व बीमार की सहायता करना भी सबसे बड़ी सेवा होती है। यह कार्य अब चालक व परिचालकों ने किया है।
रोडवेज कर्मियों की सूझबूझ से बची थी क्रिकेटर पंत की जान
हरियाणा रोडवेज के कर्मियों की वजह से अनेक बार विभाग को गर्व करने का मौका मिला है। चाहे वह किसी के खोए हुए पैसे लौटाकर इमानदारी का परिचय देना हो या फिर किसी की अन्य मदद करना हो। हरियाणा रोडवेज के पानीपत डिपो के कर्मियों ने क्रिकेटर ऋषभ पंत की जान भी बचाई थी, जिसपर उन्हें हरियाणा और उत्तराखंड सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया।
30 दिसंबर 2022 को सड़क हादसे में पंत बुरी तरह चोटिल हो गए थे। चालक-परिचालक ने कार में आग लगने से पहले पंत को बाहर निकाल लिया था और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेज दिया था। जान बचाने वाले करनाल जिले के बल्ला गांव के रोडवेज चालक सुशील कुमार और परिचालक परमजीत को गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
ऋषभ पंत की मां सरोज ने भी सुशील व परमजीत के पास अपना संदेश भेजा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे पहले ऋषभ को कार से निकाला था। वो ठीक होकर दोनों से जरूर मिलेंगे।