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175 बच्चों को पीछे मात्र 4 अध्यापक
ब्यूरो कैथल
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:49 AM IST
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बच्चों का भविष्य अंधकार में
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पिलनी गांव स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में है। लंबे समय से चली आ रही कमी के बाद परिजनों ने सरकार व प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द स्कूल में अध्यापकों की कमी को पूरा नहीं किया गया तो वे अपने बच्चों को स्कूल में नहीं भेजेंगे। पिलनी स्थित स्कूल में कुल 175 बच्चे पढ़ते हैं। जिनके ऊपर मात्र 4 ही अध्यापक है।
स्कूल में गणित, सामाजिक के 2, संस्कृति, ड्राइंग के अध्यापकों के पद काफी समय से खाली पड़े हैं। प्रशासन को इस मामले में अवगत करवाने के बाद भी प्रशासन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता दिखाए दे रहा है। परिजन अजमेर, बलवान, कृष्ण, रामनिवास ने बताया कि स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए भेजा जाता है, लेकिन स्कूल में जब कोई अध्यापक ही नहीं होगा तो बच्चे पढ़ेंगे कहां से और उनके भविष्य का क्या होगा, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है। पिलनी स्कूल में मात्र 4 अध्यापक हैं। जिसमें से 1 अध्यापक की ड्यूटी तो मिड डे मील को तैयार करने पर लगी होती है। अब मात्र 3 अध्यापकों के सिर पर 175 बच्चों का भविष्य टिका हुआ है। अध्यापकों की कमी का आलम यह है कि सुबह से लेकर शाम तक स्कूल में लगने वाली कक्षाएं हमेशा खाली होती है। बच्चे बिना किसी अध्यापक के स्वयं ही तैयारी करते देखे जा सकते हैं। लेकिन मार्ग दर्शक न होने की वजह से उनको पढ़ाई करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
स्कूल में चल रही अध्यापकों की कमी और बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूल इंचार्ज तान सिंह बच्चों की पढ़ाई पूरी कराने के लिए प्राइमरी स्कूल के अध्यापकों से आग्रह कर बच्चों की कक्षाएं लगवाते हैं। जिससे आने वाले पेपरों में वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें। स्कूल इंचार्ज तान सिंह ने बताया कि स्कूल में अध्यापकों की कमी के बारे में उन्होंने प्रशासन को अवगत करवा दिया है।
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स्कूल में गणित, सामाजिक के 2, संस्कृति, ड्राइंग के अध्यापकों के पद काफी समय से खाली पड़े हैं। प्रशासन को इस मामले में अवगत करवाने के बाद भी प्रशासन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता दिखाए दे रहा है। परिजन अजमेर, बलवान, कृष्ण, रामनिवास ने बताया कि स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए भेजा जाता है, लेकिन स्कूल में जब कोई अध्यापक ही नहीं होगा तो बच्चे पढ़ेंगे कहां से और उनके भविष्य का क्या होगा, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है। पिलनी स्कूल में मात्र 4 अध्यापक हैं। जिसमें से 1 अध्यापक की ड्यूटी तो मिड डे मील को तैयार करने पर लगी होती है। अब मात्र 3 अध्यापकों के सिर पर 175 बच्चों का भविष्य टिका हुआ है। अध्यापकों की कमी का आलम यह है कि सुबह से लेकर शाम तक स्कूल में लगने वाली कक्षाएं हमेशा खाली होती है। बच्चे बिना किसी अध्यापक के स्वयं ही तैयारी करते देखे जा सकते हैं। लेकिन मार्ग दर्शक न होने की वजह से उनको पढ़ाई करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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स्कूल में चल रही अध्यापकों की कमी और बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूल इंचार्ज तान सिंह बच्चों की पढ़ाई पूरी कराने के लिए प्राइमरी स्कूल के अध्यापकों से आग्रह कर बच्चों की कक्षाएं लगवाते हैं। जिससे आने वाले पेपरों में वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें। स्कूल इंचार्ज तान सिंह ने बताया कि स्कूल में अध्यापकों की कमी के बारे में उन्होंने प्रशासन को अवगत करवा दिया है।
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