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Kaithal News: सुंदरिये मुंदरिये हो, तेरा कौन विचारा होय...

Wed, 14 Jan 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 14 Jan 2026 01:16 AM IST
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sundariye mundariye ho, tera kaun vichaara hoy...
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले भर में मंगलवार को लोहड़ी पर गली-चौराहों में रौनक दिखी। पर्व की धूमधाम के साथ सुंदरिये मुंदरिये हो तेरा कौन विचारा होय..... गीत की गूंज सुनाई दी। शाम होते-होते ढोल की आवाज गूंजने लगी। लोगों ने अपने घरों के बाहर तो कहीं घरों के अंदर ही लोहड़ी प्रज्ज्वलित कर खुशियां मनाई। इस मौके पर युवाओं में जोश और उत्साह दिखा। शिक्षण संस्थानों में भी लोहड़ी पर कार्यक्रमों के आयोजन किए गए।

लोहड़ी समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह उत्सव नई फसल के आगमन, सूर्य के प्रति आभार और सामाजिक एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस मौके पर लोगों ने अलाव जलाकर, पारंपरिक लोकगीतों पर नृत्य करके, और मूंगफली व रेवड़ी बांटकर खुशियां मनाईं। लोग अलाव के चारों ओर घूमकर तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी जैसी चीजें अग्नि को अर्पित करते दिखे।
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छात्राओं ने लोकगीतों पर पेश किया भांगड़ा-गिद्दा
कैथल। इंदिरा गांधी (पीजी) महिला महाविद्यालय में मंगलवार को पारंपरिक त्योहार लोहड़ी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में छात्राओं ने लोकगीतों पर भांगड़ा-गिद्दा पेश कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
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छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों ने पारंपरिक पंजाबी परिधान पहनकर उत्सव में भाग लिया। इस मौके पर सुंदर मुंदरिये होय से कॉलेज परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत लोहड़ी की पवित्र अग्नि प्रज्वलन के साथ हुई। कॉलेज प्रबंधक समिति के प्रधान राम बहादुर खुरानिया ने तिल, मूंगफली, रेवड़ी एवं गुड़ अर्पित कर सुख:समृद्धि की कामना की गई। लोक संस्कृति, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का सुंदर संदेश दिया गया। प्राचार्या डॉ. आरती गर्ग व सांयकालीन सत्र में प्राचार्या प्रभारी श्वेता तंवर ने छात्राओं को कहा कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है जो हमें प्रकृति, परिश्रम और सामूहिकता के महत्व से जोड़ता है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान और सामाजिक एकता की भावना विकसित करते हैं। अंत में सभी स्टाफ सदस्यों ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं। संवाद
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