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Kaithal News: शिक्षकों के नाम पत्र लिख सम्मान प्रकट करेंगे विद्यार्थी
Sun, 01 Sep 2024 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 01 Sep 2024 02:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/करनाल। शिक्षक दिवस पर इस बार विद्यार्थी पारंपरिक तरीके से अपने शिक्षक, गुरु या आदर्श को पत्र लिखकर उनके प्रति अपने भाव और सम्मान प्रकट करेंगे। इसे लेकर राजकीय स्कूलों में खास तौर पर चार दिवसीय पत्र लेखन गतिविधि का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विद्यार्थियों को डाक घर का दौरा कराते हुए विभाग की कार्यप्रणाली व पत्र लिखने संबंधित प्रक्रिया से भी रूबरू कराया जाएगा।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी पत्र के अनुसार, इस गतिविधि को खास तौर पर कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के लिए आयोजित किया जाएगा। यदि स्कूल मुखिया चाहें तो इसे छठी से 12वीं कक्षा तक के लिए भी आयोजित कर सकता है।
विद्यार्थी स्कूली शिक्षक के अलावा कोई भी ऐसा व्यक्ति माता-पिता, भाई-बहन, कोच आदि जिसने उनके ज्ञान और विकास में योगदान दिया हो, उन्हें भी पत्र लिख सकते हैं।
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पत्र को निर्धारित प्रारूप में ही लिखना होगा। इसके लिए डाकघर से पोस्टकार्ड/अंतर्देशीय पत्र/लिफाफा, स्टैंप आदि खरीदना होगा। अभिभावकों या अध्यापकों की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि पत्र मान्य पते पर डाकघर के माध्यम से पहुंचे।
हिंदी या अंग्रेजी में निर्धारित शब्दों में लिखेंगे पत्र ः निपुण निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक कक्षा के लिए पत्र लिखने की शब्द सीमा भी निर्धारित की गई है। पत्र हिंदी या अंग्रेजी में लिख सकते हैं।
विद्यार्थियों को पत्र लेखन के लिए पोस्ट कार्ड, अंरदेशीय पत्र या ऐसे कागज
शीट का इस्तेमाल करना है, जिसे लिफाफे में डाल जा सकें।
यह गतिविधि न केवल छात्र-शिक्षक के संबंध को मजबूत करेगी, बल्कि बच्चों को पारंपरिक संवाद की खुशी और इस विशेष अवसर पर दिलों को जोड़ने में डाक प्रणाली के महत्व से भी परिचित कराएगी।
किस कक्षा के लिए कितनी शब्द सीमा
कक्षा तीसरी : 100 से 120 शब्द।
कक्षा चौथी : 120 से 200 शब्द।
कक्षा पांचवीं : 200 से 300 शब्द।
इस दिन होगी ये गतिविधि
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02 सितंबर (सुबह) : विद्यार्थी पोस्टकार्ड, लिफाफा, या डाक टिकट प्राप्त करने के लिए डाकघर का दौरा करेंगे।
n
02 सितंबर (स्कूल में) : विद्यार्थी पत्र प्राप्तकर्ता का सही पता पिन कोड आदि लिखने का अभ्यास करेंगे। पत्र के प्रारूप, निर्धारित ढांचे और निर्देशों के अनुसार पत्र का प्रारंभिक ड्रॉफ्ट तैयार करते हुए अभ्यास करेंगे।
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03 सितंबर (दोपहर पूर्व) : अपने ड्राफ्ट की प्रूफ रीडिंग करेंगे और जरूरत अनुसार सुधार करेंगे। लेखन में स्पष्टता, सामंजस्य और शुद्धता आदि पर शिक्षक ध्यान देंगे।
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03 सितंबर (दोपहर बाद) : शिक्षकों की मदद से ड्राफ्ट को सुधारने के बाद अतिम संस्करण को साफ-सुथरे ढंग से निर्धारित पोस्टकार्ड पर लिखेंगे। पत्र को अंतिम रूप में प्रस्तुत करने के लिए उचित प्रारूप, वर्तनी, व्याकरण, और विराम चिह्नों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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03 सितंबर (स्कूल के बाद) : विद्यार्थी अपने पत्र को पोस्ट करने के लिए शिक्षक या अभिभावकों के साथ डाकघर जाकर या लेटरबॉक्स का उपयोग करके भेजेंगे, इसकी फोटो अपने विचारों के साथ सोशल मीडिया पर डालेंगे।
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05 सिंतबर : शिक्षक दिवस पर छात्रों को इस गतिविधि में भाग लेने के अपने अनुभवों पर चिंतन करते हुए निबंध लिखने का अवसर मिलेगा। छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे उस व्यक्ति के साथ टेलीफोन/सोशल मीडिया से संपर्क में रहे, जिसे उन्होंने पत्र भेजा और यह विचार करें कि इस पत्र का उनके संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ा।
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कैथल/करनाल। शिक्षक दिवस पर इस बार विद्यार्थी पारंपरिक तरीके से अपने शिक्षक, गुरु या आदर्श को पत्र लिखकर उनके प्रति अपने भाव और सम्मान प्रकट करेंगे। इसे लेकर राजकीय स्कूलों में खास तौर पर चार दिवसीय पत्र लेखन गतिविधि का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विद्यार्थियों को डाक घर का दौरा कराते हुए विभाग की कार्यप्रणाली व पत्र लिखने संबंधित प्रक्रिया से भी रूबरू कराया जाएगा।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी पत्र के अनुसार, इस गतिविधि को खास तौर पर कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के लिए आयोजित किया जाएगा। यदि स्कूल मुखिया चाहें तो इसे छठी से 12वीं कक्षा तक के लिए भी आयोजित कर सकता है।
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विद्यार्थी स्कूली शिक्षक के अलावा कोई भी ऐसा व्यक्ति माता-पिता, भाई-बहन, कोच आदि जिसने उनके ज्ञान और विकास में योगदान दिया हो, उन्हें भी पत्र लिख सकते हैं।
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पत्र को निर्धारित प्रारूप में ही लिखना होगा। इसके लिए डाकघर से पोस्टकार्ड/अंतर्देशीय पत्र/लिफाफा, स्टैंप आदि खरीदना होगा। अभिभावकों या अध्यापकों की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि पत्र मान्य पते पर डाकघर के माध्यम से पहुंचे।
हिंदी या अंग्रेजी में निर्धारित शब्दों में लिखेंगे पत्र ः निपुण निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक कक्षा के लिए पत्र लिखने की शब्द सीमा भी निर्धारित की गई है। पत्र हिंदी या अंग्रेजी में लिख सकते हैं।
विद्यार्थियों को पत्र लेखन के लिए पोस्ट कार्ड, अंरदेशीय पत्र या ऐसे कागज
शीट का इस्तेमाल करना है, जिसे लिफाफे में डाल जा सकें।
यह गतिविधि न केवल छात्र-शिक्षक के संबंध को मजबूत करेगी, बल्कि बच्चों को पारंपरिक संवाद की खुशी और इस विशेष अवसर पर दिलों को जोड़ने में डाक प्रणाली के महत्व से भी परिचित कराएगी।
किस कक्षा के लिए कितनी शब्द सीमा
कक्षा तीसरी : 100 से 120 शब्द।
कक्षा चौथी : 120 से 200 शब्द।
कक्षा पांचवीं : 200 से 300 शब्द।
इस दिन होगी ये गतिविधि
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02 सितंबर (सुबह) : विद्यार्थी पोस्टकार्ड, लिफाफा, या डाक टिकट प्राप्त करने के लिए डाकघर का दौरा करेंगे।
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02 सितंबर (स्कूल में) : विद्यार्थी पत्र प्राप्तकर्ता का सही पता पिन कोड आदि लिखने का अभ्यास करेंगे। पत्र के प्रारूप, निर्धारित ढांचे और निर्देशों के अनुसार पत्र का प्रारंभिक ड्रॉफ्ट तैयार करते हुए अभ्यास करेंगे।
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03 सितंबर (दोपहर पूर्व) : अपने ड्राफ्ट की प्रूफ रीडिंग करेंगे और जरूरत अनुसार सुधार करेंगे। लेखन में स्पष्टता, सामंजस्य और शुद्धता आदि पर शिक्षक ध्यान देंगे।
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03 सितंबर (दोपहर बाद) : शिक्षकों की मदद से ड्राफ्ट को सुधारने के बाद अतिम संस्करण को साफ-सुथरे ढंग से निर्धारित पोस्टकार्ड पर लिखेंगे। पत्र को अंतिम रूप में प्रस्तुत करने के लिए उचित प्रारूप, वर्तनी, व्याकरण, और विराम चिह्नों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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03 सितंबर (स्कूल के बाद) : विद्यार्थी अपने पत्र को पोस्ट करने के लिए शिक्षक या अभिभावकों के साथ डाकघर जाकर या लेटरबॉक्स का उपयोग करके भेजेंगे, इसकी फोटो अपने विचारों के साथ सोशल मीडिया पर डालेंगे।
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05 सिंतबर : शिक्षक दिवस पर छात्रों को इस गतिविधि में भाग लेने के अपने अनुभवों पर चिंतन करते हुए निबंध लिखने का अवसर मिलेगा। छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे उस व्यक्ति के साथ टेलीफोन/सोशल मीडिया से संपर्क में रहे, जिसे उन्होंने पत्र भेजा और यह विचार करें कि इस पत्र का उनके संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ा।