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संस्कृत विश्वविद्यालय में पढ़ाई संग कमाई कर सकेंगे विद्यार्थी
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कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में मेधावी विद्यार्थियों को अर्न व्हाइल लर्न योजना के तहत छात्रवृत्ति देने के लिए सरकार ने स्वीकृति दे दी है। विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे मेधावी विद्यार्थियों के लिए शास्त्री पाठ्यक्रम में आधे सत्र की परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक और 75 प्रतिशत उपस्थिति पर बाकी आधे सत्र में 500 रुपये प्रति महीना छात्रवृत्ति दी जाएगी। शास्त्री पाठ्यक्रम के प्रत्येक विभाग से ऐसी तीन छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। इनमें से एक छात्रा के लिए आरक्षित रहेगी। शास्त्री पाठ्यक्रम में ऐसी 21 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी।
यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज ने दी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार आचार्य पाठ्यक्रम के लिए भी प्रत्येक विभाग में से विद्यार्थियों को दो छात्रवृत्तियां प्रदान की जाएंगी। अंक और उपस्थिति का नियम 75 प्रतिशत ही रहेगा। इस छात्रवृत्ति में 800 रुपये प्रति महीना राशि दी जाएगी। आचार्य के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति में हर विभाग से एक छात्रवृत्ति छात्रा के लिए आरक्षित होगी। पढ़ाई भी और कमाई भी योजना के तहत अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिदिन अधिकतम दो घंटे काम का अवसर दिया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के तहत शैक्षणिक वरीयता मेरिट व जरूरतमंद विद्यार्थियों को मौका दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित विद्यार्थियों को अपना आय प्रमाण-पत्र जमा करवाना होगा। योजना के तहत उन्हें 100 रुपये प्रति घंटा की दर से मानदेय दिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा 2400 रुपये प्रति माह होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इसके अलावा प्रवेश संबंधित योग्यता में 60 से 74 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक शुल्क में 60 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
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डॉ. संजीव कुमार बने कुलसचिव
कुरुक्षेत्र विवि के कुलसचिव डॉ. संजीव कुमार को महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद का अतिरिक्त दायित्व प्रदान किया गया है। डॉ. संजीव कुमार ने 29 जुलाई को संस्कृत विवि कैथल के कुलसचिव का कार्यभार ग्रहण कर लिया।
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यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज ने दी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार आचार्य पाठ्यक्रम के लिए भी प्रत्येक विभाग में से विद्यार्थियों को दो छात्रवृत्तियां प्रदान की जाएंगी। अंक और उपस्थिति का नियम 75 प्रतिशत ही रहेगा। इस छात्रवृत्ति में 800 रुपये प्रति महीना राशि दी जाएगी। आचार्य के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति में हर विभाग से एक छात्रवृत्ति छात्रा के लिए आरक्षित होगी। पढ़ाई भी और कमाई भी योजना के तहत अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिदिन अधिकतम दो घंटे काम का अवसर दिया जाएगा।
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उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के तहत शैक्षणिक वरीयता मेरिट व जरूरतमंद विद्यार्थियों को मौका दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित विद्यार्थियों को अपना आय प्रमाण-पत्र जमा करवाना होगा। योजना के तहत उन्हें 100 रुपये प्रति घंटा की दर से मानदेय दिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा 2400 रुपये प्रति माह होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इसके अलावा प्रवेश संबंधित योग्यता में 60 से 74 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक शुल्क में 60 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
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डॉ. संजीव कुमार बने कुलसचिव
कुरुक्षेत्र विवि के कुलसचिव डॉ. संजीव कुमार को महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद का अतिरिक्त दायित्व प्रदान किया गया है। डॉ. संजीव कुमार ने 29 जुलाई को संस्कृत विवि कैथल के कुलसचिव का कार्यभार ग्रहण कर लिया।