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यूथ फेस्टिवल देखने पहुंचे विद्यार्थियों को नहीं मिला प्रवेश, हंगामा किया
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Students who came to see the youth festival did not get admission, created a ruckus
- फोटो : Kaithal
कैथल। जोनल यूथ फेस्टिवल का आनंद लेने के लिए कॉलेज पहुंचे विद्यार्थियों को कोरोना नियमों के कारण प्रवेश नहीं मिला। नाराज विद्यार्थियों ने आरकेएसडी कॉलेज के बाहर जमकर हंगामा किया। कॉलेज के बाहर हंगामा कर रहे विद्यार्थियों को मौके पर पहुंची पुलिस ने खदेड़ा। बाद में पुलिस व कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों को समझाया इसके बाद वे लौट गए।
दरअसल आरकेएसडी कॉलेज में शनिवार से शुरू हुए तीन दिवसीय जोनल यूथ फेस्टिवल के आयोजन के लिए 6 मंच बनाए गए हैं। विद्यार्थियों को शुक्रवार को कहा गया था कि वे अपने आईकार्ड व मास्क लेकर आएं, लेकिन रात को ही सरकार ने नए निर्देश जारी कर दिए कि 200 से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकते। इसी कारण विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह कॉलेज के बाहर पहुंचे विद्यार्थियों को नए नियम की जानकारी मिली। विद्यार्थी कॉलेज के गेट के बाहर एकत्रित हो गए। इसके बाद कॉलेज प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को अनियंत्रित होते देख कॉलेज प्रबंधन की ओर से सिटी पुलिस को मौके पर बुला लिया गया।
मौके पर पहुंचे दर्जनों पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को वहां से खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मी उनके पीछे लाठियां लेकर दौड़े तो विद्यार्थी कॉलेज के आसपास की तंग गलियों में घुस गए। बाद में पुलिसकर्मियों के कॉलेज के बाहर पहुंचते ही फिर से नारेबाजी करने लगे। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक विद्यार्थियों ने अंबाला रोड पर नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ जाम की स्थिति पैदा हो गई।
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विद्यार्थियों ने कहा कि कॉलेज में यूथ फेस्टिवल युवाओं के लिए करवाया गया है, लेकिन प्रबंधन ने उन्हीं के प्रवेश को रोक दिया है। ऐसे में कार्यक्रम आयोजित करवाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। अगर विद्यार्थियों को कॉलेज में कार्यक्रम देखने की अनुमति नहीं दी जाती तो यह कार्यक्रम ही रद्द कर देना चाहिए। अगर कार्यक्रम के दौरान ही विद्यार्थियों को कॉलेज में जाने की मनाही है तो फिर तो कक्षाएं भी बंद कर देनी चाहिए और ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर ऑनलाइन ही परीक्षाएं करवाई जाएं।
मौके पर पहुंचे सिटी एसएचओ देवेंद्र ने विद्यार्थियों को समझाया कि रात को ही सरकार के निर्देश आए है कि किसी भी कार्यक्रम में 200 से अधिक व्यक्तियों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है। इस कारण प्रबंधन की भी मजबूरी है। एसएचओ के समझाने के बाद विद्यार्थी लौट गए। इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार के निर्देश देर रात को जारी हुए। इस कारण वे विद्यार्थियों को अवगत नहीं करवा सके। उन्होंने कहा कि भले ही विद्यार्थियों को ज्यादा संख्या में कार्यक्रम स्थल पर एकत्र होने की अनुमति नहीं है, लेकिन इसके लिए कॉलेज की ओर से प्रबंध किया गया है। विद्यार्थी कॉलेज की वेबसाइट खोलकर पूरा कार्यक्रम ऑनलाइन देख सकते हैं। कॉलेज की ओर से कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण करने की सुविधा प्रदान की गई है।
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दरअसल आरकेएसडी कॉलेज में शनिवार से शुरू हुए तीन दिवसीय जोनल यूथ फेस्टिवल के आयोजन के लिए 6 मंच बनाए गए हैं। विद्यार्थियों को शुक्रवार को कहा गया था कि वे अपने आईकार्ड व मास्क लेकर आएं, लेकिन रात को ही सरकार ने नए निर्देश जारी कर दिए कि 200 से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकते। इसी कारण विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह कॉलेज के बाहर पहुंचे विद्यार्थियों को नए नियम की जानकारी मिली। विद्यार्थी कॉलेज के गेट के बाहर एकत्रित हो गए। इसके बाद कॉलेज प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को अनियंत्रित होते देख कॉलेज प्रबंधन की ओर से सिटी पुलिस को मौके पर बुला लिया गया।
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मौके पर पहुंचे दर्जनों पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को वहां से खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मी उनके पीछे लाठियां लेकर दौड़े तो विद्यार्थी कॉलेज के आसपास की तंग गलियों में घुस गए। बाद में पुलिसकर्मियों के कॉलेज के बाहर पहुंचते ही फिर से नारेबाजी करने लगे। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक विद्यार्थियों ने अंबाला रोड पर नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ जाम की स्थिति पैदा हो गई।
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विद्यार्थियों ने कहा कि कॉलेज में यूथ फेस्टिवल युवाओं के लिए करवाया गया है, लेकिन प्रबंधन ने उन्हीं के प्रवेश को रोक दिया है। ऐसे में कार्यक्रम आयोजित करवाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। अगर विद्यार्थियों को कॉलेज में कार्यक्रम देखने की अनुमति नहीं दी जाती तो यह कार्यक्रम ही रद्द कर देना चाहिए। अगर कार्यक्रम के दौरान ही विद्यार्थियों को कॉलेज में जाने की मनाही है तो फिर तो कक्षाएं भी बंद कर देनी चाहिए और ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर ऑनलाइन ही परीक्षाएं करवाई जाएं।
मौके पर पहुंचे सिटी एसएचओ देवेंद्र ने विद्यार्थियों को समझाया कि रात को ही सरकार के निर्देश आए है कि किसी भी कार्यक्रम में 200 से अधिक व्यक्तियों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है। इस कारण प्रबंधन की भी मजबूरी है। एसएचओ के समझाने के बाद विद्यार्थी लौट गए। इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार के निर्देश देर रात को जारी हुए। इस कारण वे विद्यार्थियों को अवगत नहीं करवा सके। उन्होंने कहा कि भले ही विद्यार्थियों को ज्यादा संख्या में कार्यक्रम स्थल पर एकत्र होने की अनुमति नहीं है, लेकिन इसके लिए कॉलेज की ओर से प्रबंध किया गया है। विद्यार्थी कॉलेज की वेबसाइट खोलकर पूरा कार्यक्रम ऑनलाइन देख सकते हैं। कॉलेज की ओर से कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण करने की सुविधा प्रदान की गई है।