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संस्कृति मॉडल स्कूलों के रोबोटिक्स में रूचि रखने वाले विद्यार्थी सीखेंगे रोबोट बनाना
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कैथल। जिले के छह संस्कृति मॉडल स्कूलों के रोबोटिक्स में रुचि रखने वाले विद्यार्थी अब रोबोट बनाना सीखेंगे। भविष्य में रोबोटिक्स के क्षेत्र में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने इन विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं लगाने का कार्य शुरू किया है। विद्यार्थियों को रोबोटिक्स का प्रशिक्षण देने के लिए विभाग ने एक निजी कंपनी से गठबंधन किया है। कंपनी की ओर से जिले के स्कूलों में तीन टीमें भेजी गई हैं। एक टीम को दो-दो स्कूलों में प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
टीमों के सदस्य पहले दिन एक ब्लॉक के स्कूल में और दूसरे दिन दूसरे ब्लॉक के स्कूल में बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इस प्रकार एक दिन छोड़कर ब्लॉक के अनुसार एक स्कूल में पांच कक्षाएं लगाई जानी हैं। उदाहरण के तौर पर जिस टीम को सीवन और गुहला के संस्कृति मॉडल स्कूल में प्रशिक्षण की जिम्मेवारी दी गई है, वह एक दिन गुहला में और एक दिन सीवन के स्कूल में कक्षाएं लगाएगी। एक टीम 10 दिन तक दो ब्लॉकों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेगी। कुल 360 विद्यार्थियों का किया गया है चयन-कैथल में छह संस्कृति मॉडल स्कूल हैं। इनमें क्योड़क, सीवन, गुहला, राजौंद, पूंडरी और कलायत के स्कूल शामिल हैं। प्रत्येक स्कूल में से कक्षा छठवीं से आठवीं तक के 30 और आठवीं से 12वीं तक के भी 30 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। ऐसे में सभी छह स्कूलों को मिलाकर 360 बच्चों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
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टीमों के सदस्य पहले दिन एक ब्लॉक के स्कूल में और दूसरे दिन दूसरे ब्लॉक के स्कूल में बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इस प्रकार एक दिन छोड़कर ब्लॉक के अनुसार एक स्कूल में पांच कक्षाएं लगाई जानी हैं। उदाहरण के तौर पर जिस टीम को सीवन और गुहला के संस्कृति मॉडल स्कूल में प्रशिक्षण की जिम्मेवारी दी गई है, वह एक दिन गुहला में और एक दिन सीवन के स्कूल में कक्षाएं लगाएगी। एक टीम 10 दिन तक दो ब्लॉकों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेगी। कुल 360 विद्यार्थियों का किया गया है चयन-कैथल में छह संस्कृति मॉडल स्कूल हैं। इनमें क्योड़क, सीवन, गुहला, राजौंद, पूंडरी और कलायत के स्कूल शामिल हैं। प्रत्येक स्कूल में से कक्षा छठवीं से आठवीं तक के 30 और आठवीं से 12वीं तक के भी 30 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। ऐसे में सभी छह स्कूलों को मिलाकर 360 बच्चों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
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