फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Students are forced to quench their thirst by melting ice in Ukraine

यूक्रेन में फंसे छात्र बर्फ को पिघलाकर पी रहे हैं पानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 01:04 AM IST
विज्ञापन
Students are forced to quench their thirst by melting ice in Ukraine
पूंडरी। यूक्रेन में अपार संकट झेल रहे भारतीय विद्यार्थियों को प्यास बुझाने के लिए बर्फ पिघलाकर पीनी पड़ रही है। चारों तरफ हाहाकार मचे होने के कारण सुरक्षित स्थान की तलाश में मीलों पैदल चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। भीड़ अधिक होने के कारण सात किलोमीटर की दूरी तय करने में 28 घंटे का समय लग गया। फरल गांव निवासी एडवोकेट घनश्याम राणा के पुत्र यशवंत राणा यूक्रेन का यह दृश्य बयां करते समय सिहर उठते हैं।
विज्ञापन

यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे यशवंत ने घर पहुंचने पर बताया कि बताया कि 24 फरवरी से पहले वह यूक्रेन में खुशी और चैन के पलों के साथ अपनी एमबीबीएस के पांचवें वर्ष की पढ़ाई में लगे थे। उन्हें पता नहीं था कि आने वाला सप्ताह इतनी कठिनाइयों से भरा होगा। यशवंत राणा ने बताया कि यूक्रेन उज्जगोरोद विश्वविद्यालय में वे 2017 से पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें 25 फरवरी को आना था लेकिन 24 फरवरी को कीव एयरपोर्ट पर बमबारी होने से वहीं फंस गए। उनके शहर से स्लोवाकिया का बॉर्डर महज सात किलोमीटर दूर है। मगर उन्हें सात किलोमीटर पैदल दूरी तय करने में लगभग 28 घंटे का समय लग गया। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो छात्र कीव और खारकीव में थे, उन्हें कितनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा होगा। रोमानिया, हंगरी और पोलैंड में प्रवेश के लिए तो काफी दिक्कतें हैं। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में भारत के लगभग 20 हजार छात्र थे। बताया कि 27 से दो मार्च तक इंडियन काउंसलर मनोज कुमार के कहने पर वेसिनेनमिस्के बॉर्डर पर लोगों में खाना वगैरह बांटने में खूब सहयोग किया। उन्होंने बताया कि अब भी कीव और खारकीव में सैंकड़ों भारतीय छात्र फंसे हैं। उन्हें पीने के पानी और खाने के लाले पड़े हैं। खारकीव और कीव में बिजली, पानी और खाद्य सामग्री की सप्लाई कटने से छात्र बर्फ पिघलाकर प्यास बुझाने को विवश हैं। छात्र बंकरों में छुपे बैठे हैं। उनके साथ भारत आए गोरखपुर के छात्र ने एटीएम से पैसे निकाले तो इसके बाद यूक्रेन के दो युवकों ने लूटपाट के इरादे से उस पर हमला कर दिया। इसमें उसकी बाजू चाकू के वार से जख्मी हो गई। अब विद्यार्थियों से कोई किराया नहीं लिया जा रहा है। बल्कि स्लोवाकिया में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी भारतीय छात्रों को ढांढस बंधाया और पूरा भरोसा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed