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Kaithal News: जिले के राजौंद, पूंडरी और कलायत में ही पकड़े जा रहे बेसहारा कुत्ते
Fri, 09 Jan 2026 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 09 Jan 2026 01:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/पूंडरी/कलायत/राजौंद/चीका। सुप्रीम कोर्ट और सरकार के आदेशों के बावजूद, कैथल नगर परिषद और नगर पालिका चीका में लावारिस कुत्तों को पकड़ने का अभियान अभी तक गति नहीं पकड़ पाया है। जबकि आदेश हैं कि सड़क पर घूम रहे बेसहारा कुत्तों को पकड़ कर नसबंदी आदि की जाए, नपा अधिकारी इसे पूरी तरह अमलीजामा नहीं पहन पा रहे हैं।
वहीं पूंडरी, कलायत और राजौंद में कुत्तों को पकड़ने का अभियान जारी है। नगरपालिका सचिव पूंडरी नरेश कुमार ने बताया कि शहर से हर दिन कुत्ते पकड़े जा रहे हैं। अब तक लगभग 150 कुत्ते पकड़े जा चुके हैं, जबकि कुल 350 कुत्तों को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी क्रम में कलायत में अब तक 177 बेसहारा कुत्ते पकड़े जा चुके हैं। कलायत में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान शुरू किया गया है। नोडल अधिकारी संजीव धीमान ने बताया कि नगर में सर्वे में 260 कुत्ते आवारा और 40 कुत्ते पालतू पाए गए। अब तक 177 आवारा कुत्ते पकड़े गए हैं।
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कलायत में नगरपालिका के पास आवारा कुत्तों के लिए कोई आश्रय स्थल उपलब्ध नहीं है, इसलिए पकड़े गए कुत्तों को जींद में बनाए गए आश्रय स्थल में ले जाया जा रहा है। नसबंदी के बाद उन्हें छह दिन के लिए वहां रखा जाएगा, उसके बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा।
राजौंद में अभियान लगभग समाप्त
राजौंद में अब तक लगभग 351 कुत्ते पकड़ कर नसबंदी की जा चुकी है। नगर पालिका सचिव नरेंद्र शर्मा ने बताया कि अधिकांश कुत्ते पकड़ लिए गए हैं। वार्ड नंबर 5 के गांव खुरड़ा में एक होम सेंटर भी बनाया जाएगा, जहां एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी।
कैथल और चीका में
पहल नहीं
कैथल। कैथल और चीका में बेसहारा कुत्तों पर नियंत्रण की ठोस व्यवस्था नहीं है। इसके कारण शहरों में हालात बिगड़ रहे हैं। गुहला के नागरिकों ने बताया कि सामान्य अस्पताल में हर महीने कुत्तों के काटने के 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन और नगरपालिका अधिकारी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।
कुछ दिनों पहले उपायुक्त अपराजिता ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जिले में बेसहारा कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी कार्य में तेजी लाई जाए। इसके लिए कैथल शहर में लैब के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर शीघ्र कार्य शुरू किया जाए। नगर आयुक्त कपिल शर्मा ने बताया था कि कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है
जनता की मांग
प्रवीण कुमार, दीपक कुमार, यशपाल गर्ग, विशाल गर्ग, अवतार सिंह और जरनैल उर्फ फौजी ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का ठोस समाधान करने की मांग की है, अन्यथा समस्या और भयावह हो सकती है। संवाद
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कैथल/पूंडरी/कलायत/राजौंद/चीका। सुप्रीम कोर्ट और सरकार के आदेशों के बावजूद, कैथल नगर परिषद और नगर पालिका चीका में लावारिस कुत्तों को पकड़ने का अभियान अभी तक गति नहीं पकड़ पाया है। जबकि आदेश हैं कि सड़क पर घूम रहे बेसहारा कुत्तों को पकड़ कर नसबंदी आदि की जाए, नपा अधिकारी इसे पूरी तरह अमलीजामा नहीं पहन पा रहे हैं।
वहीं पूंडरी, कलायत और राजौंद में कुत्तों को पकड़ने का अभियान जारी है। नगरपालिका सचिव पूंडरी नरेश कुमार ने बताया कि शहर से हर दिन कुत्ते पकड़े जा रहे हैं। अब तक लगभग 150 कुत्ते पकड़े जा चुके हैं, जबकि कुल 350 कुत्तों को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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इसी क्रम में कलायत में अब तक 177 बेसहारा कुत्ते पकड़े जा चुके हैं। कलायत में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान शुरू किया गया है। नोडल अधिकारी संजीव धीमान ने बताया कि नगर में सर्वे में 260 कुत्ते आवारा और 40 कुत्ते पालतू पाए गए। अब तक 177 आवारा कुत्ते पकड़े गए हैं।
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कलायत में नगरपालिका के पास आवारा कुत्तों के लिए कोई आश्रय स्थल उपलब्ध नहीं है, इसलिए पकड़े गए कुत्तों को जींद में बनाए गए आश्रय स्थल में ले जाया जा रहा है। नसबंदी के बाद उन्हें छह दिन के लिए वहां रखा जाएगा, उसके बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा।
राजौंद में अभियान लगभग समाप्त
राजौंद में अब तक लगभग 351 कुत्ते पकड़ कर नसबंदी की जा चुकी है। नगर पालिका सचिव नरेंद्र शर्मा ने बताया कि अधिकांश कुत्ते पकड़ लिए गए हैं। वार्ड नंबर 5 के गांव खुरड़ा में एक होम सेंटर भी बनाया जाएगा, जहां एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी।
कैथल और चीका में
पहल नहीं
कैथल। कैथल और चीका में बेसहारा कुत्तों पर नियंत्रण की ठोस व्यवस्था नहीं है। इसके कारण शहरों में हालात बिगड़ रहे हैं। गुहला के नागरिकों ने बताया कि सामान्य अस्पताल में हर महीने कुत्तों के काटने के 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन और नगरपालिका अधिकारी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।
कुछ दिनों पहले उपायुक्त अपराजिता ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जिले में बेसहारा कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी कार्य में तेजी लाई जाए। इसके लिए कैथल शहर में लैब के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर शीघ्र कार्य शुरू किया जाए। नगर आयुक्त कपिल शर्मा ने बताया था कि कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है
जनता की मांग
प्रवीण कुमार, दीपक कुमार, यशपाल गर्ग, विशाल गर्ग, अवतार सिंह और जरनैल उर्फ फौजी ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का ठोस समाधान करने की मांग की है, अन्यथा समस्या और भयावह हो सकती है। संवाद