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Kaithal News: सरस्वती के रिवर फ्रंट निर्माण में तेजी लाएं
Thu, 17 Jul 2025 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 17 Jul 2025 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन (कैथल)। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच ने बुधवार को कैथल जिले के पोलड़ गांव में सरस्वती नदी पर बन रहे रिवर फ्रंट परियोजना का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार की प्राथमिकता में है और इसे गंभीरता से समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। धूमन सिंह ने बताया कि सरस्वती नदी में करीब 400 किलोमीटर तक जल प्रवाह बहाल हो चुका है, जिससे आसपास के इलाकों में भूमिगत जल स्तर (रिचार्जिंग) में वृद्धि हुई है और किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में किसान हितैषी और संस्कृति-संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। पोलड़ गांव में बन रहा रिवर फ्रंट भी इसी सोच का हिस्सा है, जो करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहा है। यह स्थल आगामी समय में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
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धूमन सिंह किरमच ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि हमारी प्राचीन संस्कृति और धरोहरों को संरक्षित और प्रचारित किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ सके। इस अवसर पर सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के अधिकारी एवं अन्य स्थानीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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सीवन (कैथल)। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच ने बुधवार को कैथल जिले के पोलड़ गांव में सरस्वती नदी पर बन रहे रिवर फ्रंट परियोजना का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार की प्राथमिकता में है और इसे गंभीरता से समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। धूमन सिंह ने बताया कि सरस्वती नदी में करीब 400 किलोमीटर तक जल प्रवाह बहाल हो चुका है, जिससे आसपास के इलाकों में भूमिगत जल स्तर (रिचार्जिंग) में वृद्धि हुई है और किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में किसान हितैषी और संस्कृति-संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। पोलड़ गांव में बन रहा रिवर फ्रंट भी इसी सोच का हिस्सा है, जो करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहा है। यह स्थल आगामी समय में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
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धूमन सिंह किरमच ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि हमारी प्राचीन संस्कृति और धरोहरों को संरक्षित और प्रचारित किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ सके। इस अवसर पर सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के अधिकारी एवं अन्य स्थानीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।