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एग्रीस्टैक योजना के तहत यूनिक आईडी पंजीकरण में लाएं तेजी : एसडीएम
Thu, 15 Jan 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 15 Jan 2026 01:04 AM IST
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गुहला-चीका। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की यूनिक आईडी बनाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि गांवों में किसानों को योजना के बारे में गहन जानकारी देकर जागरूक किया जाए और अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
एसडीएम बुधवार को उपमंडल कार्यालय में एग्रीस्टैक योजना के संदर्भ में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए टीमों की संख्या बढ़ाई जाए तथा किसानों को यूनिक आईडी बनने के बाद मिलने वाले लाभों की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है।
एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत किसानों की यूनिक आईडी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए पंजीकरण प्रक्रिया को गति दी जाए।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला स्तर और मुख्यालय स्तर पर इस योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग द्वारा किए गए कार्य की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर एसडीएम कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीएम ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत प्रत्येक किसान को एक डिजिटल पहचान यानी यूनिक आईडी प्रदान की जा रही है, जिसे किसान के भूमि रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। इससे फसल ऋण, फसल बीमा, खाद-बीज सहित अन्य कृषि संबंधी सुविधाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि एग्रीस्टैक केवल एक पंजीकरण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे, सरल और पारदर्शी तरीके से प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है। सभी किसान अपने नजदीकी विशेष शिविर, तहसील कार्यालय अथवा खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में जाकर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं।
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एसडीएम बुधवार को उपमंडल कार्यालय में एग्रीस्टैक योजना के संदर्भ में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए टीमों की संख्या बढ़ाई जाए तथा किसानों को यूनिक आईडी बनने के बाद मिलने वाले लाभों की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
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एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है।
एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत किसानों की यूनिक आईडी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए पंजीकरण प्रक्रिया को गति दी जाए।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला स्तर और मुख्यालय स्तर पर इस योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग द्वारा किए गए कार्य की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर एसडीएम कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीएम ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत प्रत्येक किसान को एक डिजिटल पहचान यानी यूनिक आईडी प्रदान की जा रही है, जिसे किसान के भूमि रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। इससे फसल ऋण, फसल बीमा, खाद-बीज सहित अन्य कृषि संबंधी सुविधाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि एग्रीस्टैक केवल एक पंजीकरण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे, सरल और पारदर्शी तरीके से प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है। सभी किसान अपने नजदीकी विशेष शिविर, तहसील कार्यालय अथवा खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में जाकर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं।