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90 गांवों के लिए सोलिड-लिक्वड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम मंजूर
कैथ्ाल/ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:07 AM IST
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जिले के गांवों को स्वच्छता अभियान के तहत स्वच्छ बनाने के लिए पहले चरण में 90 गांवों में सोलिड-लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम मंजूर की गई है। जिसमें गांवों के ओवरफ्लो तालाबों के पानी को गांवों से बाहर निकाला जाएगा। जहां जरूरत होगी, वहां अतिरिक्त पानी को सिंचाई के तौर पर प्रयोग करने के लिए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। योजना के तहत प्रथम चरण में जिले में इन गांवों में 21 करोड़ 37 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
हर गांव की बड़ी समस्या है ओवरफ्लो तालाब
जिले के लगभग सभी गांवों में ओवरफ्लो तालाब बड़ी समस्या बने हुए हैं। गांवों में लगे सबमर्सीबल, नलों से लगातार पानी बहता रहने के कारण तालाब भरे हुए हैं। वहीं, ओवरफ्लो तालाबों का पानी निकल कर गलियों में जमा हो गया है। जिस कारण लोगों को परेशानी होती है। हर गांवों की इस समस्या को देखते हुए सरकार ने स्वच्छता अभियान के तहत सोलिड-लिक्विड मैनेजमेंट स्कीम स्वीकृत की है। जिले में कुल 272 गांवों में से 90 गांवों में पहले चरण में यह योजना लागू होगी। इसके बाद अगले 90 गांवों को इसमें किया जा सकता है।
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थ्री एवं फाइव पोंड सिस्टम लागू होगा
योजना के अनुसार जिन गांवों में तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं। उन गांवों में तालाब को तीन और पांच भागों में बांट कर थ्री और फाइव पोंड सिस्टम लागू किया जाएगा। ताकि गंदे व्यर्थ पानी को साफ करके सिंचाई के लिए प्रयोग किया जा सके। गांवों से ठोस कचरा उठान का भी प्रबंधन होगा। साथ ही सिंचाई के लिए पानी का प्रयोग करने हेतू जरूरत अनुसार मोटरें भी लगाई जाएंगी। जिनका संचालन ग्राम पंचायतों को करना होगा।
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प्रथम चरण में 21 करोड़ 37 लाख रुपये स्वीकृत
योजना के पहले चरण में जिले में 21 करोड़ 37 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें से 4 करोड़ 33 लाख रुपये का बजट जिलास्तर पर जारी भी कर दिया गया है। जिससे कई गांवों में शीघ्र ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
पहले चरण में हुआ है इन गांवों का चयन
योजना के अनुसार सरौला, अजीमगढ़, हंसू माजरा, थेह बुटाना, मस्तगढ़, टटियाना, कमहेड़ी, शहजादपुर, बौपर, घग्गड़पुर, बदसूई, रत्ता खेड़ा लुकमान, थेह नेवत, रेवाड़ जागीर, थेह मुकेरिया, छन्ना जाटान, करतार पुर, चानचक, खेड़ी दाबन, थेह बनहेड़ा, रत्ता खेड़ा, मैंगड़ा, पीड़ल, माजरी, थेह खरक, खरकां, दीवाल, धुंधरेहड़ी, सांपन खेड़ी, खेड़ी राय वाली, बरोट, टीक, कुलतारण, बाबा लदाना, पट्टी खौत, कठवाड़, नरड़, खुनारा, रोहेडिय़ां, चंदाना, सिसला, ग्योंग, शेरगढ़, प्यौदा, सिनद, वजीरनगर, बड़सीकरी खुर्द, कुराड़, ब्राह्मणीवाला, ढुंढवा, रामगढ़ पांडवा, भालंग, रमाना-रमानी, पाई, ढांड, जाजनपुर, म्यौली, चंदलाना, फरल, फतहेपुर, संगरौली, पिलनी, खेड़ी मटरवा, जड़ौला, पबनावा, सलीमपुर महदूद, बंदराना, बदनारा, बरसाना, सिरसल, रसीना, मुन्नारेहड़ी, साकरा, कौल, माजरा रोहेड़ा, संतोख माजरा, खेड़ी रायवाली, तारागढ़, किच्छाना, माजरा नंदकरण, मांडी, अटैला, खेड़ी गुलाम अली, ककहेड़ी, डोहर, जनेदपुर, सौथा पहाड़पुर, कसौर व मांझला शामिल हैं।
योजना के तहत जिले में 90 गांवों में सोलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट को मंजूरी दी है। जिले में पहले चरण में इन गांवों में 21 करोड़ 37 लाख रुपये की राशि खर्च आने का अनुमान है। 4.33 करोड़ रुपया जिला प्रशासन को मिल गया है। सरकार के आदेशानुसार शीघ्र ही काम शुरू करवाया जा रहा है।
राकेश कुमार
कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज, कैथल।