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छतों पर लगाना होगा सोलर पावर प्लांट
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:49 AM IST
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सोलर प्लांट
- फोटो : dummy
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सरकार ने छह प्रकार के भवनों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाया जाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए विभाग ने विशेष नीति बनाई है। जिसका लाभ उठाकर लोग सोलर पावर का प्रयोग कर सकते हैं। सरकार द्वारा एक लाख मेगावाट पावर का उत्पादन सोलर पावर से किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से 40 हजार मेगावाट क्षमता केवल रूफ टॉप या घरों की छतों पर लगने वाले सोलर पावर प्लांट से प्राप्त किया जाना है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसे दृष्टिगत रखते हुए गत मार्च माह में गुड़गांव में आयोजित हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट के अवसर पर हरियाणा सोलर पावर पॉलिसी-2016 को जारी किया था।
सीमित कोयले के भंडारों के चलते सरकार सोलर एनर्जी को बड़े ऊर्जा स्रोत के रूप में देख रही है। इसी कारण इसके प्रयोग को बढ़ावा दिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं हरियाणा की भौगोलिक स्थिति के अनुसार प्रदेश में वर्ष भर में लगभग 300 दिनों से ज्यादा सूर्य की रोशनी उपलब्ध रहती है, जिससे प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार द्वारा इस क्षेत्र में निवेशकों को प्रेरित करने के लिए यह पॉलिसी जारी की गई है। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सौर ऊर्जा का प्रयोग करते हुए स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाना है।
इन श्रेणियों में किया गया है अनिवार्य
सरकारी विभागों, संस्थानों तथा निजी क्षेत्र की संस्थाओं, वाणिज्यिक परिसरों, उद्योगों तथा अस्पतालों, 500 वर्ग गज प्लाट में बने रिहायशी भवनों एवं नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, हुडा, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत विकास निगम के सेक्टरों, निजी शैक्षणिक संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, होस्टल, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों, सरकारी भवनों एवं कार्यालयों, राजकीय महाविद%
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सीमित कोयले के भंडारों के चलते सरकार सोलर एनर्जी को बड़े ऊर्जा स्रोत के रूप में देख रही है। इसी कारण इसके प्रयोग को बढ़ावा दिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं हरियाणा की भौगोलिक स्थिति के अनुसार प्रदेश में वर्ष भर में लगभग 300 दिनों से ज्यादा सूर्य की रोशनी उपलब्ध रहती है, जिससे प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार द्वारा इस क्षेत्र में निवेशकों को प्रेरित करने के लिए यह पॉलिसी जारी की गई है। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सौर ऊर्जा का प्रयोग करते हुए स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाना है।
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इन श्रेणियों में किया गया है अनिवार्य
सरकारी विभागों, संस्थानों तथा निजी क्षेत्र की संस्थाओं, वाणिज्यिक परिसरों, उद्योगों तथा अस्पतालों, 500 वर्ग गज प्लाट में बने रिहायशी भवनों एवं नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, हुडा, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत विकास निगम के सेक्टरों, निजी शैक्षणिक संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, होस्टल, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों, सरकारी भवनों एवं कार्यालयों, राजकीय महाविद%
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