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धोखाधड़ी के दोषी दो छह महीने की कैद
कैथल
Updated Tue, 04 Mar 2014 11:53 PM IST
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धोखाधड़ी कर प्लॉट को दोबारा बेचते हुए जान से मारने की धमकी देने के मामले में अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश कैथल आरएस चौधरी की अदालत ने दोषी को छह महीने की कैद 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। आरोपी को पूर्व में निचली अदालत द्वारा छह माह कैद की सजा सुनाई थी, जिसकी अपील खारिज करते हुए न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाई है।
पुलिस प्रवक्ता आरएल खटकड़ ने बताया कैथल वासी सज्जन कुमार ने 5 अगस्त, 2004 को सलेमपुर वासी जोगिंदर सिंह से 80,000 रुपये में एक प्लॉट खरीद कर रजिस्ट्री व इंतकाल अपने नाम करवा लिया था। बाद में पता चला कि आरोपी जोगिंदर सिंह ने इस प्लॉट का पहले भी चीका वासी कुलविंदर सिंह से 50 हजार रुपये में सौदा किया हुआ था। 15 जुलाई, 2002 को रजिस्ट्री न करवाने कारण कुलविंदर ने गुहला अदालत में सिविल सूट दायर कर दिया था तथा न्यायालय के माध्यम से सरकारी खजाने में राशी जमा करवा कर 19 नवंबर, 2004 को रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली।
शिकायतकर्ता सज्जन कुमार की रजिस्ट्री निरस्त होने पर उसने धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज करवाया था। प्रवक्ता ने बताया गुहला पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी जोगिंदर को 9 फरवरी, 2007 को गिरफ्तार एक मार्च को चालान तैयार करने के बाद अभियोग न्यायालय के सुपुर्द कर दिया जिसमें एसडीजेएम गुहला अदालत द्वारा दोषी जोगिंदर सिंह को जब 31 जनवरी, 2012 को छह माह की सजा सुनाई तो उसने फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में याचिका दायर की थी। आरएस चौधरी की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए दोषी को उपरोक्त सजा सुनाई है।
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पुलिस प्रवक्ता आरएल खटकड़ ने बताया कैथल वासी सज्जन कुमार ने 5 अगस्त, 2004 को सलेमपुर वासी जोगिंदर सिंह से 80,000 रुपये में एक प्लॉट खरीद कर रजिस्ट्री व इंतकाल अपने नाम करवा लिया था। बाद में पता चला कि आरोपी जोगिंदर सिंह ने इस प्लॉट का पहले भी चीका वासी कुलविंदर सिंह से 50 हजार रुपये में सौदा किया हुआ था। 15 जुलाई, 2002 को रजिस्ट्री न करवाने कारण कुलविंदर ने गुहला अदालत में सिविल सूट दायर कर दिया था तथा न्यायालय के माध्यम से सरकारी खजाने में राशी जमा करवा कर 19 नवंबर, 2004 को रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली।
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शिकायतकर्ता सज्जन कुमार की रजिस्ट्री निरस्त होने पर उसने धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज करवाया था। प्रवक्ता ने बताया गुहला पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी जोगिंदर को 9 फरवरी, 2007 को गिरफ्तार एक मार्च को चालान तैयार करने के बाद अभियोग न्यायालय के सुपुर्द कर दिया जिसमें एसडीजेएम गुहला अदालत द्वारा दोषी जोगिंदर सिंह को जब 31 जनवरी, 2012 को छह माह की सजा सुनाई तो उसने फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में याचिका दायर की थी। आरएस चौधरी की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए दोषी को उपरोक्त सजा सुनाई है।
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