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Kaithal News: जेल पहुंचीं बहनें, राखियां बांध हुईं भावुक
Thu, 31 Aug 2023 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 31 Aug 2023 01:16 AM IST
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कैथल। जिला जेल परिसर में रक्षाबंधन पर्व पर वहां पहुंचीं बहनें भाइयों को राखियां बांधकर भावुक हो गईं। यहां पहली बार ऐसा भव्य कार्यक्रम हुआ, जब कैदियों और बंदियों को राखी बांधने के लिए आई बहनों की हर प्रकार से सहायता जेल प्रबंधन ने की।
जेल प्रबंधन की ओर से ही बहनों को राखी, मिठाई और तिलक लगाने के लिए सिंदूर व रक्षाबंधन से संबंधित अन्य सामान उपलब्ध करवाया गया। बहनों के लिए जलपान की प्रबंध भी था। शाम के समय कैदियों के लिए खीर भी बनाई।
हालांकि मौका पर्व का था, लेकिन माहौल उस समय गमगीन हो गया, जब बहनें अपने कैदी या बंदी भाइयों को राखी बांधते समय भावुक हो गई। किसी ने अपने भाई को गले से लगा लिया तो कोई भाई अपनी बहन के पैरों में लिपट गया। पंजाब, राजस्थान व हरियाणा सहित अन्य जगहों से बहनें राखी बांधने के लिए जिला जेल में पहुंची। परिजनों व बच्चों को जेल परिसर के बाहर बैठने की सुविधा दी गई।
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जिला जेल में सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध रहे। राखी बांधने आई बहनों और अन्य परिजनों को बारी-बारी परिसर में प्रवेश दिया गया। सुबह साढ़े आठ बजे ही प्रवेश शुरू हो गया था और यह सिलसिला सायं तक जारी रहा। एक कैदी से मिलने के लिए जितने भी परिजन आए सबको मिलाया गया। शाम तक सैकड़ों कैदी व बंदियों को बहनों ने रखी बांधी। बीच में स्टॉल लगाकर एक ओर बहनें खड़ी हो गई व दूसरी ओर भाइयों को खड़े कर राखियां बंधवाने का समय दिया गया।
जिला जेल अधीक्षक संजय बांगड़ व उप अधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि महानिदेशक कारागार के आदेशानुसार जेल परिसर में कार्यक्रम हुआ। शाम तक करीब 350 कैदी व बंदियों ने बहनों से राखियां बंधवाई। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत जिला पुलिस का भी सहयोग लिया गया। इस अवसर पर सहायक अधीक्षक अजीत सिंह व नरेश कुमार भी मौजूद रहे।
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जेल प्रबंधन की ओर से ही बहनों को राखी, मिठाई और तिलक लगाने के लिए सिंदूर व रक्षाबंधन से संबंधित अन्य सामान उपलब्ध करवाया गया। बहनों के लिए जलपान की प्रबंध भी था। शाम के समय कैदियों के लिए खीर भी बनाई।
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हालांकि मौका पर्व का था, लेकिन माहौल उस समय गमगीन हो गया, जब बहनें अपने कैदी या बंदी भाइयों को राखी बांधते समय भावुक हो गई। किसी ने अपने भाई को गले से लगा लिया तो कोई भाई अपनी बहन के पैरों में लिपट गया। पंजाब, राजस्थान व हरियाणा सहित अन्य जगहों से बहनें राखी बांधने के लिए जिला जेल में पहुंची। परिजनों व बच्चों को जेल परिसर के बाहर बैठने की सुविधा दी गई।
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जिला जेल में सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध रहे। राखी बांधने आई बहनों और अन्य परिजनों को बारी-बारी परिसर में प्रवेश दिया गया। सुबह साढ़े आठ बजे ही प्रवेश शुरू हो गया था और यह सिलसिला सायं तक जारी रहा। एक कैदी से मिलने के लिए जितने भी परिजन आए सबको मिलाया गया। शाम तक सैकड़ों कैदी व बंदियों को बहनों ने रखी बांधी। बीच में स्टॉल लगाकर एक ओर बहनें खड़ी हो गई व दूसरी ओर भाइयों को खड़े कर राखियां बंधवाने का समय दिया गया।
जिला जेल अधीक्षक संजय बांगड़ व उप अधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि महानिदेशक कारागार के आदेशानुसार जेल परिसर में कार्यक्रम हुआ। शाम तक करीब 350 कैदी व बंदियों ने बहनों से राखियां बंधवाई। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत जिला पुलिस का भी सहयोग लिया गया। इस अवसर पर सहायक अधीक्षक अजीत सिंह व नरेश कुमार भी मौजूद रहे।