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श्रवण, कीर्तन और स्मरण भक्ति के तीन मार्ग
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11-कैथल। हनुमान वाटिका परिसर में इस्कान प्रचार समिति द्वारा आयोजित श्रीमद़्भागवत कथा में भजनों प?
- फोटो : Kaithal
कैथल। इस्कॉन प्रचार समिति की तरफ से भगवान कृष्ण-बलराम रथयात्रा महोत्सव पर हनुमान वाटिका में रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. आरडी चावला व प्रेमचंद गोयल ने दीप प्रज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर कथा व्यास साक्षी गोपाल दास ने सुखदेव जन्म और परीक्षित मिलन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति के लिए श्रवण, कीर्तन और स्मरण तीन मार्ग हैं। जब हमें भगवान की कृपा प्राप्त होती है तो हमारे जीवन में कोई शुद्ध संत आता है, जो हमें भगवत प्राप्ति का मार्ग दिखाता है। जब हमारे जीवन में कोई शुद्ध संत आता है तक हमें भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
साक्षी गोपाल दास ने बताया कि भगवान कृष्ण ने श्रीमद्भागवत कथा में मानव जाति के लिए समस्त उपचार बताए है। यदि मनुष्य कथा के अनुसार जीवन व्यतीत करें तो उसे किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होता। उन्होंने बताया कि कलयुग के प्रभाव से लोग पथभ्रष्ट हो रहे हैं। भगवान की भक्ति के लिए हमें मानव जीवन मिला है। इस दौरान उन्होंने 12 महाजनों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इन महाजनों के बताए मार्ग पर चलने वाले को भगवत प्राप्ति होती है।
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श्रवण करना, कीर्तन करना, और स्मरण करना, यह तीनों भक्ति के अलग-अलग माध्यम है। भगवान की भक्ति करने के लेकिन इन तीनों का एक साथ लाभ हमें श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से उठा सकते हैं। कथा का समापन विशाल भंडारे के साथ किया। इस मौके पर समिति के प्रेस सचिव एडवोकेट नीरज गर्ग, आशीष गर्ग, राज गुलाटी, दीपक अग्रवाल, अमित गर्ग, सुशील गुप्ता, सुमित, भारत मदान, पंकज संजीव, बलविंद्र, रमेश, अमित गर्ग मौजूद थे।
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इस अवसर पर कथा व्यास साक्षी गोपाल दास ने सुखदेव जन्म और परीक्षित मिलन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति के लिए श्रवण, कीर्तन और स्मरण तीन मार्ग हैं। जब हमें भगवान की कृपा प्राप्त होती है तो हमारे जीवन में कोई शुद्ध संत आता है, जो हमें भगवत प्राप्ति का मार्ग दिखाता है। जब हमारे जीवन में कोई शुद्ध संत आता है तक हमें भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
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साक्षी गोपाल दास ने बताया कि भगवान कृष्ण ने श्रीमद्भागवत कथा में मानव जाति के लिए समस्त उपचार बताए है। यदि मनुष्य कथा के अनुसार जीवन व्यतीत करें तो उसे किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होता। उन्होंने बताया कि कलयुग के प्रभाव से लोग पथभ्रष्ट हो रहे हैं। भगवान की भक्ति के लिए हमें मानव जीवन मिला है। इस दौरान उन्होंने 12 महाजनों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इन महाजनों के बताए मार्ग पर चलने वाले को भगवत प्राप्ति होती है।
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श्रवण करना, कीर्तन करना, और स्मरण करना, यह तीनों भक्ति के अलग-अलग माध्यम है। भगवान की भक्ति करने के लेकिन इन तीनों का एक साथ लाभ हमें श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से उठा सकते हैं। कथा का समापन विशाल भंडारे के साथ किया। इस मौके पर समिति के प्रेस सचिव एडवोकेट नीरज गर्ग, आशीष गर्ग, राज गुलाटी, दीपक अग्रवाल, अमित गर्ग, सुशील गुप्ता, सुमित, भारत मदान, पंकज संजीव, बलविंद्र, रमेश, अमित गर्ग मौजूद थे।