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Kaithal News: 10 रुपये के नोटों की किल्लत, रोजमर्रा का लेन-देन प्रभावित
Sun, 01 Feb 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:41 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में इन दिनों 10 रुपये के नोटों की भारी कमी आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। बाजार, बैंक और सार्वजनिक परिवहन—हर जगह छोटे नोटों के अभाव की समस्या साफ नजर आ रही है।
हालात ऐसे बन गए हैं कि रोजमर्रा के लेन-देन में लोगों को खुले पैसे के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक दुकान से दूसरी दुकान तक खुल्ले की तलाश में भटकना लोगों की मजबूरी बन गया है।
सबसे ज्यादा परेशानी बस, ई-रिक्शा और ऑटो में सफर करने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही है। किराया देने के समय 10 रुपये के नोट न होने से अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। बाजारों में दुकानदार भी खुले तौर पर स्वीकार कर रहे हैं कि उनके पास 10 रुपये के नोट उपलब्ध नहीं हैं। सब्जी मंडी, किराना दुकान, चाय-नाश्ते की दुकानों और मेडिकल स्टोर पर छोटे नोटों की मांग सबसे अधिक रहती है, लेकिन सप्लाई न के बराबर है।
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दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक 100 और 200 रुपये के नोट तो आसानी से दे देते हैं, लेकिन वापस करने के लिए खुले पैसे नहीं मिल पाते। ऐसे में कई बार ग्राहक को कम सामान लेना पड़ता है या फिर उधार लिखवाने की नौबत आ जाती है, जिससे असहज स्थिति पैदा होती है।
दुकानदारों को रोज झेलनी पड़ रही दिक्कत ः शहर के मुख्य बाजार में दुकानदार रामकिशन ने बताया कि सुबह से शाम तक ग्राहक आते हैं, लेकिन 10 रुपये के नोट मिलते ही नहीं। कई बार तो खुद ग्राहकों से ही खुले पैसे मांगने पड़ते हैं। इस वजह से कई बार बहस और कहासुनी की स्थिति भी बन जाती है।
ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी मुश्किल
ई-रिक्शा चालक सतीश ने बताया कि सवारियां अक्सर 50 या 100 रुपये का नोट देती हैं, लेकिन उनके पास खुले पैसे नहीं होते। कई बार यात्रियों से बहस हो जाती है, तो कई बार उन्हें अपनी जेब से पैसे लगाने पड़ते हैं।
यात्रियों को भी रोज हो रही परेशानी
यात्रियों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। दफ्तर जाने वाले यात्री रोहित शर्मा ने बताया कि हर रोज ऑटो में सफर के दौरान खुले पैसे को लेकर दिक्कत होती है। कभी ड्राइवर खुल्ले देने से मना कर देता है, तो कभी ज्यादा पैसे देकर समझौता करना पड़ता है।
बैंकों से भी नहीं मिल रहे छोटे नोट
जींद रोड स्थित किराना दुकानदार सतीश कुमार ने बताया कि बैंकों से भी अब 10 रुपये के नोट नहीं मिल पा रहे हैं। पहले बैंक से नोटों के बंडल मिल जाते थे, लेकिन अब वहां भी मना कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में सफर करने वाले लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। बस, ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को रोजाना सैकड़ों यात्रियों से छोटे किराए लेने होते हैं, लेकिन 10 रुपये के नोट न होने से चालक और यात्री दोनों ही असहज स्थिति में आ जाते हैं।
10 रुपये के नोटों की सप्लाई सीमित
पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक गौरव चावला ने बताया कि 10 रुपये के नोटों की सप्लाई फिलहाल सीमित है। उन्होंने कहा कि लोगों में यह चर्चा है कि 10 रुपये के नोटों की छपाई बंद हो गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती। वर्तमान में 10 रुपये के नोटों की आपूर्ति कम है, इसी वजह से शाखाओं में भी इसकी कमी देखी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बैंकों में 10 रुपये के सिक्के भी फिलहाल नहीं आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग 10 रुपये के सिक्के को लेन-देन में स्वीकार नहीं कर रहे हैं, यह सिर्फ उनका वहम है। यह सिक्का पूरी तरह वैध है और हर जगह मान्य है।
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कैथल। जिले में इन दिनों 10 रुपये के नोटों की भारी कमी आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। बाजार, बैंक और सार्वजनिक परिवहन—हर जगह छोटे नोटों के अभाव की समस्या साफ नजर आ रही है।
हालात ऐसे बन गए हैं कि रोजमर्रा के लेन-देन में लोगों को खुले पैसे के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक दुकान से दूसरी दुकान तक खुल्ले की तलाश में भटकना लोगों की मजबूरी बन गया है।
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सबसे ज्यादा परेशानी बस, ई-रिक्शा और ऑटो में सफर करने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही है। किराया देने के समय 10 रुपये के नोट न होने से अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। बाजारों में दुकानदार भी खुले तौर पर स्वीकार कर रहे हैं कि उनके पास 10 रुपये के नोट उपलब्ध नहीं हैं। सब्जी मंडी, किराना दुकान, चाय-नाश्ते की दुकानों और मेडिकल स्टोर पर छोटे नोटों की मांग सबसे अधिक रहती है, लेकिन सप्लाई न के बराबर है।
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दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक 100 और 200 रुपये के नोट तो आसानी से दे देते हैं, लेकिन वापस करने के लिए खुले पैसे नहीं मिल पाते। ऐसे में कई बार ग्राहक को कम सामान लेना पड़ता है या फिर उधार लिखवाने की नौबत आ जाती है, जिससे असहज स्थिति पैदा होती है।
दुकानदारों को रोज झेलनी पड़ रही दिक्कत ः शहर के मुख्य बाजार में दुकानदार रामकिशन ने बताया कि सुबह से शाम तक ग्राहक आते हैं, लेकिन 10 रुपये के नोट मिलते ही नहीं। कई बार तो खुद ग्राहकों से ही खुले पैसे मांगने पड़ते हैं। इस वजह से कई बार बहस और कहासुनी की स्थिति भी बन जाती है।
ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी मुश्किल
ई-रिक्शा चालक सतीश ने बताया कि सवारियां अक्सर 50 या 100 रुपये का नोट देती हैं, लेकिन उनके पास खुले पैसे नहीं होते। कई बार यात्रियों से बहस हो जाती है, तो कई बार उन्हें अपनी जेब से पैसे लगाने पड़ते हैं।
यात्रियों को भी रोज हो रही परेशानी
यात्रियों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। दफ्तर जाने वाले यात्री रोहित शर्मा ने बताया कि हर रोज ऑटो में सफर के दौरान खुले पैसे को लेकर दिक्कत होती है। कभी ड्राइवर खुल्ले देने से मना कर देता है, तो कभी ज्यादा पैसे देकर समझौता करना पड़ता है।
बैंकों से भी नहीं मिल रहे छोटे नोट
जींद रोड स्थित किराना दुकानदार सतीश कुमार ने बताया कि बैंकों से भी अब 10 रुपये के नोट नहीं मिल पा रहे हैं। पहले बैंक से नोटों के बंडल मिल जाते थे, लेकिन अब वहां भी मना कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में सफर करने वाले लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। बस, ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को रोजाना सैकड़ों यात्रियों से छोटे किराए लेने होते हैं, लेकिन 10 रुपये के नोट न होने से चालक और यात्री दोनों ही असहज स्थिति में आ जाते हैं।
10 रुपये के नोटों की सप्लाई सीमित
पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक गौरव चावला ने बताया कि 10 रुपये के नोटों की सप्लाई फिलहाल सीमित है। उन्होंने कहा कि लोगों में यह चर्चा है कि 10 रुपये के नोटों की छपाई बंद हो गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती। वर्तमान में 10 रुपये के नोटों की आपूर्ति कम है, इसी वजह से शाखाओं में भी इसकी कमी देखी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बैंकों में 10 रुपये के सिक्के भी फिलहाल नहीं आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग 10 रुपये के सिक्के को लेन-देन में स्वीकार नहीं कर रहे हैं, यह सिर्फ उनका वहम है। यह सिक्का पूरी तरह वैध है और हर जगह मान्य है।