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शिमला ने दूसरी बार रचा इतिहास, सर्वसम्मति से रामचंद्र वाल्मीकि को चुना सरपंच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 02:30 AM IST
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Shimla created history for the second time unanimously elected Ramchandra Valmiki as Sarpanch
उपमंडल के गांव शिमला ने पूर्व का इतिहास दोहराते हुए सरपंच पद के लिए फिर से सर्वसम्मति बना ली है। गांव के 14 पंचों के नाम पर भी सर्वसम्मति बनाने के लिए गांव में पंचायतों का दौर जारी है। चार पंचों पर सर्वसम्मति हो चुकी है।
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गांव शिमला का सरपंच पद इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। गांव में बसने वाली तीन अनुसूचित जातियों से करीब सात उम्मीदवार मैदान में थे। तीनों ही अनुसूचित जातियों के गणमान्य लोगों ने अपने स्तर पर पंचायतों का आयोजन किया। उसके बाद समूचे गांव की तीन पंचायतें हुईं। रविवार को जिले सिंह मोर की अध्यक्षता में संपन्न हुई महापंचायत में सभी ने उनकी योग्यता को ध्यान में रख कर रामचंद्र वाल्मीकि के नाम पर सर्वसम्मति बनाई। जिले सिंह मोर, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि सिया राम मोर, जोरा सिंह, रामफल ड्राइवर, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, पवन मोर ने बताया कि सामाजिक भाईचारे और विकास की निरंतर गति को तवज्जो देते हुए पूरे गांव ने फिर से चौधर के लिए सर्वसम्मति बनाई है। उन्होंने बताया कि गांव में सभी 14 पंचों व ब्लाक समिति के लिए भी सर्वसम्मति बनाए जाने के प्रयास जारी हैं तथा गांव के सहयोग से ये होकर रहेगा। इस मौके पर जिले सिंह मोर, रामफल ड्राइवर, सिया राम, रतिराम, जोरा सिंह, ओमप्रकाश, रामकला, महेंद्र, राजेंद्र, सत्यवान, सुभाष, उदय सिंह पंच, कृष्ण कुमार, पवन मोर, दीपक, विक्रम, राकेश, राजेंद्र, अभिमन्यु, गोलू, गगन, जगदीश, राजा, बलवान सिंह, जुगती राम, हुक्म सिंह, महावीर सहित बड़ी संख्या में सभी जातियों के युवा मौजूद रहे।
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219 साल पुराना है गांव शिमला का इतिहास-
जिला कैथल और जिला जींद की सीमा पर बसे अंतिम गांव शिमला का खेड़ा 1803 में छातर गांव से आकर बांधा गया था। रतिराम, जिले सिंह रामफल आदि ने बताया इस समय 11वीं पीढ़ी गांव में निवास कर रही है। उन्होंने बताया कि गांव की कुल आबादी पांच हजार की है। गांव में 36 सौ मतदाता हैं। गांव का कुल रकबा 20 हजार बीघे का है। गांव में 12 जातियां व उपजातियां रहती हैं। गांव में रमना, तिहाई, हरिजन, वाल्मीकि व पिछड़े वर्ग की कुल पांच चौपाल हैं। गांव में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के अलावा प्राथमिक कन्या और प्राथमिक लड़कों का स्कूल है। पिछली प्लान में ग्राम सचिवालय, पशु अस्पताल, लाइब्रेरी, गलियां, नालियों व ग्राम विकास पर लगभग चार करोड़ रुपये सरकार द्वारा दिए गए थे।
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जिन योजनाओं पर रहेगा नई पंचायत का ध्यान-
रामचंद्र वाल्मीकि ने कहा कि गांव ने उन पर भरोसा जताते हुए जो जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है, वे उस पर हर हाल में खरा उतरेंगे। इस समय गांव में पीने के पानी की व्यवस्था, भाखड़ा जल परियोजना को पूरा करवाना, गांव में पीएचसी बनवाना, गांव में खेल स्टेडियम का निर्माण करवाना, गांव में पार्क के अलावा गांव को हरित गांव बनाना प्रमुख लक्ष्य रहेगा।
महापंचायत में ये लोग रहे प्रमुख
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